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    Tata AIG General Insurance Co. Ltd. v. Smt. Anju

    STATE CONSUMER DISPUTES REDRESSAL COMMISSION

    UTTAR PRADESH

    FIRST APPEAL NO. SC/9/A/1768/2023

    Tata AIG General Insurance Co. Ltd. PRESENT ADDRESS - 1st Floor, Lotus Tower Near Community Centre, New Friends Colony, New Delhi-110025,UTTAR PRADESH.

    .......Appellant(s)

    Versus

    Smt. Anju

    PRESENT ADDRESS - R/O Village-Kali Shikarpur, Post-Khas Dist.- Shamli,UTTAR PRADESH. .......Respondent(s)

    BEFORE:

    HON'BLE MR. JUSTICE AJAI KUMAR SRIVASTAVA , PRESIDENT

    FOR THE APPELLANT:

    Tata AIG General Insurance Co. Ltd.

    FOR THE RESPONDENT:

    Smt. Anju

    DATED: 11/12/2025

    ORDER

    राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, उ0प्र0, लखनऊ

    (सुरक्षित)

    अपील सं0- 1768/2023 (जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, शामली द्वारा परिवाद सं0- 41/2016 में पारित निर्णय एवं आदेश दिनांक 04.09.2023 के विरुद्ध)

    Tata AIG General Insurance Company Limited 1St Floor, Lotus Tower Near Community Centre, New Friends Coloney, New Delhi 110025

    ……….Appellant

    Versus

    1

    Smt. Anju w/o Late Arvind Kumar R/o Vill.- Kail Shikarpur, Post- Khas District- Shamli

    ……..Respondent

    समक्ष:-

    माननीय न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष।

    अपीलार्थी की ओर से उपस्थित : श्री महेन्द्र कुमार मिश्रा, योग्य अधिवक्ता।

    प्रत्यर्थी की ओर से उपस्थित : कोई नहीं।

    दिनांक:- 11.12.2025

    माननीय न्यायमूर्ति श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, अध्यक्ष द्वारा उद्घोषित निर्णय

    1. अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत अपील जिला उपभोक्ता आयोग, शामली द्वारा परिवाद संख्या- 41/2016 में पारित आलोच्य निर्णय एवं आदेश दिनांक 04.09.2023 से क्षुब्ध होकर योजित की गई है जिसके माध्यम से विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा अधोलिखित आदेश पारित किया गया है:-

    परिवदिनी का परिवाद विरूद्ध विपक्षी स्वीकार किया जाता है। विपक्षी बीमा कम्पनी को आदेशित किया जाता है कि विपक्षी, परिवादिनी को उसके पति की बीमित राशि अंकन-2,00,000(दो लाख) रूपये मय 9 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सूचना की तिथि 13.05.2016 से भुगतान की तिथि तक तथा परिवादिनी को विपक्षी के कृत्य से हुई शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति हेतु अंकन-50,000(पचास हजार) रूपये और वाद व्यय अंकन-5,000(पांच हजार) रूपये इस आदेश से 45 दिवस के अंदर अदा करे। आदेश का अनुपालन नहीं करने पर विपक्षी के विरूद्ध उपभोक्ता अधिनियम, 2019 की धारा-71 व 72 के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी। पत्रावली नियमानुसार दाखिल दफ्तर की जावे।

    2. पीठ द्वारा अपीलार्थी के योग्य अधिवक्ता के तर्कों को विस्तारपूर्वक सुना गया। आलोच्य निर्णय एवं आदेश तथा पत्रावली पर उपलब्ध अभिलेखो ं का सम्यक परीक्षण व परिशीलन किया

    2

    गया। प्रत्यर्थी के पक्ष से कोई उपस्थित नहीं है जब कि आदेश दिनांकित 27.06.2025 के माध्यम से प्रत्यर्थी पर नोटिस का तामीला पर्याप्त अवधारित किया गया है।

    3. सुसंगत तथ्य इस प्रकार हैं कि परिवादिनी के पति अरविन्द कुमार पुत्र सोहनवीर सिंह ट्रक सं0- यू0पी0 12टी-2201 के मालिक थे, जिन्होंने विपक्षी बीमा कम्पनी से बीमा पालिसी सं0- 015574589100 लिये थे जिसकी वैधता अवधि दिनांक 19.01.2016 से दिनांक 18.01.2017 तक थी जिसके अंतर्गत ट्रक मालिक/ड्राइवर का व्यक्तिगत बीमा दो लाख रूपये का था जिसका प्रीमियम अदा किया गया था। परिवादिनी के पति अरविन्द कुमार दिनांक 04.05.2016 को बहैसियत ट्रक मालिक/ड्राइवर उक्त ट्रक को चलाकर ले जा रहे थे तथा अमजद होटल कैराना पहुंचने पर स्ट्रेस व स्ट्रेन होने पर दुर्घटना में उनकी मृत्य ुहो गई जिसकी प्रथम सूचना रिपोर्ट थाना कैराना में दर्ज करायी गई जिसका नं0- 69/2035 है। मृतक अरविन्द कुमार के पास ट्रक चलाने का वैध चालक लाईसेंस था तथा वे एक कशुल चालक थे।

