Madhya Pradesh act 046 of 1974 : The M.P. Lok Parishar Bedakhli Act_1974

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म.प्र. लोक परिसि (बȯदखली) अधिनियम, 1974 विषय-सचूी

1. सकं्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारंभ

2. पररभाषाएं

3. सिम प्राधिकारी की ननयकु्तत

4. बȯदखली कȯ आदȯश कȯ विǽƨ कारण दशाानȯ कȯ ललए सचूना का जारी ककया जाना

5. अप्राधिकृत अधिभȪधियों की बȯदखली

6. अप्राधिकृत अधिभȪधियों द्िारा लȪक पररसरों पर छȪड़ी िई सपंक्तत का व्ययन

7. लȪक पररसरों कȯ बाबत ्ककरायȯ या नकुसानी का भिुतान अपȯक्षित करनȯ की शक्तत

8. सिम प्राधिकारी की शक्ततयााँ

9. अपील

10. आदȯशȪ की अक्ततमता

11. अपराि तथा शाक्स्त

12. जानकारी अलभप्राप्त करनȯ की शक्तत

13. िाररसों तथा विधिक प्रनतननधियों का दानयति

14. ककरायȯ आदद की भ-ूराजस्ि कȯ बकाया कȯ Ǿप मɅ िसलूी

15. अधिकाररता का िजान

16. सदभािपिूाक की िई कायािाही का सरंिण

17. शक्ततयों का प्रतयायȪजन

18. ननयम बनानȯ की शक्तत

19. ननरसन

20. विधिमातयताकरण

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म.प्र. लोक परिसि (बȯदखली) अधिनियम, 1974 (क्रȲ . 46 सि ्1974)

[ददनांक 10 निम्बर, 1974 कȪ राष्ट्रपनत की अनमुनत प्राप्त हुई; अनमुनत ''मध्यप्रदȯश राजपत्र (असािारण)'' मɅ ददनांक 26 निम्बर, 1974 कȪ प्रथम बार प्रकालशत की िई ।]

लोक परिसिों में अप्राधिकृत अधिभोधियों की बȯदखली कȯ ललए तथा कनतपय आिषुȲधिक विषयों कȯ ललए उपबन्ि कििȯ कȯ हȯत ुअधिनियम ।

भारत िणराज्य मȯ पच्चीसिɅ िषा मȯ मध्यप्रदȯश वििान मडंल द्िारा ननम्नललखखत Ǿप मɅ यह अधिननयलमत हȪ : -

1. सȲक्षिप्त िाम, विस्ताि तथा प्रािȲभ - - (1) इस अधिननयम का सकं्षिप्त नाम मध्यप्रदȯश लोक परिसि (बȯदखली) अधिनियम, 1974 हȰ ।

(2) इसका विस्तार सम्पणूा मध्यप्रदȯश पर हȰ ।

2. परिभाषाएȱ - िारा 11 19 तथा 20 कȪ, जȪ कक ततकाल प्रितृत हȪिी, छȪड कर यह - - (एक) महाकȫशल िȯत्र मɅ 12 लसतम्बर, शǾु 1952 कȪ और

(दȪ) राज् य कȯ अतय िȯत्रों मɅ 9 जनिरी, सन ्1959 कȪ, प्रितृत हुआ समझा जाएना ।

3. सिम प्राधिकािी की नियकु्तत - - राज्य सरकार राजपत्र मɅ अधिसचूना द्िारा - - 1 [(क) ककसी ऐसȯ व्यक्तत कȪ, जȪ सहायक कलȯतटर या डडप्टी कलȯतटर कȯ पद सȯ अननम्न पद का अधिकारी हȪ इस अधिननयम कȯ प्रयȪजनों कȯ ललए सिम प्राधिकारी कȯ Ǿप मɅ ननयतुत कर सकȯ िी; और]

(ख) इस अधिननयम द्िारा या उसकȯ अिीन सिम अधिकारी कȪ प्रदतत की िई शक्ततयों का प्रयȪि या उस पर अधिरȪवपत ककए िए कतताव्यों का पालन सिम प्राधिकारी द्िारा क्जन स्थानीय सीमाओं कȯ भीतर तथा लȪक पररसर कȯ क्जन प्रििों कȯ सबंिं सȯ ककया जाएिा उन स्थानीय सीमाओ ं कȪ या लȪक पररसर कȯ उन प्रििों कȪ पररननक्चचत कर सकȯ िी ।

