Madhya Pradesh act 0255 of 2007 : The Act of Madhya Pradesh Niji Vishwavidyalaya (Sthapna evam Sanchalan) adhiniyam 2007

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मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डांक परिमंडल, के पत्र क्रमांक 22/153, दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत. पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र.-108-भोपाल/06-08. (असाधारण) प्राधिकार से प्रकाशित क्रमांक 255] - ः भोपाल, शुक्रवार , दिनांक 25 मई 2007--ज्येष्ठ 4, शक 1929 विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 25 मई 2007 क्र. 3242-199-इक्कीस-अ-(प्रा.).--मध्यप्रदेश विधान सभा का निम्नलिखित अधिनियम जिस पर दिनांक 24 मई 2007 को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हो चुकी है, एतद्द्वारा सर्वसाधारण की जानकारी के लिये प्रकाशित किया जाता है. मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अखिल कुमार श्रीवास्तव, सचिव. मध्यप्रदेश अधिनियम क्रमांक १७ सन्‌ २००७ मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय ( स्थापना एवं संचालन ) अधिनियम, २००७ विषय-सूची अध्याय--एक प्रारंभिक धाराएं : १... संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ, २... परिभाषाएं, | अध्याय--दो निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना 3. निजी विश्वविद्यालय के उदंदेश्य ४... निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करना. ५... प्रस्ताव का मूल्याकन. 509

© 510 मध्यप्रदेश ससससलिल्ससिस्‍न्ट गा दिनाक कम 2007... दिनांक 25 मई 2007 दर हु छू द्ा स्त्रण्ड : . ) 3. R 83 आशय-पत्र जारी करना. - विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए शर्तें. अनुपालन रिपोर्ट की प्रस्तुति, सत्यापन तथा निरीक्षण. स्थापना और निगमन. _अध्याय--तीन निजी विश्वविद्यालय का प्रवर्तन तथा प्रबंध «. निजी विश्वविद्यालय को प्रोत्साहन, .. विन्यास निधि. . सामान्य निधि. सामान्य निधि का उपयोजन निजी विश्वविद्यालय के अधिकारी कुलाध्यक्ष, . कुलाधिपति, कुलपति, कुल सचिव. मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी. .. 99 अधिकारी. «. निजी विश्वविद्यालय के प्राधिकारी, .. शासी निकाय. प्रबंधन बोर्ड ,. विद्या परिषद्‌, अन्य प्राधिकारी, प्रथम 'परिनियम पश्चांत्वर्ती परिनियम, . प्रथम अध्यादेश, 'पश्चात्वर्ती अध्यादेश, «-. रिक्तियां निजी विश्वविद्यालय के किसी प्राधिकारी या निकाय की कार्यवाही को अविधिमान्य नहीं बनाएंगी, ः आपात रिक्तियों का भरा जाना, समिति. अभिलेख ' निजी विश्वविद्यालय के के सबूत की पद्धति, विनियम, : : : परिनियम, अध्यादेश और विनियम का प्रवर्तन, ' '. +' : अध्याय--चार निजी विश्वविद्यालय का विनियमन विनियामक आयोग, ) - वार्षिक रिपोर्ट. वार्षिक लेखा एवं संपरीक्षा, नियतकालिक निरीक्षण, ः अध्याय-पांच निजी विश्वविद्यालय का परिसमापन «. प्रायोजी निकाय का विघटन होने पर निजी विश्वविद्यालय का प्रबंधन, ¥, कतिपय परिस्थितियों में राज्य सरकार की विशेष शक्तियां. अध्याय-छह प्रकीर्ण «नियम बनाने की शक्ति. WA दूर करने की शक्ति.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मई 2007 510 (1) मध्यप्रदेश अधिनियम क्रमांक १७ सन्‌ २००७ . | चिश्वविद्यालय ( स्थापना .एवं संचालन ) अधिनियम, २००७ [दिनांक २४ मई, २००७ को राज्यपाल की अनुमति ध्रांप्त हुई; अनुमति “' मध्यप्रदेश राजपत्र ( असाधारण )”' में दिनांक 25 मई, 2007 को प्रथमबार प्रकाशित की गई. 3 मध्यप्रदेश राज्य में. उच्यतर शिक्षा प्रदान करने हेतु स्वविसपोधित निजी विश्वशिद्यालय की स्थापना और निगमन के लिये तथा उनके कृत्यों के विनियमन तथा उससे संसक्त या उनसे आनुषंगिक मामलों के लिये उपबंध रत गणराज्य के अद्ठावनवें वर्ष में मध्यप्रदेश विधान-मण्डल द्वारा निम्नलिखित ,रूप में यह अधिनियमित हो :-- ) i + अध्याय--एक प्रारंभिक १. (१५ इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम, . ३००७ है, (२) इसका विस्तार सम्पूर्ण मध्यप्रदेश पर है. (३) यह ऐसी तारीख से प्रवृत्त होगा, जैसा कि राज्य ,सरकार, अधिसूचना द्वारा, नियत करे. २. इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-- i ) "विद्या परिषद” से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय की विद्या परिषद; . (ख) “गरीबी रेखा से नीचे का परिवार" से अभिप्रेत है, ऐसा परिवार जिसकी आय शांसन द्वारा, समय- समय पर, यथा विनिर्दिष्ट गरीबी रेखा से नीचे हो; (ग) “प्रबंधन बोर्ड” से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय का प्रबंधन बोर्ड; (घ).. “कुलाधिपति' से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय का कुलाधिपति; (डा... “मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी” से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय का मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी (च) T Sy से अभिप्रेत है, अध्ययन विभाग तथा उसमें सम्मिलित है किसी निजी विश्वविद्यालय का अध्ययन केन्द्र; (%) “कर्मचारी से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त किया गेंथा कोई व्यक्ति तथा इसमें सम्मिलित है निजी. विश्वविद्यालय के अध्यापक तथा अन्य कर्मचारिवृन्द; N “विन्यास निधि” से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय की विन्यास निधि; (@ “फीस'' से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय द्वारा चिद्यार्थियों से किया जाने वाला संग्रहण, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए; (ल)... “शासी निकाय'' से. अभिप्रेत॑ हैं, निजी विश्वविद्यालय का शासी निकाय; संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ, 'यरिभाषाएं,

nm\ W\, दिनांक 25 मई 2007 - @ (3) @) () (ण) (M (1) () () (न) (M) (%) (=) ुभ (म) - कम से कम पांच विश्वविद्यालय अध्यापंन विभाग, विद्या शाखा हों और जहां कुलपति एवं कुलसचिव *' अध्यादेश'' से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय का अध्यादेश; . निजी विश्वविद्यालय; ' भेषजी परिषद्‌; - "अनुसूचित जनजाति से अभिप्रेत है, भारत के संविधान के अनुच्छेद 342 के अधीन अधिसूचित ' डे “उच्चतर शिक्षा से अभिप्रेत है, ३ ०+२ स्तर से आगे ज्ञान के लिए निर्धारित पाद्यचर्या अथवा पाठ्यक्रम है का अध्ययन; ' ' मु “मुख्य परिसर”' से अभिप्रेत है, मध्यप्रदेश में स्थित निजी विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर, जिसमें 3: निवास करते हों तथा निजी विश्वविद्यालय का सुख्य कार्यालय भी स्थित हो; “नेशनल कॉसिल ऑफ एसेसमेनट एण्ड दफ्रेडटिशन”” से अभिप्रे है, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग है. की एक स्वशासी संस्थान, नेशनल कौंसिल ऑफ एसेसमेन्ट एण्ड एक्रेडिटेशन, बैंगलोर, “अन्य पिछड़ा वर्ग” से अभिप्रेत है, सज्य हर द्वारा, समय-समय पर यथा संशोधित अधिसूचना 8 कै. एफ-८५-पच्चीस-४-८४-दिनांक २६ » रै९८४ द्वारा यथा विनिर्दिष्ट नागरिकों के अन्य पिछड़े वर्ग; : : _ . - “निजी विश्वविद्यालय” से अंभिप्रेत, है, इस अधिनियम के अधीन स्थापित और निगमित किया गया :अहंता"” से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय द्वारा दी गईं कोई उपाधि या कोई अन्य o “'कुलसचिव'' से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय का कुलसचिक; *'विनियम'' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन बनाए गए विनियम; *'विनियामक निकाय" से अभिप्रेंत है, केन्द्रीय. अथवा राज्य सरकार द्वारा स्थापित केन्द्रीय या. है *' विनियामक आयोग" से अभिप्रेत है धारा द्धू के अधीन स्थापित विनियामक आयोग; “'विनियासक पेरिषद "3 अभिप्रेत है, यश्स्थिति, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद्‌ अधिनियम, सह-चिकित्सीय परिषदू अधिनियम, २००० (क्रमांक १ सन्‌ २००१) के अधीन स्थापित मध्यप्रदेश सह-चिकित्सीय परिषद्‌ था भेषजी अ्िनियम, १९४८ (१९४८ का <) F अधीन गठिंत भारतीय अधिनियम, १९५६ (१९५६ का १०२) के अधीन गठित भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद्‌, मध्यप्रदेश '* अनुसूची '” से अभिप्रेत है; इस. अधिनियम की अनुसूची; '* अनुसूचित जाति” से अभिप्रेत है, भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 के अधीन अधिसूचित अनुसूचित जातियां; < R T पे कक अनुसूचित जनजातियों