    4. यह भी कथन किया गया है कि परिवादनी ने दिनांक 13.05.2016 को विपक्षी बीमा कम्पनी के टोल फ्री नं-18002667780 पर क्लेम दर्ज कराया जिसका नम्बर-0820163087ए है तब विपक्षी बीमा कम्पनी के अधिकारी द्वारा यह अवगत कराया गया कि परिवादिनी के यहां जांच अधिकारी जांच करने जायेंगे, परन्तु 10 दिन बीत जाने के उपरांत भी जांच करने हेत ुकोई अधिकारी नहीं आये। दिनांक 13.05.2016 को परिवादनी के रिश्तेदार अमरीश कुमार ने एक प्रार्थना पत्र के साथ पालिसी, डी0एल0, आर0सी0, परमिट, फिटनेस, तथा प्रथम सूचना रिपोर्ट रजिस्टर्ड डाक से विपक्षी बीमा कम्पनी को प्रेषित किये जिसका रजिस्टर्ड नं0-1332336256आई.एन. था, जो दिनांक 16.05.2016 को विपक्षी को प्राप्त हो गया था, परन्त ुविपक्षी बीमा कम्पनी द्वारा पत्र दिनांकित 13.05.2016 व समस्त कागजात प्राप्त होने के बाद भी कोई कार्यवाही न करते हुये क्षतिपूर्ति की धनराशि का भुगतान नहीं किया गया जिससे क्षुब्ध होकर प्रस्तुत परिवाद संस्थित किया गया है।

    5. विपक्षी द्वारा अपने लिखित कथन में यह अभिकथन किया गया है कि परिवादनी के पति की पालिसी सं0- 015574589100 जो दिनांक 19.01.2016 से दिनांक 18.01.2017 तक वैध थी जिसमें उनका दो लाख रुपये का बीमा था। घटना के बाद परिवादिनी ने टोल फ्री नम्बर पर सूचना दी थी। यह भी कथन किया गया है कि परिवादनी ने मृतक की मृत्य ुके संदर्भ में कोई अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किये हैं तथा न ही मृतक अरविन्द कुमार के चालक लाइसेंस की छायाप्रति, मृत्यु प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं पुलिस जांच रिपोर्ट की प्रतियां बीमा कम्पनी को उपलब्ध नहीं करायी गई हैं। इस कारण बीमा कम्पनी द्वारा पालिसीधारक श्री अरविन्द कुमार की मृत्यु होने के तथ्य को स्वीकार नहीं किया गया। पालिसी के नियमों व शर्तों एवं आई0एम0टी0-17 के अनुसार एक्सीडेंटल डेथ नहीं मानी जायेगी। अत: बीमा कम्पनी क्लेम की कोई धनराशि अदा

    3

    करने हेतु उत्तरदायी नहीं है।

    6. अपीलार्थी के योग्य अधिवक्ता का तर्क है कि स्वीकृत रूप से प्रत्यर्थी/परिवादिनी के पति की मृत्यु हृदयाघात (हार्ट अटैक) से हुई है। अत: ऐसी दशा में इस तथ्य को आलोच्य निर्णय में स्वीकार करने के पश्चात भी विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा परिवाद को स्वीकार कर विधिक त्रुटि कारित किया गया है, क्योंकि प्रत्यक्षत: प्रत्यर्थी/परिवादिनी के पति की मृत्य ु किसी वाह्य Violent accidental external and visible means independently of any other cause से होना दर् शित नहीं होता है तथा हृदयाघात को इस श्रेणी में नहीं रखा गया है। अत: आलोच्य निर्णय व आदेश अविधिक एवं अधार्य है तथा अपास्त किये जाने योग्य है।

    7. बीमा पालिसी में व्यक्तिगत दुर्घटना के सम्बन्ध में अधोलिखित तथ्य उद्धरित किये गये हैं:-

    IMT17. Personal Accident Cover To Paid Drivers, Cleaners and Conductors.

    In consideration of the payment of an additional premium. It is hereby understood and agreed that the insurer undertakes to pay compensation on the scale provided below for bodily injury as hereinafter defined sustained by the paid driver/cleaner/conductor in the employ of the insured in direct connection with the vehicle insured whilst mounting into dismounting from or travelling in the insured vehicle and caused by violent accidental external and visible means which independently of any other cause shall within six calendar months of the occurrence of such injury result in;

    8. प्रत्यर्थी/परिवादिनी के पति बीमित थे जिनकी अविवादित रूप से मृत्य ुहृदयाघात (हार्ट अटैक) से हुई है। ऐसी दशा में शाब्दिक रूप से निवर्चन किये जाने पर यह ''caused by violent accidental external and visible means which independently of any other cause'' की श्रेणी मे ं प्रथम दृष्टया होना प्रतीत ही नहीं होता है। अत: पीठ का यह सुविचारित मत है कि पालिसी में समाहित उपरोक्त वर्णित शब्द का उचित निर्वचन किये बिना ही आलोच्य निर्णय एवं आदेश पारित किया गया है जो अधार्य है। पारिणामिक रूप से अपील स्वीकार किये जाने योग्य है।

    आदेश

    9. अपील स्वीकार की जाती है। विद्वान जिला उपभोक्ता आयोग, शामली द्वारा पारित आलोच्य

    4

    निर्णय एवं आदेश दिनांकित 04.09.2023 अपास्त किया जाता है। उभयपक्ष अपना-अपना वाद व्यय स्वयं वहन करेंगे। प्रस्तुत अपील में अपीलार्थी द्वारा यदि कोई धनराशि जमा की गई हो तो उक्त जमा धनराशि अर्जित ब्याज सहित अपीलार्थी को यथाशीघ्र विधि के अनुसार वापस की जाये। इस निर्णय/आदेश को आयोग की वेबसाइट पर नियमानुसार यथाशीघ्र अपलोड किया जाना सुनिश्चित किया जाये।

    (न्यायमूर्ति अजय कुमार श्रीवास्तव) अध्यक्ष

    शेर सिंह, आशु0,

    कोर्ट नं0- 1

    ..................J

    AJAI KUMAR SRIVASTAVA

    PRESIDENT

    5

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    Tata AIG General Insurance Co. Ltd. v. Smt. Anju
    (Dec 11, 2025)