1 [4. परिसि बȯदखली कȯ आदȯश कȯ विǽद्ध कािण दशाािȯ कȯ ललए सचूिा का जािी ककया जािा - - (1) यदद सिम प्राधिकारी की यह राय हȪ कक कȪई व्यक्तत ककसी लȪक पररसर पर अप्राधिकृत

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अधिभȪि रखȯ हुए हȰ और यह कक उतहɅ बȯदखल ककया जाना चादहए, तȪ सिम प्राधिकारी एक ललखखत सचूना जारी करȯिा क्जसमɅ समस्त सबंधंित व्यक्ततयों सȯ यह अपȯिा की जाएिी कक िȯ विननददाष्ट्ट तारीख कȪ इस बात का कारण दलशात करɅ कक बȯदखली का आदȯश तयों न ककया जाए ।

(2) उपिारा (1) कȯ अिीन जारी की िई सचूना मɅ - - (क) िȯ आिार विननददाष्ट्ट ककए जाएंिȯ, क्जन पर बȯदखली का आदȯश ककए जानȯ का प्रस्ताि ककया िया हȪ, और

(ख) समस्त सबंधंित व्यक्ततयों सȯ अथाात ्उन समस्त व्यक्ततयों सȯ, जȪ लȪक पररसर पर अधिभȪि रखȯ हुए हैं या क्जनकȯ सबंिं मɅ यह सभंािना हȪ कक िȯ लȪक पररसर पर अधिभȪि रखȯ हुए हैं, या जȪ उसमɅ दहत रखनȯ का दािा करतȯ हैं यह अपȯिा की जािȯिी कक िȯ - - (एक) प्रस्तावित आदȯश कȯ विǽƨ कारण यदद कȪई हȪ, सचूना मȯ यथा विननददाष्ट्ट तारीख, जȪ सचूना कȯ जारी ककए जानȯ की तारीख कȯ बाद दस ददन सȯ पिूािती तारीख नहीं हȪिी, कȪ या उसकȯ पिूा दलशात करɅ; और

(दȪ) दलशात ककए जानȯ िालȯ कारण कȯ समथान मȯ समस्त साक्ष्य विननददाष्ट्ट तारीख कȪ पȯश करɅ ।

(3) सिम प्राधिकारी उतत सचूना की तामील उसȯ लȪक पररसर कȯ बाहरी दरिाजȯ पर या उसकȯ ककसी अतय सहजदृचय भाि पर लिाकर तथा ऐसी अतय रीनत मɅ भी प्रकालशत जाएिी, जȰसी कक विदहत की जाए, और तदपुरर सचूना कȯ सबंिं मɅ यह समझा जाएिा कक उसकी तामील समस्त सबंधंित व्यक्ततयों पर सम्यक् Ǿप सȯ कर दी िई हȰ ।

(4) जहााँ सिम प्राधिकारी यह जानता हȰ या उसकȯ पास यह विचिास करनȯ का कारण हȰ कक कȪई व्यक्तत लȪक पररसर पर अधिभȪि रखȯ हुए हȰ, तȪ उपिारा (3) कȯ उपबतिों पर प्रनतकूल प्रभाि डालȯ बबना, िह उस सचूना की एक प्रनत की तामील ऐसȯ प्रतयȯक व्यक्तत पर डाक द्िारा या उस व्यक्तत कȪ पररदतत करकȯ या ननविदतत करकȯ या ऐसी अतय रीनत मɅ, जȰसी कक विदहत की जाए, करिाएिा ।]

