Madhya Pradesh act 007 of 1957 : The Madhya Pradesh Contingency Fund Act 1957

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  • Finance Department

g T e e, T e TR T T 1, LT T [२३ जनवरी सन्‌ १६५७ को राज्यमाल की सनुमत प्राप्त हुई. प्रौर महू म्नुमति “पध्यप्रदेश गाजपय' (ग्रसाधारण) में, दिनांक २५ जनवरी, सन्‌ १६५७ को प्रथम बार प्रकाशित की गई.] मध्यप्रदेश श्रधिनियम WA ७, सन्‌ १६५७ | मध्यप्रदेश राजा को श्राकस्मिकतां निंधि की स्थापना करने तथा उसे बनाये रखन के लिये व्यवस्था करने क हेतु भधिनियम g ...... भारत गणराज्य के सातवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान सन्डल दौरा, इसे. निम्न-. , लिखित रूप में प्रधिमियप्तित विया जाये: - व. (१) यह अधिनियम सम्यम्रदेश पकेस्मिकता विधि पधिनियम संक्षिप्त नाम तथा १९४५७ कहलायंगा. : . C R R gy TN E राजम के, शासकीय याजपत्र में अकांथित होते हो तुरन्त मुनावशील ...., प भीएं, २८. इस श्रधितियम में जब तक कि कोई बात विवय थां प्रसंग में. विपरीत प्रिभाषा.] .... नही, “विधि” से तांत्पयघारा २ % Al स्नापित/की: गई मध्यप्रदेश राज्य की g आकस्मिकता निधि,से. दे... i ¥ से मे मब्यप्रदेश राश्य की, मीकिसिनर्कता नि” नारे . e निधि एक निधि की स्यापनों की जायेगी ज़िसेमें मध्यप्रदेश राज्य की संचित निंधि मे सेदि) ८ को स्थापना.” करोड़ रुपय की धनराशि का भुगतान किया जायगा i e | ¥. यह निधि राज्यपाल की. श्रोर से शासम के विस विभाग के सचिव द्वारा निर्षि की अभिरक्षा '.. धारण की जायगी प्ौर विधि दरा किये गंयें विनिधोग के श्री 'रोज्य के विधान एसी उसमें से धन मडपल द्वारा ऐसे व्यय का प्राधिकरण हो जाने तक श्रेनवेक्षित व्ययों की पति करने के निकालना आशयों के अतिरिक्त निधि में से कोई भी श्रम्रिम नहीं दिये जायेंगे - 4 इस ग्रधिनियम के स्व थों को कार्योन्विंत करने के आशय के लिये: राज्य नियमें बनाने को शासन निधि की भ्रभिरक्षा, उसमें धनों के भुगतान पीर उसमें से धनों के निकालने से छंगंधित या इन सब बातों में संहासक समस्त विषयों का नियमन करनें वालें नियम बनां सकेगा. . . 4(9) मध्यप्रदेश कम्टिजेस्सी . फण्ड भडिनेन्स, १९५६ मध्यप्रदेश निरसन तथा बचाव भाकस्मिकतानिधि भ्रष्यादेश, १६५६) (काकि ५, सन्‌ १६५६) एतदुद्वारा निरस्त किया जाता है. पर | कर Y दो सफर पक b o e - e ——— - (२) ऐसे निरसन के होते हुए भी उक्त भ्रष्यादेश के अधीन किया गया कोई _ भी कार्य या की गई कोई भी कार्यवाही इस भरधिनियस के श्रधीन किया.गया या की _ ८: गई समझी जायगी मानों यह अधिनियम उस दिनांक को प्रभावशील था जिसको कि '.. ऐसा कार्य किया गया था या एसी कांयेवाही की गई थी दे लिन वि व e artmn ० e e e e e i st g ५ आधिसयया Wrats A2 o7 2000 हारा रू. 00.00 करोड़ (रू. एक सौ करोड़ कंबल)!

