दृ
र्द्ध
.
मफा-पिता और वरिष्ट नागरिकों का भरणपोषण
तथा कल्याण अधिनियम, 2007
( 2007 का अधिनियम परिव्यय 56)
119 दिसम्बर. 1007.
संविधान कं अधीन गारंटीकृत और माग्यक्तग्राप्त माता…पिटा और वरिष्ठ नागरिकों
के भरप्रा९त्पचा ऩघा क्रल्यग्रपा के लिए अधिक प्रभावों
ठचबंमाँ का और नसे संबंधित म मके
आत्रुबंगिक विषयों का पबंध
करने के लिए
अधिनियम
भारन्द्रदृ म्पागन्य कै… ३1-८प्रव८वै त्रपं ने संमत् द्वारा निप्नग्निरिनुत्त रूप में रा'इ ठापानिवात्जितन हो ८…
अध्याय 1
प्रारंभिक
1 । [ 2 दृम्न डाणिनिभम का मंटिदृप्न नं ८ म्यज्जा 1३१३1’९11 युपी? त्तरिष्ट द्गनृपृगरिदृर्मी 'का अगागंद्र'त्यग्रा च्चत्मा इदृद्गम्भगरा । 1८'1'९८३८८1 ५-८
टाधिनिनंहूँ ८1111? है । रूत्माचं ……-…_ ताना
ब्वद्देटत्र 111८- भ
2 , दृक्ष नं. । "टेस्सानंमू ज्ञदृ-दुदृ नं. -दृ- 1…1 । राज्य '८३३८ ८६1८.।५ मंमृदृच्चदृ भारत यर ३-३ शीट यह मारल ऊँ. चातन भाग्नऩ जरे.
नंदृमाँएँचाँकुँ दै1द्दे'1 ८-1 लागू द्रोकंडूगृ ।
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(2007 ‘um MW mm 56)
119 EN. 2007]
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है
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८
2. इस अधिनियम में अब तक कि संदभ' से अन्यथा अपेक्षित न ही… …
1 क्र । है 'न्जादृनक ' । कै -अ'तनंहँत पूता पुत्रा. पात्र और पौत्री हैं, किछु डयपै को अत्नयन्क यम्मिन्तित
नहीं है
९ रत है मस्कापंग्गना था में अम्बार. वस्व. नितटअ और चिकित्सीय पक्तियाँ आज्ञ पचार पन्नब्ध
'कंगना मरियकै'त्नन है:
1 न है ‘ । अवयस्क । है द्देदृ एँस्सा व्यक्ति अभिप्रेत हे. जिसकै यादे में भास्तीय वयस्कता अधिनियम
1 1] '3 5 कै पज" धों के अधीन यहसमझा जाता हैं कि जमने वयस्कता कां आयु प्राप्त महीं कौ है:
( य 1 ' ' भाता--पिस्ता' है सै पिता या मातदृ‘ अभिप्रेत है, चाहे वह, यथास्थिति, जैविक दत्तक या
सौलेत्मा इ'ष ता य? सौतेली माता हैं . चाहे माता या पिता को बांरंष्ट नागरिक मैं या नहीं :
। ऐनी ' । विहित ' ' य इत; अधिनियम के अबीद्ध तप सरकार द्वारा चनाए जाए नियमों हारा चिद्वित
अभिप्रेत हैं:
3 च है ' संपत्ति ' । सै किसी प्रकार की संपत्ति अभिप्रेत है, चाहे चढ जंगम घा स्थावर. पैदृऊ या स्वय
अर्जित मृत या अमूर्त ही और जिसमेँ ऐसो मंपत्ति में अधिकार 'या हित सम्मिलित हैं;
। त है ' ' नातअट' ' अ निकृपंत्का त्नरिष्टनप्तारिक का को विधि--: त्नग्नरिड़ अभियन है. जो अवयस्क
नहीं है त घा टम्नकौ मृत्यु कै पश्चात सकी संपत्ति मर्क कब्जे में है या बिगग्नत में प्राप्त करेगा है