1 [5. अप्राधिकृत अधिभोधियों की बȯदखली - - (1) िारा 4 की उपिारा (1) कȯ अिीन जारी की िई सचूना मɅ विननददाष्ट्ट तारीख कȪ सिम प्राधिकारी ऐसा समस्त साक्ष्य लȯिा जȪ कक दलशात ककए जानȯ िालȯ कारण कȯ समथान मɅ पȯश ककया जाए । यदद दलशात ककए िए कारण, यदद कȪई हों, पर और ककसी साध्य पर, जȪ पȯश ककया जाए, विचार करनȯ कȯ पचचात ्तथा लȪक पररसर कȯ अलभकधथत अप्राधिकृत अधिभȪि कȯ बारȯ मɅ सबंधंित व्यक्तत कȪ सनुिाई का यकु्ततयतुत अिसर दȯनȯ कȯ पचचात ् सिम प्राधिकारी का यह समािान हȪ जाता हȰ कक लȪक पररसर अप्राधिकृत अधिभȪि मɅ हȰ, तȪ सिम प्राधिकारी बȯदखली का आदȯश, उसमɅ अलभललखखत ककए जानȯ िालȯ कारणों सȯ कर सकȯ िा क्जसमɅ यह

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ननददाष्ट्ट ककया जाएिा कक िह लȪक पररसर उन समस्त व्यक्ततयों द्िारा, जȪ उस लȪक पररसर पर अथिा उसकȯ ककसी भाि पर अधिभȪि रखȯ हुए हैं, ऐसी तारीख कȪ, जȪ उस आदȯश मɅ विननददाष्ट्ट की जाए, खाली कर ददया जाए और िह उस आदȯश की एक प्रनत लȪक पररसर कȯ बाहरी दरिाजȯ पर या उनकȯ ककसी अतय सहजदृचय भाि पर लििाएिा ।

(2) ऐसȯ व्यक्तत द्िारा, क्जसकȯ विǽƨ उपिारा (1) कȯ अिीन आदȯश पाररत ककया िया हȪ, आिȯदन ककया जानȯ पर, सिम प्राधिकारी उस पररसर कȪ खाली करनȯ कȯ ललए ऐसा समय, जȰसा कक िह ठीक समझȯ, ऐसी शतो कȯ साथ मजंूर कर सकȯ िा क्जतहɅ अधिरȪवपत करना िह उधचत समझȯ ।

(3) यदद कȪई अतय व्यक्तत बȯदखली कȯ आदȯश का - - (एक) उपिारा (1) मɅ विननददाष्ट्ट तारीख कȯ पिूा, या (दȪ) जहााँ उपिारा (2) कȯ अिीन समय मजंूर ककया िया हȪ, िहााँ ऐसȯ मजंूर ककए िए समय कȯ भीतर, अनपुालन करनȯ सȯ इंकार करता हȰ या उसका अनपुालन नहीं करता हȰ, तȪ सिम प्राधिकारी या कȪई अतय अधिकारी, जȪ सिम प्राधिकारी द्िारा इस सबंिं मɅ सम्यक् Ǿप सȯ प्राधिकृत ककया िया हȪ, उस व्यक्तत कȪ लȪक पररसर सȯ बȯदखल कर सकȯ िा और उसका कब्जा लȯ सकȯ िा, तथा उस प्रयȪजन कȯ ललए ऐसȯ बल का प्रयȪि कर सकȯ िा जȰसा कक आिचयक हȪ ।]

6. अप्राधिकृत अधिभोधियों द्िािा लोक परिसिों पि छोड़ी िई सȲपक्तत का व्ययि - - (1) जहााँ कȪई व्यक्तत ककतहीं लȪक पररसर सȯ िारा 5 कȯ अिीन बȯदखल ककए िए हों, िहााँ सिम प्राधिकारी, उन व्यक्ततयों कȪ, क्जनसȯ कक लȪक पररसरों का कब्जा ललया िया हȰ, चȫदह ददन की सचूना दȯनȯ कȯ पचचात ् तथा उस सचूना कȪ कम सȯ कम एक ऐसȯ समाचार-पत्र मɅ, क्जसका कक िह पररिȯत्र मɅ पररचालन हȪ, प्रकालशत करनȯ कȯ पचचात ्ऐसȯ पररसरों मɄ बच रही ककसी सम्पक्तत कȪ हटा सकȯ िा या हटिा सकȯ िा या लȪक नीलाम द्िारा उसका व्ययन कर सकȯ िा ।