मध्यप्रदेश राजपत्र, :दिनांकें 25 मई 2007 &) उच्चतर शिक्षा में शिक्षण, अध्यापन तथा प्रशिक्षण की व्यवस्था करना एवं गसेषणा, ज्ञान की अभिवृद्धि एवं प्रसार के लिये उपबंध करना _— मदेश राजपत्रा दिनांक 25 मई 2007... 5ा0 (3) @ “विद्या शाखा” से अभिप्रेत है, उच्चतर विंा तथा गैंमेंबण के स्थान के रूप में निजी विश्वविद्यालय द्वारा संधारित की गई संस्था (य, क) निजी विश्वविद्यालय के संबंध में *'प्रायोजी निकाय'' से अभिप्रेत है :-- (क) मध्यप्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, १९६७३: क्रमांक vy सन्‌ १९७३) के अधीन * 'रजिस्ट्रीकृतत कोई ' सोसाईटी (@) कोई रजिस्ट्रीकृत सार्वजनिक न्यास (ग)... कम्पनी: अधिनियम, १९५६ (१९५६ का. सं, १) की धारा २५ के अधीन रजिस्ट्रीकृत कोई कम्पनी; तथा (M) =€ o निकाय जो तत्समय प्रवृत्ते किसी अन्य अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत किया गया हो (य ख) ''परिनियम”' से अभिप्रेत है, इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन बनाए गए 'परिनियम; @M ;'Efi" से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय में नामांकित कोई व्यक्ति, जो उपाधि,. उपाधिपत्र, प्रमाणपत्र अथवा विद्या संबंधी अन्य विशेष सम्मान की प्राप्ति के लिए किसी पाद्यक्रम का अध्ययन करता है (य घ). “ अध्यापक" से अभिप्रेत है, प्राथ्यापंक, प्रवाचक, व्याख्याता या किसी अन्य पदनाम से ज्ञात कोई व्यक्ति, जिससे यह अपेक्षित है कि वह शिक्षा दे या गवेषणा के लिए मार्गदर्शन करे, या निजी विश्वविद्यालय के किसी पाठ्यक्रम के अध्ययन हेतु छात्रों का मार्गदर्शन करें (य ड9. “विश्वविद्यालय से अभिप्रेत है, केन्द्रीय अधिनियम या राज्य अधिनियम द्वारा या उसके अधीन स्थापित या निगमित विश्वविद्यालय और इसमें सम्मिलित है ऐसी संस्था, जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता .प्राप्त हो. (य च) “विश्वविद्यालय अनुदान. आयोग'' से अभिप्रेत है; विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, १९५६ - ' (१९५६ का ३) के -अधीन स्थापित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग; ््य छ). विश्वविद्यालय अनुदान आयोग बिनियम, २००३'” से अभिप्रेत है, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, १९५६ (१९५६ का सं. ३) के अधीन बनाया गया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना एवं मानक का संधारण) विनियम, २००३; (य ज) “कुलपति” से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय का कुलपति; ः (य झ). *कुलाध्यक्ष”” से अभिप्रेत है, निजी विश्वविद्यालय का कुलाध्यक्ष, अध्याय--दो निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना ३. निजी विश्वविद्यालय के निम्नलिखित सामान्य उद्देश्य होंगे :-- "निजी विश्वविद्यालय के उद्देश्य अं

e ki नाथ 510 (4) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मई 2007 =) (ग) S ® = (®) बौद्धिक क्षमता के उच्चतर स्तर का सृजन करना; शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए कला सुविधाओं को सुलभ करना; अध्यापन तथा गंवेषणा एवं शिक्षा कार्यक्रमों की निरन्तर चालू रखने का प्रस्ताव करना; गवेषणा एवं विकास तंथा ज्ञान की सहभागिता एवं उसके उपयोजन के लिए उत्कृष्टता केन्द्रों को सुजित करना; विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, तथा संबद्ध विनियामक निकाय या विनियामक परिषद द्वारा अधिकथिते मानदण्डों के अनुसार ठपाधि, उपाधिपत्र, प्रमाण पत्र तथा अन्य विद्या संबंधी विशेष सम्मान के स्तर को बनाए रखना; विनियामक आयोग की अनुशंसा पर आधारित किसी ऐसे. अन्य उद्देश्य के अनुसार कार्य करना, जैसा कि राज्य सरकार द्वास समय-समय पर अनुमोदित किया - जाए, लिजी विश्वविद्यालय ¥ (1) धारा ३ में प्रगणित उद्देश्यों के क्रियान्वयन हेतु निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रस्ताव तथा _ की स्थापना के लिए... परियोजना रिपोर्ट अंतर्विष्ट करते हुए प्रायोजी निकाय द्वारा विनियामक आयोग को आवेदन, ऐसी फीस के साथ तथा ऐसे प्रस्ताव प्रस्तुत करना. पररूप में किया जाएंगा, जैसा कि विहित किया जाए, (२) परियोजना रिपोर्ट में निम्मलिखित विशिष्टयां अन्तर्विष्ट होंगी, अर्थात्‌ — (क) =) m =) ‘ @ =) (®) (N (झ) ) प्रायोजी निकाय के रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र, उसके गठन तथा उपचिधियों की प्रति के साथ विस्तृत =i पूर्ववर्ती पांच वर्षों के संपरीक्षित लेखाओं के साथ प्रायोजी निकाय के वित्तीय संसाधनों के संबंध में जानकारी; प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर 'की अवस्थिति; निजी विश्वविद्यालय के उद्देश्य; भूमि की उपलब्धता और भवन तथा अवसंरचनात्मक सुविधाओं के ब्यौरे; - निजी विश्वविद्यालय का कार्य प्रारंभ होने के पूर्व लिए जाने वाले परिसर के विकास हेतु योजना के विस्तृत ब्यौरे, जैसे भवन निर्माण संरचनात्मक सुख सुविधाएं एवं अवसंरचनात्मक सुविधाओं का विकास और उपकरण के उपापन आदि उपलब्धियों तथा पांच वर्षों के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम की रूपरेखा; ः पांच वर्ष के लिए प्रस्तावित पूंजीगत व्यय की चरणबद्ध स्थिति विवरण तथा उसके वित्त के स्रोत; संकाय, जैसे विज्ञान, कला, वाणिज्य, तकनीकी, शिक्षा आदि, की प्रकृति तथा संख्या, निजी विश्वविद्यालयों द्वारा प्रत्येक संकाय में किए जाने वाले प्रस्तावित अध्ययन तथा गवेषणा ;कार्यक्रम (स्नातक और स्नातकोत्तर) के प्रकार एवं ऐसा क्रमिक कार्यक्रम जो पादयक्रमानुसार नामांकन लक्ष्य के साथ पांच वर्ष के लिए हो; प्रायोजी निकाय के समादेश पर संबंधित शिक्षण में अनुभव तथा विशेषज्ञता; अध्ययन पादूयक्रमों तथा गवेषण हेतु अपेक्षित शैक्षणिक सुविधाओं की उपलब्धता जैसे अध्यापन कर्मचारिवृन्द तकनीकी या गैर-तकनीकी कर्मचारिवृन्द एवं उपकरण आदि;