/t———-—-—-——‘“‘k A ST _ma asae » .;‘*'f ’ - 5 /)j” o / Q., ST o . : /o मध्यप्रदेश प्राकस्मिकती निधि प्रधिनियम, १६५७ (#ैमाक ७, सन्‌ १६५७) को धारा ५द्वारा प्रदत्त, < ली / , नाक्तयों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य FWIL मध्यप्रदेश रांज्य की भाकस्मिक्टा मिधि की शध्रभिरक्षा . ३ - हे : उसमें घनों का संदाय करने तथा उसमें ये घनों का प्रत्याह रण करने से सब घित या उनसे समनुषनतत समस्त िययों का विनियसन करने के लिये निम्नलिखित नियम बनाती है, प्र्वात्‌ < न ८ : . मध्यप्रदेश आकर्मकता निधि नियम, १६५७ | १.- में नियम मध्यपरदेश भाकस्मिकता निधि नियम, १६४५७ कहलायेंगे. . २. इन नियमों में जब तक कि विवय मा सन्दर्भ में कोई बात विरुद्ध न हो, थी £ £ . (%) “झाकस्मिकता निधि" से भ्रभिप्रेत है मध्यप्रदेश भाकरिमकता पिधि अधिनियम, १९४७ f (ऋमांक ७, सन्‌ १६५७) क अधीन स्थापित को गईरि करोड़ दुपय को [मध्यप्रदेश ® राज्य आकर्स्मिकता निधि” नामंक भग्रदाम राशि जो कि मध्यप्रदेश के राज्यपाल को भोर से सचिव, मध्य प्रदेश शासन, वित्त विभाग हारा घारित की जायगी...._ हूँ. B . ही 7, ;* रू.90,00 करोड़ रू. एक सौ करोड़ केवल .yl K 7 W oy o एंसे भनवेशित ब्यत को, जो. नि्विवोद रूप से आपाती स्वरूप का | दो और खिदक [दिये बजे में बादलान मे किया गया हो, कि करने के सिंये दिये जायेंगे |. या ऐ से मोमंतों में दिय जाबेंखे जिनमें, तप सके को समर मद का प्रेशवसनिक दृष्टि से,सप्भल हो), दा जिसके |) स्थगित करने से लोक लेना को AR SR या गर्भ कफ (ब) “राज्यपात” से अभिप्रेत है मध्यप्रदेश का राज्यपाल. . आकर्पकता निधि मे से. पति o 14 oy R e, et e [ ot बिभाग को दिये जाने डाहिये. . भावेदन् पतनों में मिंग्नलिखिंत बेतें {y (एक) अन्तवलित ग्रतिरिकत थ्यय की संक्षिप्त विशिष्टियां (दो) वे पर्रित्थिदियां जिनमें प्रावधान को बजट में सम्मिर्तित न किया जा सका; { y (तोनं वे कारत, कि उसका स्वगित किया जाना गयों सम्भव नहीं है; ः - पै S (चार) भाकस्मिकता निधि में हे हप्रिन दी जाने के लिये झपेक्षित रकम, प्रधास्थिति उरा वर्ष न था उस बर्ष के भाग को लिये प्रस्ताव के 7€ @ सॉहत; e (पांच) प्रनुरान मां विनियोगे जिसके कि सधीन पवधान अन्तत: किया जीना, होगा ; .प्रौर (छ) बचत के सम्बन्ध में विशिष्टिय! जब कि किसी नवीन सेवा पर होने वाले. व्यय की 'पृ्त म्रदुदान के भोतर को निधियों के पुनर्विनियोग द्वारा को जा सकती हो... b ४. श्राकस्मिकता मिंधि में से ्प्रिम घन मंजूर करते संबंधी भादेश, जिसमें कि रकम का, उस थनुददान यो विनियोग को, जिससे कि दर संबंधित हो, उल्लेख किया जायगा तथा व्यय की, जिसकी कि पुर्ति तने के शिय वह दिया गए हो; संसिप्त विशिष्टियों उपकीषों तथा विनियोग की इकाइयों के रूप में दी -नयेंगं, वित्त विभाग द्वारों राज्यपाल के झादेश के रूप में जारी किया जायगा तथा संबं घित प्रशासनिक ' विनाग को श्ौर सहालेखाकार, मध्यप्रदेश को संसुचचित किया जायगा. -2