(2) जहााँ कȪई सम्पक्तत उपिारा (1) कȯ अिीन बȯच दी िई हȪ, िहााँ उसकȯ विक्रय आिम का, उसमɅ सȯ विक्रय व्ययों की तथा उस रकम की, यदद कȪई हȪ, जȪ कक ककरायȯ कȯ बकाया या नकुसानी या खचों कȯ मƨȯ राज्य सरकार कȪ या ननिलमत प्राधिकारी कȪ शȪध्य हȪ, कटȫती करनȯ कȯ पचचात,् ऐसȯ व्यक्तत या व्यक्ततयों कȪ भिुतान कर ददया जाएिा जȪ कक सिम प्राधिकारी कȪ उसȯ प्राप्त करनȯ कȯ हकदार प्रतीत हȪतȯ हों :

परतत ुजहााँ सिम प्राधिकारी इस बारȯ मɅ कक ककस-ककस व्यक्तत या ककन व्यक्ततयों कȪ उस रकम का बाकी भाि दȯय हȰ अथिा इस बारȯ मɅ उसका प्रभारण ककस प्रकार ककया जाए विननचचय करनȯ मɅ असमथा हȪ, िहााँ िह ऐसा वििाद सिम अधिकाररता िालȯ लसविल तयायालय कȪ ननदेलशत कर सकȯ िा और उस पर उस तयायालय का विननचचय अक्ततम हȪिा ।

7. लोक परिसिों कȯ बाबत ्ककिायȯ या िकुसािी का भिुताि अपȯक्षित कििȯ की शक्तत - - (1) जहााँ

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ककसी व्यक्तत पर ककतहीं लȪक पररसरों का दȯय ककराया बकाया हȪ, िहााँ सिम प्राधिकारी, आदȯश द्िारा, उस व्यक्तत सȯ यह अपȯिा कर सकȯ िा कक िह उसका भिुतान1[ऐसȯ समय कȯ भीतर तथा ऐसी ककचतों मɅ] कर दȯ जȰसȯ कक उस आदȯश मɅ विननददाष्ट्ट हȪ ।

(2) जहााँ कȪई व्यक्तत ककतहीं लȪक पररसरों पर अप्राधिकृत अधिभȪि रखȯ हुए हȪ या ककसी भी समय उन पर अप्राधिकृत अधिभȪि रखȯ हȪ, िहााँ सिम प्राधिकारी, नकुसानी कȯ ननिाारण कȯ ऐसȯ लसƨाततों कȪ, जȰसȯ कक विदहत ककए जाएाँ, ध्यान मɅ रखतȯ हुए ऐसȯ पररसरों कȯ उपयȪि तथा अधिभȪि मƧȯ नकुसानी का ननिाारण कर सकȯ िा और आदȯश द्िारा उस व्यक्तत सȯ यह अपȯिा कर सकȯ िा कक िह ऐसȯ समय कȯ भीतर तथा ऐसी ककचतों मɅ, जȰसा कक उस आदȯश मɅ विननददाष्ट्ट हȪ, नकुसानी का भिुतांन कर दȯ ।

(3) उपिारा (1) या उपिारा (2) कȯ अिीन कȪई भी आदȯश ककसी भी व्यक्तत कȯ विǽƨ तब तक नहीं ककया जाएिा जब तक कक उस व्यक्तत कȪ एक ललखखत सचूना उससȯ, ऐसȯ समय ंकȯ भीतर जȰसा कक सचूना मɅ विननददाष्ट्ट हȪ, इस सबंिं मɅ कारण दशाानȯ की कक ऐसा आदȯश तयों न ककया जाए, अपȯिा करतȯ हुए जारी न कर दी िई हȪ और जब तक कक उसकी उन आपक्ततयों पर, यदद कȪई हȪ, तथा ककसी ऐसȯ साध्य पर, क्जसȯ कक िह उनकȯ समथान मɅ पȯश करȯ, सिम प्राधिकारी द्िारा विचार न कर ललया िया हȪ ।

8. सिम प्राधिकािी की शक्ततयाȲ - - इस अधिननयम कȯ अिीन कȪई िाद करनȯ कȯ ललए सिम प्रधिकारी कȪ ननम् नललखखत बातों कȯ सबंिं मɅ िही शक्ततयााँ होंिȯ, जȪ कक ककसी िाद का विचारण करतȯ समय लसविल प्रकक्रया सदंहता, 1908 (क्रमांक 5 सन ्1908) कȯ अिीन ककसी लसविल तयायालय मɅ ननदहत हȪती हȰ, अथाात ्: -