मध्यप्रदेश ससससाससयसससनयनय 1 म्रदेश राजप्र, दिनांक 25 मई 2007... 50 (66) दिनांक 25. मई 2007 सससससससललललनननदश एजपतरा दिनांक 2 मई 200 505) (ट).... फढ़ूयक्रम अनुसार या क्रियाकलाप के अनुसार आवर्ती व्यय का अनुमान तथा वित्त के स्रोत तथा अनुमानित प्रति छात्र व्यय; . - (ठ). . संसाधनों का जुराव करने की स्कीम तथा उससे संबद्ध पूंजी की लागत तथा ऐसे स्रोतों के प्रेति संदाय . की रीति; ः . I . (®) o6 A g, निजी विश्वविद्यालय के उद्देश्यों से संबंधित अन्य क्रियाकलापों से प्रत्याशित राजस्व. एवं अन्य प्रत्याशित आय के द्वारा आन्तरिक रूप से निधि को जुटाने (जेनरेट करने). कौ स्कीम; कि ' ' . (@) इकाई की लागत पर व्यय के ब्यौरे के संदर्भ सहित विभिन्‍न पाठ्यक्रमों के लिए प्रस्तावित फीस का ढांचा तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग तथा गरीबी रेखा से नीचे के परिवार के छात्रों को दी जाने वाली फीस में रियायतों या रिबेट या फीस माफी तथा छात्रवृत्ति यदि कोई . हो का विस्तार; ः (ण)... निजी विश्वविद्यालय में पाद्यक्रमों में 'छात्रों के प्रवेश के लिए चयन हेतु अपनाई जाने वाली . ...... प्रस्तावित प्रथाली; ः . . . 4 (@) निजी विश्वविद्यालय में अध्यापकों तथा अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति हेतु अपनाई जाने वाली प्रस्तावित प्रणाली, ५. (१) विनियामक आयोग; निजी विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव तथा परियोजना रिपोर्ट प्राप्त होने पर, प्रस्ताव... का सस्ताव के प्राप्त होने से ६० दिन के भीतर, परियोजना रिपोर्ट में अधिकथित तथ्यों की ऐसी समीक्षा करेगा, जैसी कि मूल्वॉकन, वह आवश्यक समझे. , व (२) विनियामक आयोग समीक्षा के दौरान प्रायोजी निकाय से कोई अतिरिक्त जानकारी मांग सकेगा और ऐसी . आानकारी प्राप्त होने के पश्चात, विनियामक आयोग ९० दिन के भीतर परियोजना प्रस्ताव का मूल्यांकन करेगा. & () थारा ५ में यथा उपबंधित जांच तथा मूल्यांकन के पश्चात, यदि विनियामक आयोग की यह राय हो. आशय पत्र जारी के प्रायोजी निकाय को निजी विश्वविद्यालय कौ स्थापना करने का अवसर दिया जाए, तो वह राज्य सरकार को सिफारिश करना, हरेगा कि इस संबंध में प्रायोजी निकाय को आशय पत्र जारी करे : , (२) विनियामक आयोग से अनुशंसा प्राप्त होने पर, राज्य सरकार प्रायोजी निकाय को राज्य में निजी विश्वविद्यालय - थापित करने के संबंध में आशय पत्र जारी कर सकेगी. : ' ७. -थारा ६ की उपधारा (२) में यथा उपबंधित आशय पत्र में निम्नलिखित शर्तें अंतर्विष्ट होंगी, जिनके संबंध निजी विश्वलिद्यालय 1 प्रायोजी निकाय से यह अपेक्षा कीं जाएगी कि वह राज्य में एक निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिये उन्हें स्थापित करने की शर्तें, ही करे, अर्थात्‌ :-- (एक) . वह-- (क) मुख्य परिसर स्थापित करेगा; (@ धारा ११ के उपबंधों के अनुसार विन्यास निधि स्थापित करेगा; (दो)... वह स्थापित किए जाने वाले मुख्य परिसर के लिए न्यूनतम २० हैक्टर भूमि प्राप्त करेगा और उसके ः स्वामित्व संबंधी कागज प्रस्तुत करेगा; की (तीन) वह प्रशासकौय प्रयोजन तथा शैक्षणिक, कार्यक्रम संचालित करने के लिए भवन तथा अनुषंगी संरचना के रूप में न्यूनतम २५०० वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र उपलब्ध करायेगा;

510 (6) मध्यप्रदेश राजपत्र, - दिनांक 25 मई 2007 (चार) . वह निम्नलिखित प्रभाव का परिवचन देगा कि :-- =) (ख) - (ग) (N - = = (=) (N (= (=N @) @ (®) निजी विश्वविद्यालय .एकात्सक तथा स्ववित्तपोषित होगा; निजी विश्वविद्यालय की भूमि तथा भवन का उपयोग केवल निजी विश्वविद्यालय के प्रयोजन हेतु किया जाएगा; निजी विश्वविद्यालय के निगमन के तत्काल पश्चात्‌ तथा कक्षाएं प्रारंभ होने के पूर्व प्रत्येक विभाग में या विषय (डिसिप्लीन) में आवश्यक सहयोगी. कर्मचारिवृन्द सहित पर्याप्त संख्या में संकाय सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी वह छात्रों के लाभ हेतु विनियामक निकांय द्वारा अधिकथित मानकों के अनुसार उचित शैक्षणिक तथा स्वस्थ वातावरण को प्रोत्साहित करने हेतु सह-पाठ्यक्रम क्रियाकलाप, जैसे सेमिनार, बादविवाद, प्रश्नावली, कार्यक्रम तथा, पाद्येतर क्रियाकलाप जैसे क्रीड़ा, खेलकूद, राष्ट्रीय सेवा स्कीम, नेशनल केडिट कोररप्स आदि, को करेगा सह निजी विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के लिए कल्याणकारी कार्यक्रम प्रारंभ करेगा खह ऐसी अन्य शर्तों को पूरी करेगा तथा ऐसी अन्य जानकारी देगा जैसा कि केन्द्रीय विनियामक निकायों द्वारा समय-समय पर विहित की जाए; विनियामक निकाय द्वारा, समय-समय पर, अधिक्रथित कार्यक्रम, संकाय, अवसंरचना सुविधाओं, चित्तीय व्यवहार्य॑ता की शर्तों को न्यूनतम मापदंण्डों में पूरा करेगा: बह स्नातक तथा स्नातकोत्तर उपाधि या उपाधिपत्र के मुख्य अध्ययन कार्यक्रम की रचना करेगा जो सुसंगत विनियमों तथा विश्वनिन्ञालसं अनुदान आयोग या संबंधित. कासूनी निकायों के मानकों को पुष्टि करेगा; बह विनियामक निकायों के मानकों या मार्गदर्शनों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया ता फीस के नियतन को अवधारित करेगा; उसका नेशनल कौंसिल ऑफ एसेसमेन्ट एण्ड एक्रेडिटेशन द्वारा आवश्यक रूप से निर्धारण तथा प्रत्यायोजन किया जाएगा ः - निजी विश्वविद्यालय का अध्यापन कर्मचारिवूंद, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या अन्य संबद्ध विनियामक आयोग द्वारा विहित न्यूनतम अरहहता रखेंगा तथा उसको समुचित घारिश्रमिक संदत्त करेगा; निजी विश्वविद्यालय समस्त व्यक्तियों के लिए, चाहे तह किसी भी लिंग का हो, खुला रहेगा और जाति, चंध, धर्म बंश के आधार पर उसमें भेदभाव नहीं किया जाएगा तथा निजी विश्वविद्यालय के लिए यह लिधिपूर्ण नहीं होगा कि वह धार्मिक विश्वास के आधार पर किसी भी व्यक्ति का, निजी विश्वविद्यांलय में अध्यापक के रूप में नियुवित किए जाने या उसमें किसी अन्य पद के धारण करने या उसे निजी विश्वविद्यालय में छात्र के रूप में प्रवेश दिए जाने या उसके किसी विशेषाधिकार का उपभोग या प्रयोग करने का हकदार बनाने. की दृष्टि से किसी भी प्रकार परीक्षण करे या उस पर कोई परीक्षण थोपे. ’ इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार संबंधित परिनियमों तथा अध्यादेशों के अनुमोदन होने तक प्रवेश तथा कक्षाओं का कार्य प्रारंभ नहीं किया जाएगा. अनुपालन रिपोर्ट की... ..... ८. (१) प्रायोजी निकाय सुसंगत दस्तावेजों सहित अनुपालन रिपोर्ट तथा परिवचन विनियामक आयोग को प्रस्तुति, सत्यापन. प्रस्तुत करेगा. तथा निरीक्षण.

मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मई 2007 510 (7) -. (२) प्रायोजी निकाय से अनुपालन रिपोर्ट प्राप्त करने के पश्चात्‌ विनियामक आयोग, उसका तथा तथ्यात्मक आंकड़ों का ऐसी रीति में परीक्षण करेगा जैसां कि वह उचित समझे. (३) उपधारा (२) में यथाउल्लिखित अनुपालन रिपोर्ट तथा परिवचन. के परीक्षण के पश्चात यदि उसमें कोई कमी पाई जाती हैं तो वह प्रायोजी निकाय को निदेश देगा कि यथाशीघ्र पहचानी गई कमियों को दूर करे. (४) विनियामक आयोग का यह समाधान हो जाने पर कि, उपधारा (३) में यथाउल्लिखित पहचानी गई कमियों को दूर कर दिया गया है, निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रस्ताव की स्थिति के संबंध में राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजेगा, (५) राज्य सरकार विनियामक आयोग से उपधारा (४) में उल्लिखित रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने का अनुरोध करेगा और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग. अपनी रिपोर्ट अधिक से अधिक तीन मास के भीतर प्रस्तुत करेगा या अन्यथा राज्य सरकार ऐसा विनिश्वय कर सकेगी, जैसा कि वह उचित समझे. (६) यदि प्रायोजी निकाय नियत समय के भीतर धारा ७ में अधिकथित शर्तों का अनुपालन करने में असफल ' रहता है, तो धारा ४ की उपधारा (१) के अधीन प्रस्तुत किया गया परियोजना प्रस्ताव, निष्प्रभावी हो जाएगा तथा धारा ६ की उपधारा (२) के अधीन जारी कियां गया आशय पत्र रद्द हो जाएगा. ९, (१) यदि थार ८ के अधीन विनियामक आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की निरीक्षण रिपोर्ट, यदि कोई हो, पर विचार करने के पश्चातूं राज्य सरकार का यह समाधान हो जाता है कि प्रायोजी निकाय ने धारा ७ के उपबंधों का पालन कर॑ लिया है तथा उसके प्रस्ताव के आधार पर निजी विश्वविधालय स्थापित किया जा सकता है, तो वह अनुसूची का संशोधन करके ऐसे विशिष्ट नाम तथा दिवरण सहित, जैसा कि अनुसूची में इस निमित्त . विनिर्दिष्ट किया .जाए, एक मिजी विश्वविद्यालय स्थापित करेगी. (२) ऐसा निजी विश्वविद्यालय, अनुसूची के संशोधन की तारीख से निगमित हुआ समझा जाएगा. | (३) निजी विश्वविद्यालय, अनुसूची में दर्शाए गए ऐसे नाम से एक निगमित निकाय होगा जिसका इस अधिनियम के उपबंधों के अध्यंधीन रहते हुए शाश्वत्‌ उत्तराधिकार होगा एवं उसकी सामान्य मुद्रा होगी, जो सम्पत्ति अर्जित कर सकेगा तथा उसका स्वामित्स होगा, करार कर सकेगा तथा उस नाम से बाद चला सकेगा तथा उस्‌ पर वाद चलाया जा सकेगा, (४) ऐसे निजी विश्वविद्यालय द्वास या उसके विरुद्ध प्रस्तुत समस्त वाद या अन्य विधिक कार्यवाही में अभिवचन कुलसचिव द्वारा हस्ताक्षरित तथा सत्यापित किये जाएंगे और ऐसे वाद या कार्यवांहियों में समस्त आदेशिकाएं कुलसचिव को जारी की जाएंगी तथा उस. पर तामील की जाएंगी. (५) निजी विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर. ऐसे स्थान पर होगा जैसा कि अनुसूची के कॉलम (५) में दर्शाया गया है. अध्याय--तीन निजी विश्वविद्यालय का संचालन एवं प्रबंधन १०. धारा ७ के खण्ड (चार) के उपखण्ड (क) के उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, राज्य सरकार कारणों. को लेखबद्ध करते हुए निजी विश्वविद्यालय को वित्तीय या अन्य प्रोत्साहन देने के लिए विचार कर सकेगी .. र१. (१) राज्य सरकार से, धारा ६ की उपधारा (२) में यथा उप्रबंधित आशय-पत्र प्राप्त होने पर, यदि कोई प्रायोजी निकाय शर्तों को पूरा करना चाहता है तथा आशय-पत्र में यथा उल्लिखित परिवचन देता है तो वह बैंककारी कंपनी (उपक्रमों का अर्जन तथा अंतरण) अधिनियम, १९७० (१९७० का ५). की प्रथम अनुसूची में तत्स्थानी नये बैंक के रूप में विनिर्दिष्ट किसी बैंक में 'पन्द्रह दिन के भीतर शाश्वत निक्षेप के रूप में पांच करोड़ की विन्यास निधि स्थापित करेगा. स्थापना. और निगमत. निजी विश्वविद्यालय को प्रोत्साहन, चिन्यास निधि.

510 (8) सामान्य निधि. सामान्य निधि का 'उपयोजन. मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मई 2007 (२) यह सुनिश्चित करने के लिए कि निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, परिनियम तथा अध्यादेश के उपबंधों का पालन कर रहा है, विन्यास निधि सुरक्षा 'निक्षेप के रूप में प्रयुक्त होगी तथा प्रायोजी निकाय द्वारा अधिनियम, परिनियम, अध्यादेश या विनियमन के किसी भी उपबंध के उल्लंघन या भंग की दशा में, विनियामक आयोग की अनुशंसा पर रॉज्य सरकार विन्यास निधि को पूर्णतः: या उसके किसी भाग को सूचना देने पश्चात्‌ समपहत कर सकेगी. (३) निजी विश्वविद्यालय की अवसंरचना के विकास के लिए बिन्यास निधि से आय का उपयोग किया जा सकेगा किन्तु इसका उपयोग निजी विश्वविद्यालय के आवर्ती व्यय हेतु नहीं किया जाएगा. (४. विन्यास निधि के स्थापना का ढंग, उसके विनिधान का प्रकार, उससे प्राप्त आय का प्रायोजी निकाय को भुगतान, उसको समपहत करने और प्रायोजी निकाय के वापस करने का ढंग ऐसा होगा जैसा कि विहित किया जाए. १२. प्रत्येक निजी विश्वविद्यालय एक निधि की स्थापना करेगा, जो सामान्य निधि के नाम से जानी जाएगी, जिसमें निम्नलिखित राशि जमा को जाएगी, अर्थात्‌:-- (F) (&) ™ (o) निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्त फीस तथा अन्य प्रभार; प्रायोजी मिकाय द्वारा किया गया कोई अंशदान; न्यास, बसीयत, दान, विन्यास तथा. कोई अन्य का अनुदान; तथा ः निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्त अन्य सभी प्रकार की राशि: परन्तु खण्ड (क) के अधीन छात्रों से संग्रहीत फीस का एक प्रतिशत, विनियामक आयोग के पास . ऐसी सति में, जैसी कि विहितत की जाए, जमा किया जाएगा. १३. सामान्य निधि का उपयोग निम्नलिखित प्रयोजनों के लिए किया जाएगा, अर्थात्‌:-- (क) @ @ ) = = (=) () इस अधिनियम तथा उसके अधीन बनाए गये परिनियमों, अध्यादेशों तथा विनियमों के प्रयोजनों के लिए ऋण का प्रति संदाय, जिसमें प्रभारित ब्याज भी सम्मिलित है निजी विश्वविद्यालय की आस्तियों का रखरखाव; धारा ११ एवं १२ के अधीन सृजित निधियों के अंकेक्षण की लागत का भुगताम; न्यायालय में ऐसे वाद या कार्यवाही के व्ययों को पूरा करना जिसमें निजी विश्वविद्यालय एक यक्षकार हो ः ः विश्वविद्यालय के अधिकारियों तथा कर्मचारियों और अध्यापन एवं शोध कर्मचारिवूंद के सदस्यों के वेतन, भत्ते, भविष्य निधि अंशदाम, उपदान तथा अन्य फायदों का भुगतान; "शासी निकाय, प्रबंधन बोर्ड, विद्या परिषद तथा निजी विश्वविद्यालय के परिनियम के अधीन इस प्रकार घोषित अन्य प्राधिकरण के सदस्यों तथा किसी प्राधिकरण या प्रायोजी निकाय के सभापति ( चेयरपर्सन ) ' दया इस अधिनियम तथा उसके अधीन बनाए गए परिनियमों, अध्यादेशों या विनियमों के किसी उपबंध के अनुसरण में कुलपति द्वारा नियुक्त की गई किसी समिति के सदस्यों के यात्रा भत्ते या अन्य भत्तों का भुगतान; : यथास्थिति, गरीबी रेखा से नीचे के परिवार के छात्रों या शोध सहयुवत (एसोसिएट्स) या प्रशिक्षु को या अन्य ऐसे छात्रों को, जो इस अधिनियम तथा उसके अधीन बनाए गए परिनियमों अध्यादेशों . विभियमों या नियमों -के उपबंधों के अधीन ऐसे पुरस्कारों के लिए अन्यथा पात्र हों, अध्येतावृत्ति 'फीस माफी, छात्रवृत्ति, सहायकवृत्ति तथा अन्य पुरस्कार का दिया जाना इस अधिनियम तथा इसके अधीन बनाए गए परिनियमों, अध्यादेशों या विनियमों के उपनंधों के क्रियान्वयन में निजी विश्वविद्यालय द्वारा उपगत किए गए किसी व्यय का भुगतान;