( अ _३1 ' 'वांरंष्ठ नागदृरेन्म । ' टो को ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है, जो भारत का नत्पइश्कि है खाय जिसने
भाट कां द्या अधिक अनु यु प्राप्त कर ली है;
"'६121 असौ य'य राज्यक्षेत्र कं संबंध में । ' राज्य सत्कार' हैं सै संविधान के अनुच्छेद 339 के आनि,
निदृक्त प्तका प्रशासक अभिप्रेत है है
1 अ ८- ( ' अ'धिकांगा ' 1 भै धारा 7 क्रं अधीन गांधी, भष्णपोपपा अधिकरण अभिप्रेत है
। टा । ' कल्याण' ' अ तरिष्ठनागरिकाँ के लिए आवश्यक अइताट, स्वास्थ्य देखरेख, आमोद-प्रमोद
कैन्द्रर्रे आंग अदृष्ट मुद्दत-सुविधाओं की व्यवस्था झरना अभिप्रेत है ।
3 इस अधिनियम कै एइंओं का. इस अधिनियम से भिन्न किसी आधिनिन्द्रमिनि में पा इस अधिनियम से
भिन्न किसी अधिनियमित के काटना प्र भाव रखने वाली किसी लिखत में अंतर्विष्ट समय असंगत किसी घात कै
हौते हुए ठी, प्रभात होगा ।
अध्याय 2
माता - पिता और वरिष्ट नागरिकों का भरणपोषण
4 ( 1 '1 को वरिष्ठ नटगांवैअ. प्तिमऊँ अन्तर्गत माता-त्वा हैं. जो स्वयं के अर्जन में या 'अमली स्वामित्मा यान
संपत्ति में रने स्वय का णाद्रर्पइषण करने में असमर्थ है, … .
( ; क्वे.- माल -पिता या पिऩायत …पितामही की दशा में, अपने एक या अधिक चालकों . बिर-"द्ध है जा
अवयस्क क्यों हैं:
1: '11 1 'केद-'1 नि:सन्ताय बरिष्टनागरिवप र्का नशा में, अपने ऐसे नानेदाक्वे के विरुद्ध. जो बात 2 कं
खरे-, [_ छ 1 में निहिष्टि हैं.
आय 1 अ … धोन कां आयतन करने का हकदार डोमा ।
-८ 3 । किसी चमैंदृ नागरिक का भाणपोक्शा 'कानै कै… लिए ययान्धिनि. बान्नऊ या नातदृन्न को, चाम्भटा
ऐरो नागरिक कौ आवश्यकताओं तक विस्तारित होती है एँअअस्ने किस्नरिनंठ नागरिक लूक सामान्य जीतन 'व्यतौन्त
मर म्रबो ।
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८2
[ 3 ) अपने भाता- पिता का भरणपोपण करने कौ चालक की बाध्यता, यथास्थिति. ऐस मशा-गिता अतना
पिता या माना या दौनों यत्, आवश्यकता तक विस्तारित होती है जिससे कि ऐसे भाता…पिटा. सामान्य जीबन व्यतीत
कर सकै । '
( भी 1 कौइं व्यक्ति. जो किसी वरिष्ट नागरिक का नाढेटार है और जिसक पाम पमांप्त आय हैं, ऐसे अरिष्ट
नागरिक कइ ‘मत्मापंम्भ ण करेगा, यरन्तु यह तव जव कि ऐसै वरिष्ठ नागरिक की संपत्ति सके कब्जे में है या यह
ऐसै वरिष्ट नागरिक कौ संपत्ति करें विरासत मँ प्राप्त करेगा ८
परन्तु जहा 1'कसी वरिष्ठ ततहृरिक को मंपत्ति क'दृ एव; सै अधिक दानेदार विरासत 1३1 प्राप्त करने कै हकदार
हैं, वहाँ पाणपोपप्प, ऐसै नातेदारों द्वारा स अनुपात में संदेय होगा. जिसमें वे सकी संपति को बितऩत मै प्राप्त