e o A ST TR S ST 2 ST . बढि, किसी मामले में प्राकस्मिकता निध म से श्राग्रम घन मंजूर करन संबधा झादस (नमन 2 कं o आरों कर दिया जान के पश्चातु तथा नयम ८ या £ के अनुसार कार्यवाही की जानें के पूर्वे यट पता! ' “मंजूर किया गयां अग्रिम घन पूर्वतः या अंशत दर नुण्योजिते रहेगा. लो येवात्थिति मंजूरों रद करते v : या उसे उपान्स्तरित करने के लिये AT मंजूरी देने वाले प्राधिकारी को किया जायसा- अपनिस प्रन के पनसार व्यय करने ले के सम्बन मैं प्रशासनिक विभागों द्वारा विभागाध्यकों को _ गई मंजूरियों में लेखामों तथा वर्गीकरर्णों का उल्लेख उतने ही स्पौरी के साथ किया जायगा जितने मे में दिये गये हैं. g% 2... (१) इम प्रकार वित्त व्यवस्थित समस्त ब्यंय के ययास्थिति मनु क 0% SR या लखानुदान मंजूर किये जाते के ठीक पश्चात्‌ विधान सभा के प्रथम सतीय अश्िवेशव में प्रस्तुत किये: जाम, जत _ -ऐसे। श्रग्रिम उप निमम (२) के उपबन्धों के झनुसार भाकस्मिकता निधि में पुन्महीत न किया गया दा . 7 जहां वित्त विभाग में श्रतूपूरक अनुदानलिखानुदान को अंतिम रूप बिग जाने - के पश्चात पात- -- वा निधि से अप्रिम मंजूर किया गया हो, वहां इस प्रकार वित्त व्यवस्थित, व्यय के संबंध में पनुमान /- : सभा के समक्ष डीफ़ पश्चातवर्ती सख में प्रस्तुत फिंय़ा जा. सकेगा (५) जंसे हो निधान सभा ने कड़ी भिनियम के ढ यू, मतितिक स्का प्राधिकृत कर दिया हो' 2मेकता निधि से दिये गये अग्रिम या परप्रिमों को, भले मे वे विधान सभा में प्रस्तुत किये गये अनुसादों.- [दा उनकरसमकारअस्कुरिस खाने परत 7 W"&' पी शम करने के लिगे भूचिनियम में R ६. किसो विनियोग' (लेबानदानी परधितियर मे गम की गई संवक सिये किस गये प्रावधान पक हुए व्यय की परर्ति करने आकर्मिकता मिधि मुं से मकर किये सेय समस्त प्रद्चिम घन: संपूर्ण... “कल उस सेवी पर होने वाले व्यय, जिसमें कि'माक हिमर्करता भ्रम ते लिये मेये भदिम घनों से पूरा गया अतिरिक्त व्यय सम्मिलित है, के संबंध में विनिींग अधिनियम नियम के पारित होते ही भाकस्मिकता में वापस ले लिये जाप में. रद T R TS RV "1«_.‘,;__-k".-u?:-: सिर की - s e < पलक नगर हवा के पक . ,‘,,‘ प्राककलनों ol १०८. (१३ भाकस्मिसता निधि, में से. लिप; गये सत्िम ,नों लिप्त के न लिये प्रावकलनों के 4 वित्त दिभाग को भेजने, लिये प्रसा्ननुक, वसा उततस्काती होश, तंग प्रावकलनों का स्पष्टीकरण दाली संक्षेपिका में निम्नलिखित भाशय का एक टिप्पण जोड़ दिया जायगा हा, ,.« «न न * रे न०र रा. में माकरि रमकता लिधि में है ७० रन रुपये की राशि श्रम्रिम दी गई है तथा उस निधि में दिया जाने वाला प्रति संदाय किया जा सकने के लिये उतनी हू रकम अपेक्षित है.” ' (२) वाबिक वित्तीय विवरण में पारिकल्पित न की गई “तवीन सेवा” पर AR AL S मामलों .मंस्मकता निधि से दिया जाने वाला प्रम्रिम धन, मंजूर किये गये भर नुदान के भीतर उस सामा तक a9 '" ्य होते हुए भी, उस व्यय की पूर्ण सीमा तक होना चा दिये उ जो कि अनुपूरक अनुदान अभिप्राप्त A साख तक किया जाना हो, जो अंनुपूरक अनुदान कि मंजूरी g W भनुदान में बचत के उपलब्य होने गा में प्रतीक राशि के लिये होना चाहिये. . म्नुपूरक प्रनुदान का स्पर्ष्ट करनेवाला. टिप्पण पखित प्ररूप में होना चाहिये :-- “ग्रह व्यय “नवीन सेवा पर होने बाला ब्यय है. ' ' में प्राकस्मिकता T ०य न रुपये को राशि भरप्रिम दी गई है तथी उस निधि में किया जाने -निसंदाय किया जा सकने के लिये उतनी ही रकम भपेक्षित है यहू रकम अर्थात्‌... ... न e उक्त रकम का साग WA e : ... ., .रुपये भनुदान के भीतर बचत का पुनवि- , - के प्राप्त किया जा सकता है! किया जा सकता है भर भ्रब केवल प्रतीक मत श्रपेक्षित है। श्रतिशेप ; रुपे के लिये मत अपेक्षित है.”' - 3