TRy m___—___—_____________fi__, दिनांक 25 मई 2007 510 (9) (झ) ... प्रायोजी निकाय द्वारा निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए एवं उसके द्वारा किए गएं निवेश में पूंजी की लागत का भुगतान, जो. ब्याज की लागू बैंक दर से अधिक न हो; (न)... किन्हीं अन्य व्ययों का भुगतान जिसमें सम्मिलित है कोई विशिष्ट सेवा जिसके अन्तर्गत प्रायोजी निकाय की ओर से निजी विश्वविद्यालय की प्रबंधकौय सेवा आती है जो कि प्रबंधन बोर्ड द्वारा निजी विश्वविद्यालय के प्रयोजनों के लिए व्यय के रूप में अनुमोदित हो, प्रदान करने के उत्तरदायित्व से भारितत किसी संगठन को देय सेवा फीस: ' परन्तु निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रबंधन बोर्ड के पूर्व अनुमोदन के बिना, प्रबंधन 'बोर्ड द्वारा नियत किए गए किसी वर्ष हेतु कुल आवर्ती तथा कुल अनावर्ती व्यय हेतु निर्धारित सीमा से अधिक कोई व्यय उपगत नहीं किया जाएगा; परन्तु यह और कि सामान्य निधि का उपयोग खण्ड (क) मैं विनिर्दिष्ट उद्देश्य के लिये निजी विश्वविद्यालय के शासौ निकाय के अनुमोदन के बिना नहीं किया जाएगा. श४. निजी विश्वविद्यालय के निम्नलिखित अधिकारी होंगे, अर्थातुप-- निजी विश्वथिज्ञालय के अधिकारी, (कक)... कुलाध्यक्ष (|) कुलाधिपति (M कुलपति (@) कुलसचिव (ड) 7= fav एवं लेखाधिकारी, और . L@ ऐसे अन्य अधिकारी जिन्हें परिनियमों द्वारा निजी विश्वविद्यालय के अधिकारी होना घोषित किया जाए, १५. (१) मध्यप्रदेश के राज्यपाल, निजी बिश्वविधालय के कुलाध्यक्ष होंगे. कुलाध्यक्ष, (२) कुलाध्यक्ष, जब वे उपस्थित हों, उपाधि तथा उपाधि-पत्र प्रदान करने हेतु निजी विश्वविद्यालय के दौक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगे, _ . (3) कुलाध्यक्ष की निम्नलिखित शक्तियां होंगी, अर्थात्‌:-- . (कं)... निजी विश्वविद्यालय के कार्यकलापों से संबंधित कोई ज्ञानकारी या अभिलेख मंगवाना; (@) जानकारी के आधार पर, यदि यह प्रतीत होता है कि निजी विश्वविद्यालय के किसी प्राधिकारी द्वारा किया गया कोई आदेश, कार्यवाही अथवा विनिश्चय इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए परिनियमों, अध्यादेशों या विनियमों के अनुरूप नहीं है तो कुलाध्यक्ष, विनियामक आयोग का मत ब्राप्त कर सकेगा तथा ऐसा समाधान होने पर कि कोई -अनियमितता हुई है, ऐसा निदेश जारी कर सकेगा, जैसा कि वह निजी विश्वविद्यालय के हित में उचित समझे, तथा इस प्रकार जारी किए गए निदेशों का, निजी विश्वविद्यालय द्वारा अनुपालन किया जाएगा. : १६. (१) कुलाध्यक्ष के अनुमोदन से कुलाधिपति प्रायोजी निकाय द्वारा नियुक्त किया जाएगा. कुलाधिपत्ति, (२) कुलाधिपति निजी विश्वविद्यालय का प्रमुख होगा. _ (३) कुलाधिपति विश्वविद्यालय की शासी निकाय की बैठकों की अध्यक्षता करेगा तथा जब कुलाध्यक्ष उपस्थित न हो, उपाधि, उपाधि-पत्र तथा अन्य सिद्या संबंधी सम्मान प्रदान करने के लिए निजी विश्वविद्यालय को दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेगा.

510 (14) मध्यप्रदेश राजेपत्र, दिनांक 25 मई 2007 (M कुल सचित, मुख्य वित्त तथा लेखा अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों की नियुक्ति की रीति और निबंधन तथा शर्तें और उनकी शक्तियां तथा कृत्य (घ).... अध्यापकों की नियुक्ति की रीति और निबंधन तथा शर्तें; (ड)... निजी विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की सेवा की रीति और निबंधन तथा शर्तें; (च)... अधिकारियों, अध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्रों के बीच विवाद के मामले में मध्यस्थता हेतु प्रक्रिया; (8) T उपाधियां प्रदान काला; (W) ट्यूशन फीस के भुगतान के संबंध में छात्रों को छूट देने तथा उनको छात्रवृत्ति और शिक्षावृत्ति प्रदान करने हेतु उपबंध; _ ' (झ) .. प्रवेश संबंधी नीति का उपबंध करना, जिसमें विशेषतः गरीबी रेखा के नीचे के परिवार, 'अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, शारीरिक रूप से विकलांग एवं अन्य प्रवर्गों के छात्रों हेतु स्थानों के आरक्षण का विनियमन भी सम्मिलित है; (=) छात्रों से प्रभारित की जाने बाली फीस तथा खण्ड (झ) में उल्लिखित श्रेणियों के लिए रियायतों का उपबंध करना; - : (ट). विभिन्‍न पाठ्यक्रमों हेतु स्थानों की संख्या का उपबंध करना (२). निजी. विश्वविद्यालय के प्रथम परिनियम, शासी निकाय द्वारा बनाए जाएंगे तथा विनियामक आयोग को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे ः ः :. (है). विनियामक आयोग, निजी विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत अथम परिनियमों पर उसकी प्राप्ति की तारीख से 2 मास के भीतर विचार करेगा तथा ऐसे उपान्तरणों सहित, जैसा कि वह आवश्यक समझे; अपना अनुमोदन देशा. (४) निजी विश्वविद्यालय विनियांमक आयोग द्वारा तथा अनुमोदित प्रथम परिनियमों पर, अपनी सहमति संसूचित करेगा और यदि वह विनियामक आयोग द्वारा उपधारा (३) के अधीन किये गये उपान्तरणों को प्रभाबशील करने की बांछा नहीं रखता है तो वह उसके लिए कारण बताएगा तथा विनियामक आयोग निजी विश्वविद्यालय द्वारा दिये गये सुझावों - को स्वीकार अथवा अस्वीकार कर सकेगा _ et २७. (१). इस अधिनियम एवं उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए निजी परिनियम. विश्वविद्यालय के परिनियमों में निम्नलिखित में से समस्त चिषयों अथवा उनमें से किसी. भी विषय के लिए. उपबंध हो ' सकेंगे, अर्थात्‌ :-- (क) '. निजी विश्वविद्यालय के नये प्राधिकारियों का सृजन; _ '' (ख). . लेखा. नीति एवं वित्तीय प्रक्रिया; | (ग) .. निजी विश्वविद्यालय के प्रांधिकारियों में अध्यापकों का प्रतिनिधित्व; (T नये विभागों को सृजन तथा विद्यमान विभागों का उत्सादन या पुनर्सरचना; (ड).. पदक एवं पुरस्कारों को संस्थापित करना; () 'V पदों का सृजन एवं उसके उत्सादन की प्रक्रिया (छे).. फीस का पुनरीक्षण; |