करेंगे ।
5. ( 1 ) घाटा 4 बनै अधीन भरप्पपोषम्नइ कै. लिए को आवेदन,-
(का यथास्थिति, किसी वरिष्ट नागरिक या किसौ याना …1'पता द्वारा किया जा सकरा[ । या
है रत 1 यदि वह अशक्त है तो मवंट द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति या संगठन द्वारा किन: ज
भयपेगा 1 यद
( ग 1 अधिन-'त्मा स्वप्रेरणा से सं-ज्ञान स्ने म्नकैगा ।
स्पष्टीकरण…इम धान वं प्नपंदृतनों केलिए । 'संगटन ' ' रो सोसाइटी रजिस्टोंकरण अधिनियम, ] 111८111 या
तत्समय प्रवृत किसी अन्य विधि के अधीन रजिस्टीकृत को स्वैच्छिक संगम अभिप्रेत है ।
जि) अधिकार इस धारा के अधीन भाणपोयण के लिए मासिक भत्ते की बावत कार्यवाही के लंबित
रहने के दौरान, ऐसे चालक या नात्तेअरक्ती ऐसै वरिष्ठ नागरिक के ग्निसकै अन्तर्गत माइम-पिता भी हैं, -अन्तस्मि
यत्मापोपण के लिए मासिक भत्ता देन क्षीर ऩका ऐसे वरिष्ट नागरिक क्रो. जियकै अन्तग'त पटना-पिता भी हैं.
संदाय करने का आदेश का रुकना. जो अधिकरण समय-समय यर निवेशित करें ।
( है ) पधारा ( [ ) के अधीन 1ल्ला१शेपण क लिएआवेदन की प्राप्ति मा, चातक या नातेदा र को अनुवैदृन
को सूचना देने क पश्चात् और पक्षकारों की सुनय 1 का अवसर देते के पश्चात्, मस्यापोषण कने रकम का
अवधारण भी के जिए को जांच कर जिया 1
(4 1 भापापोपगा के लिए मासिक 'पते हेतु और कार्यवाही कै खर्चे के लिए पधारा 121 के अधीन
फाइल किए गए जिमी -अडयट-दृ का, ऐसे व्यक्ति क्रो आयदन की सूचना की तामील कां तारीख में नब्बे दिन सके
भीतर निपटान किया जाएगा :
यरन्तु अधिकरण, आपत्रादिक परिस्थितियों हैं क्त अवधि क्री_ कारणों पैने झेव्रहुव्रद्ध काते हुएएक चार मैं
तीस दिन को अधिकतम अवधि कै लिए विस्तारित का सकैया ।
(5) चपकत 1 ] ) चरै अधीन माणपोक्या क' लिए को -आबेदन एक या अधिक‘ व्यक्तियों कै वितन्हें
फाइल किया जइ अकैगा ८
परन्तु ऐरो बालक या नातेदार पाणपौषग्ग बनै लिए आवेदन में माता-पिना का यरप्पपोपगा करने कै लिए
दायी अन्य व्यक्ति को पक्षकार बना सक'गें ।
1 1; ) जहाँ भक्यापोयय का आदेश एकया अधिक व्यक्तियों के बिक…ट्ट किया गया या, वहां नमें को एक
ध्याब कौ मृत्यु से भस्थापीषण का संदाय जारी रखने के अन्य व्यक्तियों के दायित्व पाग्रषाय सहीं पडेगा ।
(7) यस्यापोक्या कै लिए को ऐमा फ्ता और कार्यवाही क खर्चे आदेश क'1 तारीख टो या यहि ऐसा
अ देश किया जाता है, यथास्थिति. भस्यापौपण या कार्यवाही घटे खर्चे. आवेदन की तारीख ‘1३1' संदेय होंगे [
(8) यदि ऐसे चत्काक या नातेदार, जिन्हें ऐसा आदेश दिया जाता है. पर्याप्त हेतुक के बिना आहैझा का