. क प्रति, जिसमें उस प्रदेश के, जिसमें कि मूल | निंदिष्ट किये गये विनियोग मध्यप्रदेश को भग्रेवित की सग्िम घन-वापस लेने संबंधी आ्रादेश की ए ऋमाक तथा तारीख के बारे में नियम ८ तथा & में श दिया जायगां, वित्त विभाग दौरा, महालखाकार, N ग्रम्रिम घन दिया गया-था, पधिनियम के बार में नि्दे! जायगी सु 2०02 दा el | . " ' १ व्यय क हो, लेखा प्रक्रिया निम्नानुसार होगी” (एक) समस्त झाहरण ** ... जानेवाले व्यय के संबंध में पुथक दि बिलर्तयार करेंगे श्रीर ऐसे समस्त बिलों के रण ऑफिसर श्राकस्मिकंता निधि में से लिये गये श्रम्रिम घन में से पूरे किये. L SR Yl का लेखा इन नियमों ते उपावद्ध प्रकप के मे वित्त विभाग द्वारा रा... L न गजसदी पति भाकस्मिकता निधि से लिये गये भ्रग्रिम घन में से को गई .. शिरोभाग पर रबड़ की मुहर से थी लाल स्याही से ध्यानाक्षक रूप मे शब्द “ट्राकस्मिकता नि नषि” ब्रंकित किये जायेंगे. बिल मे व्यय का ब्योर वार सामांग्य, बजट W के प्रनुसार दिया जाना चाहिये | (D) ब्यय को लेखा:पूरवक से रख! बावगा और समय के नव क लिये उठी (सो पं भ्राकस्मिकत P गये बंयय”' शोर्ष वाले विवरण में प्रति मास मुख्य नयंत्रक आफ़िसरों को दी जायंगी. - यहें घेखां उन्हीं ब्यौरों के भनसार रखा मी . है, लेखा रखा जाता (तीन) भाकस्मिकता निधि से प्राप्त मधिम बन दे से कालीन, रुप से पुरे किये गये स्ययं ते करने के लिये, के भागंटन संबंधी भादेश प्राप्त होते पुचरूबिलों से रकम निकालने की प्रक्रिया बन्द कर दी जांदगी भौर व्यय को ¥ BTt 48 में भ्तरित करके पथकू लेखा बन्द कर दिया जायगा ' i . & ४. ....« « जा नव . , * ‘ जनक हि भनुसर उस व्यय का, जौ कि मामूली नजट भनुदान से पूरा किया. जाला - ; s & - A न < . e SRkl S