//wm राजपत्र, दिनांक 25 मई 2007 | (=) विभिन्‍न पादयक्रमों में स्थानों की संख्या में परिवर्तन; और (झ) ... इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन समस्त अन्य ऐसे विषय, जो परिनियमों द्वारा विहित किए जाए, (२). निजी विश्वविद्यालय के प्रथम परिनियमों से भिन्न अन्य परिनियम प्रबंधन बोर्ड द्वारा शांसी निकाय के अनुमोदन से बनाये जाएंगे. (3) उपधारा (२) के अधीन बनाए गए परिनियम, विनियामक आयोग को भेजे जाएंगे तथा विनियामक आयोग, यदि आवश्यक समझे, परिनियम की प्राप्ति की तारीख से दो मास के भीतर उनमें उपान्तरणों के लिए सुझाव दे सकेगा, (४) . शासी निकाय, विनियामक आयोग द्वारा सुझाये गये उपांतरणों पर विचार करेगा एवं सुझावों पर अपनी टिप्पणी सहित परिनियमों 'को विनियामक आयोग को वापस करेगा. , (५). विनियामक आयोग, शासी निकाय द्वारा दिये गये सुझावों पर विचार करेगा एवं 'विनियामक आयोग द्वारा अंतिम रूप से यथा अनुमोदित परिनियम प्रवृत्त होंगे. २८. (१) इस अधिनियम तथा उसके अधीन बनाए गए नियमों या परिनियमों के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए प्रथम अध्यादेश में निम्नलिखित समस्त विषयों या उनमें से किसी. भी विषय के लिए उपबंध हो सकेंगे, अर्थात्‌ :-- (%) विनिर्दिष्ट प्रवर्गों के छात्रों हेतु विशेष रूप से विचार किए जाने का स्पष्टत: उल्लेख करते हुए निजी विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रवेश और उनका नामांकन; (ख)'. निजी विश्वविद्यालय की उपाधियों, उपाधि-पत्रों और प्रमाण-पत्रों के लिए विहित:किए जाने वाले अध्ययन के पादयक्रमों का ब्यौरा; - : ’ (ग)..... निजी विश्वविद्यालय की उपाधियों, उपाधि-पत्रों, प्रमाण-पत्रों तथा अन्य विद्या संबंधी सम्मान का प्रदान किया जाना, उनके लिये न्यूनतम अहताएं तथा उन्हें प्रदान करने एवं प्राप्त करने संबंधी अपनाये जाने वाले साधन; (घ).... अध्येतावृत्तियों (फैलोशिप), छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति, पदकों एवं पारितोषक प्रदान करने संबंधी शर्तें; (ड) ... परीक्षाओं का. संचालन करना जिनमें परीक्षा निकायों, परीक्षकों एवं मॉडरेटरों की नियुक्ति की रीति तथा कर्तव्य सम्मिलित है;. निजी विश्वविद्यालय की उपाधियों एवं उपाधि-पत्रों के विभिन्‍न पादयक्रमों के लिए प्रभार्य परीक्षा फीस; निजी विश्वविद्यालय के छात्रों के आकस की र्तें; ”. X Bl के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही संबंधी 'उपबंध; ;- # R o PR e, W तथा उसके कृत्य जों निजी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण S सुधार हेतु आवश्यक समझे जाएं; * एज). अन्य चिस्बवि्यालयों तथा उच्चतर शिक्षा की संस्थाओं से सहयोग एवं सहभागिता की रीति; और (ट). ऐसे अन्य समस्त विषय जिनका इस अधिनियम या उसके अधीन बनाएं गए 'परिनियमों द्वारा, अध्यादेशों द्वारा उपबंधित किया जाना अपेक्षित हो; - 510 (15) प्रथम अध्यादेश.

समिति. निजी विश्वविद्यालय ः के अधिलेख के सबूत की पद्धति, मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मई 2007 (र) निजी विश्वविद्यालय का प्रथम अध्यादेश, कुलपति हवा हेतु प्रस्तुत किया . B प्रथम अध्यादेश से भिन्न समस्त अध्यादेश, विद्यापरिषदू द्वारा प्रबंधन बोर्ड के अनुमोदन ल्‍ बनाए जायेंगे : परन्तु प्रथम अध्यादेश का संशोधन, विनियामक आयोग के अनुमोदन के पश्चात किया जाएगा, 30, WW_%WMWWWMWWMHTMW@% fimmmfifiafi%mmmmfimafi%mafifimmafi मदत्याग अथवा हटाए जाने या जिस हैसियत में उसकी नियुक्ति या नामांकन हैआ था उसमें परिवर्तन होने के कारण किम शा ही उस व्यक्ति या निकाय द्वार यथासंभव शीघ्र भरा जाल जिसने ऐसे सदस्य को नियुक्त या नामनिर्दिष्ट किया था : ' - Wfimfifiafifiwfiafififiafim%mfimflmfim*w%mfifiwmmfifiq किया गया व्यक्ति उस सदस्य की, जिसके स्थान पर वह नियुक्त किया गया है या नामनिर्दिष्ट किया गया है, केवल _ शेष पदावधि के लिए ऐसे प्राधिकारी या निकाय का सदस्य रहेगा, ३४, (१) इस अधिनियम के द्वारा या इसके अधीन गठित निजी विश्वविद्यालय के प्राधिकारी, इस अधिनियम के और निजी विश्वविद्यालय के परिनियमों तथा अध्यादेशों के उपबंधों के अध्यधीन रहते हुए विनियम बना सकेंगे, (२). प्रबंधन बोर्ड इस धारा के अधीन किसी प्राधिकारी द्वारा बनाये गए विनियमों को उपांतरित अथवा बातिल कर सकेगा, २५... समस्त परिनियम, अध्यादेश एवं विनियम राजपत्र में उनके प्रकाशित होने की तारीख से प्रवृत्त होंगे,

मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश राजप्र, दिनांक 25 मई 2007 न दिनांक 25 मई 2007 510 (17) ... अध्याय--चार : _ .... निजी विश्वविद्यालय का विनियमन .. ....ब६. - (१) राज्य सरकार द्वारा, राज्य स्तर पर 'विनियामक विरचना प्रदाय करने के प्रयोजन से तथा अध्यापन, परीक्षा, विनियामक आयोग: गबेषणा, विस्तार कार्यक्रम, छात्रों के हितों का संरक्षण तथा कर्मचारियों की युक्तियुक्त सेवा शर्तों को सुनिश्चित करने के प्रयोजन हेतु और राज्य सरकार तथा केन्द्रीय विनियामक निकायों के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करने के लिए, एक विनियामक आयोग की स्थापना की जाएगी. (२) विनियामक उबंग, कुलाध्यक्ष के सामान्य नियंत्रण के अधीन कार्य करेगा. नि चिनियामक आयोग में एक सभोपति, (चेयरमेन) और दो पूर्णकालिक सदस्य होंगे जिनमें से एक सदस्य बन शैक्षणिक '' और दूसरा सदस्य, “'सदस्य-प्रशासनिकं'” होगां तथा दो से अनधिक अंशकालिक सदस्य होंगे. (४. लिनियामक में आयोग एक पूर्णकालिक या अंशकालिक सचिव होगा, कुलाध्यक्ष द्वारा सभापति (चेयरमेन) की नियुक्ति राज्य सरकार द्वार अनुशंसित पैनल में से की जायेगी, जिसमें किप्त शिक्षाविद सम्मिलित होंगे, जिन्हें उच्चतर शिक्षा की संस्थाओं के कार्य का पूर्ण ज्ञान हो. (५. ६) सदस्य तथा सचिव की नियुक्त राज्य सरकार द्वारा अनुशंसित पैनल में से कुलाध्यक्ष द्वारा की जायेगी, जिसमें विधि, प्रशासन और प्रबंधन के क्षेत्र के विख्यात व्यक्ति होंगे. है ७) सभापति (चेयरमेन) तथा सदस्य, इस.अधिनियम के अधीन स्थापित किन्हं निजी विश्वविद्यालयों से किसी विनियामक आयोग का सभापति (चेयरमेन) तथा सदस्य उस तारीख, से जिसको वह अपना पद ग्रहण करता इसके पैंसठ तर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक, इनमें से जो पूर्वतर हो, क्रमश: तीन वर्ष तथा दो वर्ष की अवधि ६ पद धारण करेगा और वह पैंसठ वर्ष की उच्चतर आयु सीमा के अध्यधीन रहते हुए पूर्वोक्त वर्षों की द्वितीय # के लिए विचार किए जाने हेतु पात्र होगा : परन्तु यथास्थिति, तीन वर्ष या दो वर्ष की उक्त कालावधि का अवसान होने पर भी वह उसके उत्तराधिकारी के हित होने और अपना पद ग्रहण करने तक पद पर बना रहेगा किन्तु ऐसी कालावधि छह मास से अधिक ko ही होगी : | परन्तु यह और कि अवधि के अवसान के पश्चात्‌ विनियामक आयोग का सभापति (चेयरमेन) तथा सदस्य किसी भी रूप में या किसी भी नाम में, चाहे वह जो भी हो, किन्हीं आर्थिक फायदों और इस अधिनियम के अधीन स्थापित निजी विश्वविद्यालयों में से किसी विश्वविद्यालय में कोई कर्तव्यभार या नियोजन स्वीकार करने से प्रतिषिद्ध होगा. ही (९) विनियामक आयोग. के सभापति (चेयरमेन) तथा सदस्यों क़ी सेवा के अन्य निबंधन तथा शर्तें, विनियामक ” आयोग के आदेशों तथा विनिश्चयों के अधिप्रमाणन की पद्धति और विनियामक आयोग द्वारा जारी की गई लिखत, विनियामक आयोग के बैठक की प्रक्रिया, विनियामक आयोग के कर्मचारिवृन्द की भरती तथा.सेवा शर्तें, विशिष्ट प्रयोजन के लिए कर विनियामक आयोग के साथ व्यक्तियों का अस्थायी सहयोजन, विनियामक आयोग की निधि, उसका बजट, वार्षिक रिपोर्ट, लेखे, संपरीक्षा और ऐसे अन्य-विषयों के संबंध में, जो विनियामक आयोंग के उचित कार्यकरण के लिए अपेक्षित हो, राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में बनाए गए नियमों में उपबंध किया जाएगा. (१०) विनियामंक आयोग का यह सामान्य कर्तव्य होगा कि वह :-- (%) निजी विश्वविद्यालयों में अध्यापन, परीक्षा .और गवेषणा का मानक बनाए रखने के लिये समस्त ऐसे कदम उठाए जिन्हें वह आवश्यक समझे; - .

F_‘—_____‘——_—_——_—_—_—_______————_F—_—____________________S1D (18) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मई 2007 वार्षिक रिपोर्ट, _ वार्षिक लेखा एवं संपरीक्षा, (ख). . यह सुनिश्चित करे कि निजी विश्वविद्यालय केवल उतनी फीस और अन्य प्रभार संग्रहीत करे जो उनके द्वारा दी जाने वाली शिक्षा की लागत को पूरा कर सके और युक्तियुक्त अधिशेष राशि भी प्रदान करे जिसका उपयोग वे आस्तियों के संधारण और विस्तार करने में कर सकें; ः (m ... यह सुनिश्चित ,करे कि निजी विश्वविद्यालय के अध्यापकों के पास विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या अन्य किसी विनियामक निकायों द्वारा विहित न्यूनतम अर्हताएं हों; (1) T सुनिश्चित करे कि निजी विश्वविद्यालय के कर्मचारिवूंद की नियुक्ति, परिनियमों, अध्यादेशों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग त्तथा अन्य संबंधित कानूनी निकायों द्वारा विहित मानदण्डों तथा मार्गदर्शन के अनुरूप की गई है; : (ड) ... यह सुनिश्चित करे कि निजी विश्वविद्यालय में नामांकित छात्रों का शोषण न हो और उनसे असम्यक्‌ या अत्यधिक फीस संग्रहीत करने के लिये अनैतिक तरीके न अपनाए जाएं; (च) निजी विश्वविद्यालय के समापन से संबंधित तथा उसके अनुसरण में कार्यवाही जिसमें पाद्यक्रम पूरा करने की व्यवस्था, परीक्षाओं का संचालन, उपाधि आदि. देना सम्मिलित है, किसी. अन्य राज्य विश्वविद्यालय को इस रीति में कार्य सौंपने की कार्यवाही करे जिससे छात्रों के हित प्रतिकूल रूप से प्रभावित न हों और निजी विश्वविद्यालय के समापन की प्रक्रिया के साथ छात्रों के लिए इन व्यवस्थाओं पर होने वाले व्यय को विन्यास निधि और/या सामान्य निधि से पूरा किया जाएगा. ' (१६). राज्य सरकार नीतिं विषयक प्रश्नों पर विनियामक आयोग को निदेश जारी कर सकेगी जो बाध्यकर होंगे. ३७. (१). प्रबंधन बोर्ड द्वारा निजी विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें अन्य विषयों में निजी विश्वविद्यालय द्वारा उसके उद्देश्यों की पूर्ति हेतु उठाये गये कदम जिसका अनुमोदन शासी निकाय द्वारा किया जाएगा, सम्मिलित होंगे तथा इसकी एक प्रति प्रायोजी निकाय को प्रस्तुत की जाएगी. . (२). उपधारा (१) के अधीन तैयार की गई वार्षिक रिपोर्ट की प्रतियां कुलाध्यक्ष एवं विनियामक आयोग को भी प्रस्तुत की जाएंगी. ३८. (१). निजी विश्वविद्यालय का वार्षिक लेखा जिसमें तुलनपत्र सम्मिलित है, प्रबंधन बोर्ड के निर्देशों के : अधीन तैयार किया जाएगा और निजी विश्वविद्यालय द्वारा इस प्रयोजन हेतु नियुक्त लेखा संपरीक्षकू द्वारा वर्ष में कम ' से कम एकबार वार्षिक लेखों की संपरीक्षा की .जाएगी. : ; (२) -संपरीक्षा रिपोर्ट के साथ वार्षिक लेखा की एक प्रति शासी निकाय को प्रस्तुत की जाएगी. (३). वार्षिक लेखा और संपरीक्षा रिपोर्ट की एक प्रति शासी निकाय की टीप सहित, यदि कोई हो, कुलाध्यक्ष' को तथा विनियामक आयोग को प्रस्तुत की जाएगी. ः (४) ' विनियामक आयोग वार्षिक रिपोर्ट तथा लेखा तथा संपरीक्षा रिपोर्ट का परीक्षण करेगा और निजी विश्वविद्यालय: .. “विश्वविद्यालय पर आबद्धकर होंगे. ' निरीक्षण. की वार्षिक रिपोर्ट तथा लेखा और संपरीक्षा रिपोर्ट से उद्भूत विषय: पर विनियामक आयोग द्वारा दिए गये निदेश, निजी! 1 i . ३९... (१). विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, ; निजी विश्वविश्ञालय का नियतकालिक निरीक्षण कर सकेगा तथा इस प्रयोजन के लिए विश्वविद्यालय अनुदान gy ol विश्वविद्यालय से समस्त सुसंगत जानकारियां र सकेगा, जैसा कि समय-समय पर यथा सेंशोपित इनलन आयोग (विश्वविद्यालयों की विवरणी तथा जानकारी! नियम, ,१९७९ में. उपबंधित हैं.