(क) ककसी व्यक्तत कȪ समन करना तथा उसकȪ हाक्जर कराना और समय पर उसकी परीिा करना, (ख) दस्तािȯजों कȯ प्रकटीकरण तथा पȯश ककए जानȯ कȯ ललए अपȯिा करना, (ि) कȪई अतय विषय जȪ कक विदहत ककया जाए ।

1 [9. अपील - - (1) राज्य सरकार, अलभसचूना द्िारा, ऐसȯ िȯत्रों कȯ सबंिं मɅ जȪ अधिसचूना मɅ विननददाष्ट्ट ककए जाएाँ, ककसी ऐसȯ व्यक्तत कȪ, जȪ कलȯतटर कȯ पद सȯ अननम्न पद का अधिकारी हȪ, इस अधिननयम कȯ प्रयȪजन कȯ ललए अपील प्राधिकारी कȯ Ǿप मɅ ननयतुत कर सकȯ िी ।

(2) सिम प्राधिकारी कȯ प्रतयȯक ऐसȯ आदȯश की, जȪ ककसी लȪक पररसर कȯ सबंिं मɅ िारा 5 या 7 कȯ अिीन ककया िया हȪ, अपील उपिारा (1) कȯ अिीन ननयतुत ककए िए अपील प्राधिकारी कȪ हȪिी ।

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(3) उपिारा (1) कȯ अिीन अपील - - (क) िारा 5 कȯ अिीन ककसी आदȯश की अपील की दशा मɅ उस िारा की उपिारा (1) कȯ अिीन आदȯश कȯ प्रकाशन की तारीख सȯ पतरह ददन कȯ भीतर हȪिी; और (ख) िारा 7 कȯ अिीन ककसी आदȯश की अपील की दशा मɅ उस तारीख सȯ, क्जसकȪ िह आदȯश अपीलाथी कȪ ससंधूचत ककया जाए, पतरह ददन कȯ भीतर हȪिी :

परतत ुयदद अपील प्राधिकारी का यह समािान हȪ जाए कक आिȯदक समय पर अपील फाइल करनȯ सȯ पयााप्त हȯतकु सȯ ननिाररत हȪ िया था, तȪ िह अपील कȪ पतरह ददन की उतत कालािधि कȯ अिसान कȯ पचचात ्भी ग्रहण कर सकȯ िा ।

(4) जहााँ सिम प्राधिकारी कȯ ककसी आदȯश की अपील की जाए, िहााँ अपील प्राधिकारी उस आदȯश कȯ प्रितान कȪ इतनी कुल कालािधि तक कȯ ललए, जȪ साठ ददन सȯ अधिक की नहीं हȪिी, तथा ऐसी शतो पर, जȰसी कक िह उधचत समझȯ, रȪक सकȯ िा।

(5) इस िारा कȯ अिीन प्रतयȯक अपील, अपील प्राधिकारी द्िारा यथासम्भि शीघ्रता कȯ साथ ननपटाई जाएिी ।

(6) इस िारा कȯ अिीन ककसी अपील कȯ खच ेअपील प्राधिकारी कȯ वििȯकािीन हȪिȯ ।]

1 [9- क. विलȪवपत |]

10. आदȯशों की अक्न्तमता - - इस अधिननयम मȯ अलभव्यतत Ǿ प सȯ अतयथा उपबधंित कȯ लसिाय, सिम प्राधिकारी या अपील प्राधिकारी द्िारा इस अधिननयम कȯ अिीन ककया िया प्रतयȯक आदȯश अक्ततम हȪिा और उसȯ ककसी मलू िाद, आिȯदन या ननष्ट्कासन कायािाही मɅ प्रचनित नही ं ककया जाएिा तथा इस अधिननयम द्िारा या उसकȯ अिीन प्रदतत की िई ककसी शक्तत कȯ अनसुरण मɅ की िई या की जानȯ िाली ककसी कायािाही कȯ सबंिं मɅ ककसी तयायालय या अतय प्राधिकाररयȪ द्िारा कȪई आदȯश नहीं ददया जाएिा ।