Wt i o, ¢ mnmflhwfi%wmmm&nmm% दर्ज की जानी चाहिये. , , रकम, दी S

_IE MADHYA PRADESH CONTINGENCY FUND ; , अदा, 8T T . (Madbya Pradesh Act No. VILof 1957).. ; «पे धार, 2558: 0 'प€' 0०रहा0 ‘on the 23rd Jaduary, 1957; ‘assent .- . - rst published in: the Madhya Pradesh Gazette; Extraordinary:on ¢ 95th- January.- 19571] - : ST रस o .. act to provide for the establishment and maintenance of the AR . Constituency. Fund of the State of Madhya Pradesh ‘ .. Be it enacted by th"e'*Mv-adhyq'»l.P.rade.sh..'{_.e‘gvxs'l,at-ure. W ः R Se.venth Year of the Republic of India as follows:—- यम S 1. {1) This.Act may be cited.as. the Madhya Pradesh Short title ‘and o un'ng_en,CYvFllfld .Act, 1957.. o हे; -' commercesmient. - (2) It shall | :ion in the Off 81. {he" Secretary ' . nt..and.no advances li-be -made . i-the 1 ‘ ept for the purposesof meeting unforeseen expenditure .. ° " Jding authorisatien: of -such-expenditure by the Le‘gisia-j ST . of the State under appropriation made by Law. - .0 Ll o : , . . .5 For the purpose of carrying out the objects of this Power to make-- N TR * “\hie State Government may -make rules regulating all ules. . : - yers connected' with.or. ancillary to ‘the costody of pay-. " nt of moneys into, and the wi "~ Fund. - - 6 (D) का तट; 1986 (No. ‘and the withdrawal ‘'of moneys from - Ve sPradesh;, Contingency - Fund, Repeal and e 956), is hereby repealed. - 10€% .o (2) ‘Notwithstandi _uchr_-o,tepe_a.l,_..»%-».gnvy‘t-hing' done or - . v action taken un‘derng: ¢ 'said:Ordinance shall be deemed- lfave been dorie or taken under-this. A‘]c‘t asif this Act = ., e inforce on the date on which such thing was done or. व '- ion was-taken.” ST T न. - P - . S हर A . A o . L » Vo . . . - - .. y 0.00 ¢ ,{//{///w » Haadved er. eniy) *Substituted by Notification datea 2 Auges’, 2006 Rs.d §6.00 er. (Rs.One Ruadrel

s, 10 fueee. हि ine iumdrad or, 0 ¢ _. in exercise 0f the powers conleireg by seclon Sor et L . Madhya Pradesh Contingency Fund Act, 1957, (V11 of 1967} § the- State (3 sovernment are pleased to make the following . rules for regulating all matters coqnected with or ancillary " to the custody of, payment of moneys into, and the with: ~drawal of moneys irom, the Contingency Fund of the State of Madhya' Pradesh, namely:—..~ ° o *' THE.MADHYA PRADESH CONTINGENCY FUND RULES, 1057. . - 1. These Rules shail b called “The Madhya Pradesh Contingency Fund' Rules, 1957 ‘ In these’ Rules unless there is anything repugnant, in the subject-or context,— :... : (a) “Contingency Fund” | - “The Contingency “public seryice S 4. “All applications for advances from the . Continy L .+ Fund should-be madeto: the: Secretary. to Government .9 N पा -'Madhya Pradesh, Finance Department The applications & SR shall give— = . o - clu n the budget; " - ons why its p‘_ostponement is not pos ble; (iv) the'am’dou“"nf requiréd to be advanced from the . “:contingency: fund with full cost of the pro- posal for ihe year of part, of the year, as the ' . s @'"‘ : . case may , S (v)- the grant or appropriation under which provi हार डी wil] eventually have to be made and o 7 ं

it e i दि पपय्ामय the'A".dm’im'st'\r"_‘a__,ti'v'&_ डे एच हाट for in o Al ety et w1 Silgp) . as- the ‘case’ maybe; " session meeting .immediately- after. the advance i 'iull extent of the Ap (vi) the par_‘ticul.a'rs’.'of thé: savings when “expenditure on.a new service can be met by ‘reappropria-. -, tion of funds. within the grant.’ 5. The order ks'a‘n'c'tlioning‘a,n advance from the Contin-. - gency Fund, which shall specify the amount, the grant or R appropriation, to which it relates and give brief particulars .- by sub-heads and uhits of appropriation of the expenditurc . ior meeting which it is made, -shall be: issued by the: ", Finance Department- as -an order ‘of the Govetnog and . communicated to the Administrative Department concerned . < “and to the Accountant-General, Madhyd Pradesh. -~ - g.-~1f. in ‘any. case, aiter the order. दिए 811 - " advahce from the Contingenicy, Fund s been issue it " aecordance with rule 5 and before attion is taken in accor - . dance with rule-8 or. 9; it:is found that the, advance sanc-- . * tioned will ,_r_ema"in_’jw_"hol‘l‘.y; or partly uhutilised, an applica: “जाता shall . be, made 1o the horit canceting, € sanctioning. sietion, 4s th case may be: . . पथ in है वहा against the adva 1,135"«(”_"_._"";‘&-' ता हिगिर the same .detail i हद! or _}_’-‘é_fpe“n’dflq ¢ Wj Tiegislative ; Assembly;. ati-the Brst “sanction- be 'presented: " od unlesg sucht advance has been resumed to the’ रा: दर gency Fund in accordance with the proyision of - sub-rule: ‘(2). “Where, howeyer,*an advance from: the - Contingency ~ Fund is sa'nc,tio'ned,-after.tfihe'finah’sation' of the. Supple- . - mentary Estimates/Vote on Accotint In the Finance Depart- -~ 7. " ment. the estimate -in respect of the expenditure 50 financ- .- v e -+ vd, may be presented to-the Legisjative’ Assembly at the e e . session mext after. - R S e authority, for “fo “tHe* Healls of Departmelits by. e ifidationin° - e (2) ७5 5०्णा as the 'L,;'_eg‘is‘lative A'sils‘em"bl'y.ha’s aukt'h‘on's- VO od additional expenditure by means of an Act, the. advance :. "+ or advances made from the Contingency Fund whether for meeting ' the expend_iture‘.,incurred before the - estimates’ ' -~ were! presented, fo _,th_.*_e'.,]vLe_‘gils‘nl‘ati,ve._Ass-embly or after they - were S0 preseqied shafl,‘._b'e'__rf_e'suAm,ed _to the Fund to the न propriation made in the Act. g’ Al advances-sanctioned -from the Contingency " Fund -to meet expenditure in excess.of the provision for. ihe service included in an Appropriation "(Vote - on \ccount) Act shall. be: tesumed to the Contingency fund . * 5: 5007 85 तट Appropriation Agt in respect o fithe'e‘xpen- ® # 2: एप, पा B <+ diture on the_service-f‘okr the whiole year including the excess: . . A o 7