' दा और/या उपाधिपत्र पादयक्रम प्रदान करता हो, आयोग, निजी विश्वविद्यालय की कोई न्यूनता, या प्रदान करेगा तथा यदि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग क _ प्राप्त होने के पश्चात्‌ विनियमों में से किसी उपबंध का पालन करने मैं निजी विश्वविद्यालय को यथास्थिति, स्नातक उपाधि, स्नातकोत्तर उपाधि और/या उपाधि पत्र के लिए पादयक्रम को लिजी विर्व सबंध करने का आदेश उस समय तक दे सकेगा जन (३) अनुदान आयोग, निजी जिस्वविद्यालय के जिरु्ध ऐसी स्तातक उमा, स्नातकोत्तर उपाधि, ९ सवियलव मंतर गया लिवतिणतर नवगन मोम नि बला जे i सुचित करेगा और ऐसे कार्यक्रम जारी रखने और अआविनिर्दिष्ट उपाधियां प्रदान करने वाला निजी का ३) की धार रर के अधीन शस्ति का दायी होता आयोग अधिनियम, ३१९५६ (१९५६ अध्याय--पांच मिजी विश्वविद्यालय का परिसमापन है या इस अधिनियम के अधीन प्रायोजी निकाय का ४०. (३) यदि प्रायोजी निकाय स्वयं को विधटित करने का प्रस्ताव करता [ चाहता है तो उसकी योजना की, जिसके द्वारा पादयक्रमों का पूर्ण विघटन होने पर किजी विश्वविद्यालय “स्थापित निजी विश्वविद्यालय के कृत्यों को बन्द होना तथा परीक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए; सुचना, विनियामक आयोग को देगा और उस सम्भावी तारीख की का प्रबंधन. : m_mmflfimnw@mafifimw. ' ' £ (२) ऐसी सूचना प्राप्त होने पर विनियामक आयोग को यह -प्रायोजी निकाय को उपधारा ९ पी सर भूत करे के लिए ऐसे निदेश दे जो वह आवश्यक सर और यदि प्रायोजी निकाय उपधारा अधीन उपबंधों का उल्लंघन करता है, तो विनियामक आयोग द्वारा विन्यास निधि को समपहत किया जाएगा और 3 ‘%flmmflwfi.mm‘,mfl‘u&fiarfi%w“fima\m‘m 'यह कार्य किसी अन्य विश्वविद्यालय को सौंपने संबंधी व्यवस्था इ दि कं फिसी अत विस्वकिणल का कर जो स्व होगा, उसे ति्ी िस्वकियातत की सिर 2. o i से पूरा किया जाएगा. ६) विनियामक आयोग की रिपोर्ट पर या अन्यथा यदि राज्य सरकार को यह प्रतीत हो कि निजी ९) िसिगमक आयोग री गए (रथ जूस ई है से वह तिजी तिस्ववियलय से पैर मेंसलय स्का को दर्शने की अपेक्षा करते हुए सूचना जारी करेगा कि . परिसमापन का आदेश क्यों न किया जाएं? (७) के अंतर्गत प्रबंधन बोर्ड को क्यों न निलंजित कर दिया जाए तथा प्रशासक नियुक्त कर दिया जाए? दर भनयस्यक समझी है कि प्रलध वर्ड को निलॉज कर दिया जाए तो व गन बोर्ड के निलंबन का आदेश करेगी और प्रायोजी निकाय के परामर्श से निजी ऐसी व्यवस्था करेगी जैसी S 7 ३) के अधीन जारी की गई सूचना के बारे में निजी विश्वविद्यालय का उत्तर था प्रकरण वित्तीय कुप्रबंध, कुशासन या इस अधिनियम नमन का है, तो वह ऐसी जांच के आदेश देगी, नो चर

510 (20) नियम बनाने की शक्ति. : मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 25 मई 2007 (४) राज्य सरकार, उपधारा (३) के अधीन जांच के प्रयोजन के लिए, आरोपों में से किसी भी आरोप की जांच करने और उस पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कोई अधिकारी अथवा प्राधिकारी, नियुक्त करेगी. (५) उपधारा (४) के अधीन नियुक्त जांच प्राधिकारी को वही शक्तियां होंगी जो कि सिविल प्रक्रिया संहिता १९०८ (१९०८ का सं. ५) के अधीन. निम्नलिखित विषयों के संबंध में किसी वाद का विचारण करते समय सिंविट न्यायालय में निहित हैं, अर्थात्‌ :-- (क) .. संमन जारी करने तथा किसी व्यक्ति को उपस्थित होने के लिए बाध्य करना तथा उसका परीक्षण करना (@) किसी ऐसे दस्तावेज अथवा अन्य अपेक्षित सामग्री का प्रकटीकरण तथा उसका प्रस्तुत. किया जाना; (ग) किसी न्यायालय या कार्यालय से सार्वजनिक अभिलेख मंगवाया जाना; (घ) कोई अन्य विषय, जो विहित किया जाए, (६) इस अधिनियम के अधीन जांच कर रहे प्रत्येक जांच प्राधिकारी को दण्ड प्रक्रिया संहिता, १९७३ (१९७४ क सं. २) की धारा १९५ तथा अध्याय सोलह के प्रयोजन हेतु सिविल न्यायालय माना जाएगा. (७) जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर यदि राज्य सरकार का यह समाधान हो गया हैं कि वित्तीय कुप्रबंधन और कुप्रशासन के कांरण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि निजी विश्वविद्यालय की वित्तीय स्थिरता या प्रशासन असुरक्षित हे गया है: तो वह राजपत्र में, अधिसूचना द्वारा, निजी विश्वविद्यालय के समापन का आदेश देगी अथवा प्रशासक की नियुविर करके, जिसमें शासी निकाय की शक्तियां होंगी, निजी विश्वविद्यालय को चालू रखवाएगी: परन्तु समापन का कोई आदेश तब तक प्रभावी नहीं होगा जब तक अधिनियम की अनुसूची से ऐसे निर्जी विश्वविद्यालय से संबंधित प्रविष्टि को हटा न दिया जाये. (&) उपधारा (७) के अधीन समापन की अधिसूचना जारी करने के समय राज्य सरकार, वर्तमान पाद्यक्रम की समाप्ति तक निजी विश्वविद्यालय के कार्य प्रशासन हेतु व्यवस्था करेगी. (९) उपधारा (८) के अधीन निजी विश्वविद्यालय के प्रबंध की कालावधि के दौरान राज्य सरकार, निजी विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध निधि का उपयोग करेगी और अधिशेष, यदि कोई हो, समपहत किया जायेगा. (१०) जांच की प्रक्रिया में और छात्रों के प्रवेश पूर्ण होने तक उपगत समस्त व्यय की पूर्ति निजी विश्वविद्यालट की विन्यास निधि और सामान्य निधि से को जाएगी. अध्याय--छह प्रकीर्ण ४२. (१) राज्य सरकार, इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना द्वारा नियम बना सकेगी. (२) पूर्वगामी शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, इन नियमों में निम्नलिखित समस्त मामलों के या किसी मामले के बारे में उपबंध किया जा. सकेगा, अर्थात्‌. :-- (क). निजी विश्वविद्यालय की स्थापना. संबंभी-अस्तांव की रीति तथा धारा ४ की उपधारा (१) के अंतर्गत देय 'फीस,

’////M राजपत्र, दिनांक 25 मई 2007 - 510 @) में निहित किए, जाने वाले अन्य ब्यौरे; (ख) चारा '४ कौ उपधारो (२) के अधीन परियोजना रिपोर्ट Q)] umuafiaww(a)%smm_fifiuhmfll,fiifl,afl_flfilmma@ mmmwfi'w,mmwmmflflmm की पद्धति: ' . (@ धारा u%qfifiafihfiflfififwfifl'flmflm‘ और इस प्रकार संग्रहीत राशि को संचित निधि में जमा करने की पद्धति; वसा के अतु्छेद 2 के जण्ट (2) के अवसर में मर से म ः सब के गव ] का आबजी अतुताद, यस्वफल के परभिकर ! मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, अखिल कुमार श्रीवास्तव, सचिव. '

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