11. अपिाि तथा शाक्तत - - (1) यदद व्यक्तत, जȪ इस अधिननयम कȯ अिीन ककतहीं लȪक पररसरों सȯ बȯदखल कर ददया िया हȪ, उन पररसरों पर पनु: अधिभȪि रखनȯ कȯ प्राधिकार कȯ बबना उन पर पनु: अधिभȪि रखȯिा, तȪ िह कारािास सȯ क्जसकी अिधि एक िषा तक की हȪ सकȯ िी, या जुमाानȯ सȯ, जȪ एक हजार ǽपयȯ तक का हȪ सकȯ िा, या दȪनों सȯ दंडनीय हȪिा ।

(2) ककसी व्यक्तत कȪ उपिारा (1) कȯ अिीन लसƨदȪष ठहरानȯ िाला कȪई मक्जस्रȯट उस

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व्यक्तत कȪ बȯदखल करनȯ कȯ ललए सिंȯपतआ आदȯश कर सकȯ िा और ऐसा व्यक्तत ककसी ऐसी अतय कायािाही पर, जȪ कक इस अधिननयम कȯ अिीन उसकȯ विǽƨ की जा सकती हȪ, प्रनतकूल प्रभाि डालȯ बबना ऐसी बȯदखली का दायी हȪिा ।

12. जािकािी अलभप्राप्त कििȯ की शक्तत - - यदद सिम प्राधिकारी कȯ पास यह विचिास करनȯ का कारण हȪ कक कȪई व्यक्तत ककतहीं लȪक पररसरों पर अप्राधिकृत अधिभȪि रखतȯ हुए हȰ, तȪ सिम प्राधिकारी या उसकȯ द्िारा इस सबंिं मɅ प्राधिकृत ककया िया कȪई अतय । अधिकारी ऐसȯ व्यक्तत सȯ या ककतहीं अतय व्यक्ततयों सȯ यह अपȯिा कर सकȯ िा कक िȯ उन लȪक पररसरों पर अधिभȪि रखनȯ िालȯ व्यक्ततयों कȯ नामों तथा अतय विलशक्ष्ट्टयों सȯ सबंधंित जानकारी दȯ दɅ और इस प्रकार अपȯक्षित ककया िया प्रतयȯक व्यक्तत ऐसी जानकारी दȯनȯ कȯ ललए आबƨ हȪिा जȪ कक उसकȯ कब्जȯ मɅ हȪ ।

13. िारिसों तथा विधिक प्रनतनिधियों का दानयति - - (1) जहााँ कȪई व्यक्तत क्जसकȯ कक विǽƨ ककरायȯ का बकाया अििाररत करनȯ कȯ ललए नकुसानी का ननिाारण करनȯ कȯ ललए कȪई कायािाही की जानी हȪ या की जा चकुी हȪ, कायािाही की जानȯ कȯ पिूा या उसकȯ लबंबत रहनȯ कȯ दȫरान मर जाए, िहााँ िह कायािाही उस व्यक्तत कȯ िाररसों या विधिक प्रनतननधियों कȯ विǽƨ की जा सकȯ िी या यथाक्स्थनत चाल ूरखी जा सकȯ िी।

(2) कȪई भी ऐसी रकम, जȪ चाहȯ ककरायȯ कȯ बकाया कȯ Ǿप मɅ या नकुसानी या खचों कȯ Ǿप मɅ ककसी व्यक्तत द्िारा राज्य सरकार कȪ या ननिलमत प्राधिकारी कȪ शȪध्य हȪ, उस व्यक्तत की मतृय ु कȯ पचचात ्उसकȯ िाररसों या विधिक प्रनतननधियों द्िारा दȯय हȪिी, ककतत ुउनका दानयति मतृक की उन आक्स्तयों कȯ पररणाम तक ही सीलमत हȪिा जȪ कक उनकȯ हाथ मɅ हȪ ।