e »appfinv.ded — ‘ : . v . oL . 1 ‘met ‘from the advances from the Contingency Fund, has been’ passed. ' S . 100 (1) The Administ_rativé;__D-epfla.rtmen‘t'. s‘.h'all‘ फैट दी responsible for sending to Finance . Department the pro-E: =~ - -posals for estimates in recoupement of -advances from the है Contingency Fund -and, 'in" the precies -explaining the estimates, .a.note to the following. - effect = shall be. o “A'sumof Rs. . - “has:been -a'd:va'_ncr,v"'ed'nfr_om‘ | _ - . the Contingeficy Fund in....:......." and an equivalent है ~amount is required to-enable repayment.to be made to that : V.Fu"ndn. . i . e (2) नि case of _expe'ndit‘ ] ! . femplaled in. the. Annual - Finagcial,; Statemegt; atvance ः पा the Contingency Fund, despite savings tre on,a ‘new service’ fiot con- o1 the extent: Avallable within the,s 4’5' . grant;s 11. A copy of पीट ordevrresuming the advance नीली: डी! give a reference to the number 270 081९ ‘the order - in which the original_sdvanca ,w\.a,s'm;anfl_dg.,v«"";nn""’,_,dg-’to‘ljh‘e Appro- L . .priation Act refegred to in पक 8.aud,9.8Hall"be forwarded : by ~ .. दम "वां of advance from the Contingency Fund shall bé as T Madhya Pradesh. ithe - Finance -Depastment " 1. 'An account of the transictions of o the Agsquotant General. annexed to these, rules. R : "13. पर? 'जतप्00(छ 'फाएटहपुपा€ for expenditure. met i‘ollo’ws न S (i)._"Ati c‘rkaw_ing'» officers shal-lv_’.'p‘revpare '."se"p’a'r'ate”.bills' o -+ inrespect of expenditure to.be met-out - of the 1x- 2 . o {'the Fund shal L :. be..majntained. by the Finance ‘.D.gp'a’“rb.cn_"_f;;_,,!_n\,",-‘F,,or‘m;_‘A'_, s

. कर advance from .the Contingency. Fund and alk - g DT e न मादा वि वि न ..~ #such bills shall be labeiled conspicuously on . ' . oo n S i ' + . top “Contingency Fund™ by - using ia rubber. vt SR SN 7 »stamp ‘or by writing in'.red ink.’ ‘Detailed- पक नव ना '. *.'.. द.०9डरटिवणा 0. पिर 'हफ़्शापीधाह, पा 1९ bilh . e नाप ~.' .. should be given according to the usual budget -~ .. o e 0 o ) . _ .+ heads. G e व पद दि Account of the expenditure shail be :maintained .~~~ - . <.+« Separately-amd reported to.the : Chief Control-" - S , ' L - . 'ling Officérs monthly for contré}.of expendi- .- o व s Sl ना, ".'turein a statement, headed “Bxpenditure met R T %&&, e » S S ;,;‘~fr“om'= the Contingeney ‘Fund”. - Fhe account .., A ; . S .+ shall be(mainta'Tg! ned in ‘the samexdétdils as for . S e St L : : ¢ expenditure. met ifrom the O.r'din,,ary budget o S . e ४ nds out g . . “ v . i, . i < L * - L लक " 1 . की . ¥ , * V- गज . ~ 5l O ! L ३ 0 . . *y . E i s . . न i 4 . i s . . . » Vo - . . . » . - 2 ¢ - B . है दर v . . ¢ . N > v v “ N . ' & - . . e . i . Y = WU . i v रद : . i g o o . चर ¢ ‘ - S P i ; . दर o i 4 b ~ रे i ' . . . . 5 5 i