14. ककिायȯ आदद की भ ू- िाजस्ि कȯ बकाया कȯ Ǿप में िसलूी - - यदद कȪई व्यक्तत िारा 7 की उपिारा (1) कȯ अिीन दȯय ककरायȯ कȯ बकाया का या उस िारा की उपिारा (2) कȯ अिीन दȯय नकुसानी का या िारा 9 की उपिारा (5) कȯ अिीन राज्य सरकार या ननिलमत ंप्राधिकारी कȪ ददलिाए िए खचों का या ऐसȯ ककरायȯ नकुसानी या खचों कȯ ककसी भाि का भिुतान उससȯ सबंधंित आदȯश मɅ उसकȯ ललए विननददाष्ट्ट ककए िए समय यदद कȪई हȪ कȯ भीतर करनȯ सȯ इंकार करȯ या उसका भिुतान उस तरह न करȯ, तȪ सिम अधिकारी शȪध्य रकम कȯ ललए कलȯतटर कȪ एक प्रमाण - पत्र जारी कर सकȯ िा जȪ उसȯ भ-ू राजस्ि कȯ बकाया कȯ Ǿप मɅ िसलू करनȯ कȯ ललए कायािाही करȯिा।

15. अधिकारिता का िजाि - - ककसी भी तयायालय कȪ यह अधिकाररता नहीं हȪिी कक िह ककसी ऐसȯ व्यक्तत की, जȪ ककतहीं लȪक पररसरों पर अप्राधिकृत अधिभȪि रखȯ हुए हȪ बȯदखली कȯ सबंिं मɅ या िारा 7 की उपिारा (1) कȯ अिीन दȯय ककरायȯ कȯ बकाया की या उस िारा की उपिारा

(2) कȯ अिीन दȯय नकुसानी की या िारा 9 की उपिारा (5) कȯ अिीन राज्य सरकार या ननिलमत प्राधिकारी कȪ ददलिाए िए खचो की या ऐसȯ ककरायȯ, नकुसानी या खचो कȯ ककसी भाि की िसलूी कȯ सबंिं मɅ कȪई बाद या कायािाही ग्रहण करȯ ।

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16. सदभािपिूाक की िई कायािाही का सȲििण - - राज्य सरकार या ननिलमत प्राधिकारी या अपील प्राधिकारी या सिम प्राधिकारी कȯ या ककसी ऐसȯ अधिकारी कȯ , जȪ इस अधिननयम कȯ अिीन अधिकारी द्िारा प्राधिकृत हȪ, कȯ विǽƨ, ककसी भी ऐसी बात कȯ सबंिं मɅ, जȪ -इस अधिननयम या उसकȯ अिीन बनाए िए ककतहीं भी ननयमों या ककए िए ककतही भी आदȯशों कȯ अनसुरण मɅ सदभािपिूाक की िई हȪ या क्जसका कक इस प्रकार सदभािपिूाक ककया जाना आशनयत रहा हȪ, कȪई िाद, अलभयȪजन या अतय विधिक कायािही नहीं हȪिी ।

17. शक्ततयों का प्रतयायोजि - - राज्य सरकार, राजपत्र मɅ अधिसचूना द्िारा, यह ननदेश दȯ सकȯ िी कक इस अधिननयम कȯ अिीन उसकȯ द्िारा प्रयȪततव्य कȪई भी शक्तत ऐसी शतों, यदद कȪई हों, जȰसी कक अधिसचूना मɅ विननददाष्ट्ट की जाए, कȯ अध्यिीन रहतȯ हुए राज्य सरकार कȯ ककसी अधिकारी द्िारा भी प्रयȪततव्य हȪिी ।

18. नियम बिािȯ की शक्तत - - (1) राज्य सरकार, राजपत्र मɅ अधिसचूना द्िारा, इस अधिननयम कȯ प्रयȪजनों कȪ कायााक्तित करनȯ कȯ ललए ननयम बना सकȯ िी।

(2) विलशष्ट्टतया तथा पिूािामी शक्तत की व्यापकता पर प्रनतकूल प्रभाि डालȯ बबना, ऐसȯ ननयमों मɅ ननम्नललखखत समस्त विषयों या उनमɅ सȯ ककसी विषय कȯ ललए उपबति हȪ सकɅ िȯ अथाात ्: -

(क) ककसी भी ऐसी सचूना का प्राǾप क्जसका कक इस अधिननयम कȯ अिीन ददया जाना अपȯक्षित या प्राधिकृत ककया िया हȪ, तथा िह रीनत क्जसमɅ कक उसकी तामील की जा सकȯ िी;

(ख) इस अधिननयम कȯ अिीन जााँचों का ककया जाना;