¥ o . Lo s 'Serial Lo Date of NO. nnd NO. and Bahnce lnna[; of Rema,:ks s L _NO. : t'raqsact:on nameof - date of -J -'f)t gdvanfe gfier each * Officer- S . -grantor thczpp— numdtmacnou m—chzrge . “tion

N 2y i e b , , e /डिकि-स्यय, ब॑._ पूब-प्रदागगी के o 2. पंचीजत क्रमांक भोपाल डिबोजन . बिता डाक द्वारा भेजे जाने 12% (एम, पी.) ... के लिये अनुमत, ६. गमति-पत्र ं 7: क्रमांक भोपाल--- 50 5/डब्ल्य: पी s L (असाधारण ) १ प्राधिकार से भ्रकाशित ०. का कि फिर याद 288 ] T, TR, AR | g THITL980 20711 24, 05 1902 - विधि श्ौर निधामी कार्य विभाग | भोपाल, पिनां क १४ अक्टूबर १६४३ क्र रेर१६२-इक्की स-्य (प्रा ) .--मधयेश्रदेश विधान सभा हो. निम्न लखित अधिनियम, जिस पर दिनां ० अकटबरं,- १६८० को राज्यपाल की श्रतमति प्राप्त हो चकी दरार प्रबसाधा रण को जानकारी के लिये प्रकाशित किया जाता मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा झ्ादे शानुंसार, शिव नारायण . जौहरी, सचिव, मध्यप्रदेश, झधिनियम क्रमांक १२ सन्‌. १६८७ मध्यप्रदेश झ्राकस्मिकता निधि (संशोधन) अधि नियम, [दिनांक १०. श्रक्टूबर, १९८० को राज्यपाल की ग्रनुमति प्राप्त हुई; में दिनांक १६ अक्टूबर, १९८० के प्रथमबार प्रकाशित की गई 2850 ग्रनुमति “मध्यप्रदेश T (ग्रलाधारण) ] मध्यप्रदेश आकस्मिकता निधि श्रधिनियम, १९५७ %7 a1 संशोधित करने हेतु म्रधिनियम भारत गणराज्य के इकतीसवे वर्ष में मध्यप्रदेश विधान मण्डल द्वारा ।नम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित gl १. .. इस अधिनियम को संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश शकस्मिकता निधि (संशोधन ) : प्रधिनियम, १६८० है संक्षिप्त नाम: २... मध्यप्रदेश झा कस्मिकता निधि 4t श्रनियम, १६५५७ [ह £ ७ मन १६५७) में शब्द “बीस करोड़” के. स्थान श्वारा 3 का गर शब्द 'वॉलीस करोड़” स्थापित फिये जायें. .... o संशोधन, 1843

, g J - ) . " m_.» ) ’ . o , ’ - 1686 मध्यप्रदेश राजपत्र, विनांक (s T 1980 - * — TR U, P 16 अक्टेबरें 1989“ भोपाल , दिगांक 15 बक्टूबर 1980 के. 32193-इक्कीस-अप्रा.) . भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड (3) के अर्नूत रण मं मध्यप्रदेश आकस्मिकता निधि (संशोधन) अधिनियम, 1980 (कमांक 12 सन्‌ 1980) का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के ' प्राधिकार से शएतदुदुवारा प्रकाशित दिया जाता हो. मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदजञानुसार, शशिव नारायण जोहरी, सचिव. MADHYA PRADESH ACT , No. 12 of 1980. THE MADHYA PRADESH CONTINGENCY FUND (AMENDMENT) 201, 1980, [Received the-assent of the Governor bn the 10th Octob er, 1980, assent first published in the “Madhya Pradesh Gezette” (Extra-ordinary), dated the 16th October, 1980.] An Act further (to amend the Madh-ya' Pradesh Contingency Fund Act, 1957, Be it enacted by the Madhya Pradesh Legislature in the Thirty-first Year of the Repablic of India as follows :-— ' Short title, 1. This Act may be called the Madhya Pradesh Contingency Fund (Amendment) Act, 1980. ' » ः _Amendment of 2. In section 3 of the Madhya Pradesh Coatingency Fund Act, 1957 (No. 7 of section 3 1957), for the words “tweaty crores”, the words “forty crores” shall be substituted. CECTE मुद्रण T . लगन साथी , मध्सप्रदोण . पंगि गए e WM, भापाल 5 =0T o o

_ पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र,-108- भोपाल-06-08, 'डाक-व्यय की पूर्व-अदायगी के बिना डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत. अनुमति-पत्र क्र. भोपाल-म. प्र. बि.पू.भु. भोपाल-02-06. मध्यप्रदेश (असाधारण) प्राधिकार से प्रकाशित ek I e — e —— भोपाल, बुधवार, दिनांक 2 अगस्त 2006--श्रावण 11, शक नस न ास्त 206 आवण 1 शक 528 विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक २ अगस्त २००६. क्र: ब५६५-२९०-इक्कीस-अ-(प्रा.).--मध्यप्रदेश विधान सभा कां निम्नलिखित अधिनियम जिस पर दिनांक २९ जुलाई, २००६ को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हो चुकी है एतदद्वारा सर्वसाधारण की जानकारी के लिये प्रकाशित किया जाता है. मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम. से तथा आदेशानुसार, बिपिन बिहारी शुक्ला, अतिरिक्त सचिव, मध्यप्रदेश अधिनियम क्रमांक 0 T २००६. मध्यप्रदेश आकस्मिकता निधि ( संशोधन ) अधिनियम, २००६. [दिनांक २९ जुलाई, २००६ को राज्यपाल कौ अनुमति प्राप्त हुई; अनुमति '' मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण )'' में दिनांक २ अगस्त, २००६ को प्रथमबार प्रकाशित की गई. 3 मध्यप्रदेश आकस्मिकता निधि अधिनियम, १९५७ को और संशोधित करने हेतु अधिनियम. भारत गणराज्य के सत्तावनवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान-मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:-- १. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश आकस्मिकता निधि (संशोधन) अधिनियम, २००६ है संक्षिप्त नाम. : रे. मध्यप्रदेश आकस्मिकता निधि अधिनियम १९५७ (क्रमांक ७ सन्‌ १९५७) की धारा ३ में, शब्द धारा ३ का संशोधन. “चालीस करोड़ रुपये'' के स्थान पर, शब्द *'एक सौ करोड़ रुपये'' स्थापित किए जाएं . 783

- 784 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 2. अगस्त 2006 ' भोपाल, दिनांक २ अगस्त २००६ %. xt\aa—vqao~-s'a<‘=m?-31-(m‘.).—wfla‘ के संविधान के अनुच्छेद ३४८ के खण्ड (३) के अनुसरण में, मध्यप्रदेश आकस्मिकता निधि (संशोधन) अधिनियम, २००६ (क्रमांक २० सन्‌ २००६) का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है. ' Sheort title. Amendment of Section 3. मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बिपिन बिहारी शुक्ला, अतिरिक्त सचिव. MADHYA PRADESH ACT No. 20 oF 2006. THE MADHYA PRADESH CONTINGENCY FUND (AMENDMENT) ACT, 2006. [Received the assent of the Governor on the 29th July, 2006; assent first published in the '"Madhya Pradesh Gazette (Extra-ordinary)", dated the 2nd August, 2006.] . : An Act further to amend the Madhya Pradesh Contingency Fund Act, 1957. Be it enacted by the Madhya Pradesh Legislature in the Fifty-Seventh Year of the Republic of India as follows:— 1. This Act may be called the Madhya Pradesh Contingency Fund (Amendment), Act, 2006. 2. In Section 3 of the Madhya Pradesh Contingency Fund Act, 1957 No. 7 of 1957), for the “words "fourty crores of rupees”, the words "one hundred crores rupees” shall be substituted. नियंत्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुंद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित--2006.

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