(ि) सिम प्राधिकाररयों कȪ काया का वितरण तथा बटंिारा, ककसी सिम प्राधिकारी कȯ समि लबंबत ककसी कायािाही कȪ अतय सिम प्राधिकारी कȪ हस्ताततररत करनȯ; (घ) लȪक पररसरों का कब्जȯ लȯनȯ कȯ सबंिं मɅ अनसुररत की जानȯ िाली प्रकक्रया; (ङ) िह रीनत क्जसमȯ प्राधिकृत अधिभȪि कȯ ललए नकुसानी का ननिाारण ककया जा सकȯ िा और िȯ लसƨातत जȪ कक ऐसी नकुसानी का ननिाारण करतȯ समय ध्यान मɅ रखȯ जा सकɅ िȯ;

1 [च) बह रीनत क्जसमɅ अपीलɅ की जा सकɅ िी तथा िह प्रकक्रया जȪ कक अपीलों मɅ अपील प्राधिकारी द्िारा अनसुररत की जाएिी;]

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(छ) कȪई अतय विषय जȪ विदहत ककया जाना हȪ या विदहत ककया जाए ।

(3) इस अधिननयम कȯ अिीन बनाए िए समस्त ननयम वििान सभा कȯ पटल पर रखȯ जाएिȯ l

19. नििसि - - मध्यप्रदȯश ििनामȯट वप्रमाइसȯस (इवितशन) एतट 1952 (क्रȯ मांक 16 सन ्

1 952) एतद्द्िारा ननरस्त ककया जाता हȰ । 20. विधिमान्यताकिण - - ककसी तयायालय कȯ ककसी ननणाय, डडक्री या आदȯश कȯ हȪतȯ हुए भी, ककसी ऐसी बात या कायािाही (क्जसमɅ बनाए िए ननयम या ककयȯ िए आदȯश, जारी की िई सचूनाएाँ आददष्ट्ट या की िई बȯदखली, ननिााररत की. िई नकुसानी, िसलू ककए िए ककरायȯ या नकुसानी या खच,े शǾु की िई कायािादहयााँ सक्म्मललत हैं) कȯ सबंिं मɅ जȪ मध्यप्रदȯश ििनामɅट वप्रमाइसȯस इवितशन) एतट, 1952 (क्रमांक 16 सन ्1952) (जȪ इसमɅ इसकȯ पचचात ्सन ्1952 कȯ अधिननयम कȯ नाम सȯ ननददाष्ट्ट हȰ) कȯ अिीन की िई हȪ या क्जसका कक उस तरह ककया जा सकना तातपनयात रहा हȪ, यह समझा जाएिा कक िह इस तरह विधिमातय तथा प्रभािी हȰ मानȪ कक ऐसी बात या कायािाही इस अधिननयम कȯ जȪ कक िारा 1 की उपिारा (3) कȯ अिीन महाकȫशल िȯत्र मɅ 12 लसतम्बर, 1952 कȪ तथा अतय िȯत्रों मɅ 1 जनिरी, 1959 कȪ प्रितृत हुआ समझा जाएिा तत स् थानी उपबतिों कȯ अिीन की िई थी और तद्नसुार : - (क) सन ्1952 कȯ अधिननयम कȯ अिीन िसलू ककए िए ककसी ककरायȯ या नकुसानी या खचों की िापसी कȯ ललए, उस दशा मȯ जबकक ऐसी िापसी का दािा कȯ िल इस आिार पर ककया िया हȪ कक उतत अधिननयम असिंȰिाननक तथा शतूय घȪवषत कर ददया िया हȰ । ककसी भी तयायालय मɅ कȪई िाद या अतय विधिक कायािाही न तȪ चलाई जाएिी और. न चाल ूरखी जाएिी;. और (ख) कȪई भी तयायालय सन ्1952 कȯ अधिननयम कȯ अिीन िसलू ककए िए ककसी ककरायȯ या नकुसानी या खचों की िापसी का कȯ िल इस आिार पर कक उतत अधिननयम असिंȰिाननक तथा शतूय घȪवषत कर ददया िया हȰ ननदȯश दȯनȯ िाली ककसी डडक्री या आदȯश कȪ प्रिनत ात नहीं करȯिा ।

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