मालन करने में असफल रहने हैं, तो को ऐमा अधिकरण, आदेश क प्रत्येक घ'ग कै लिए जुर्माने का त्ग्रहण
करने कै रिनए'टपवंथित रीति एँ देधि स्कम के दृग्रहण का वारंट जारो का म्नकैगा औवृ ऐसै व्यक्ति कौ, ग्रधास्थिछि
प्रतपेक भाम्न क संपूर्ण भत्मापोदृस्था भले या स्नकै किमी याग कं लिए और कार्यवाही के खर्चे के लिए ऐसै यारंटवनै
'पग्गपोक्या 'कै
द…न्नाघू त्मायंदत ।
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भी
निष्पादन क प- -रोंग अ संदत्त र्याम माम के लिए कारावास से. जो एक गासतक "का हो सकैगा या यदि स'दाअ कीस
रकयद्द जाता ते 1८31 मदाय करत तक. इनमें रने जो भी यूत'तर हो . दंअहिंरट पेपर सकैगा है
परन्तु इस वार… क अधीन स्पोध्य किसी रकम की वसूली के लिए को वारंट तत तक जारी नहीं किया
जाएगा, जव क्या म तारीख तने. जिसको यहरकम स्योंध्य हो जाती हैं, तीन भास कॉ अवधि के भीतर स स्वय के
तदृप्रहण के लिए अधिकरण कौ प्रदत नहीं किया जाएगा ।
आँध-न्ना'दृत: 1111 6. ( 1 ) धारा 5 क अधीन बालकों या नातेदारों कै विरुद्ध किसी जिले में काथद्याहीं शुरू की जा
प्रक्रिया । सकेंगी ' _
1क 1 जाए यह निवास करता है या सने अंतिम दार निवास किया है; या
। ख '1 जहा' चातक या नातेदार बिदास करता है ८
( 1 ) मरुत 5 के अधीन बथयष्णुकुल की प्ररप्ति मर, अधिकरण, स बालकया नातेदार. जिम्नकै विरुद्ध आवेदन
फाइल किया रार…दृदृ हैं, की पसिंटात्ति पाप्त करने के लिए आदेशिका तारा करेगा ।
( 3 1 चालक या नातेदार की पस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अधिकरण कां दंड प्रक्रिया दाहिना 1 973 1५114 का 1
के अ पान मथाडपबंधित प्रथम तरा न्याश्चि-इं मजिले की शक्तियां होंगी ।
। 4 ) ऐसी कार्यवाहियाँ क रु भी साक्ष्य स दासक या नातेदार कौ. जिसक विरुद्ध मरणनोपण तने संदाय
के लिए -धादेरा किया जाना प्रस्तावित है, पस्थिति में लिए जाएगे और सतन मामली कं लिए विहित रीति मॅ
अभिलिखित लिए जाएगे:
नान्तु यदि. अधिकरण का यह समाधान हो. जाता है कि यहयात्नकया नातेदार जिसक बिरच्वंद्ध मरणपौषण
ऊ' रा'दाय के लिए आदेश किया जाना प्रस्तावित है, जानबूझकर तामील हैं अय रहा हैं, या जानबूझकर अधिकरण
में पस्थित होने की पेआ कर. रहा है . टो अधिकरण दामले की एक पअमृय अम से ला-त्र करने और अवधारित
करने के लिए कायंयाहाँ कर सडकें-भा 1
शु 5 । तहां चात्नक या नातेदार माल से चाहर 'निजास कर रहा है, "तहां अधिकरण द्वारा समन ऐसे प्राधिकारों
ऊँ. माध्यम. रये तामील किए जाएगे. जि कैन्द'ग्य यस्कार राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस निमित विनिर्दिष्ट करे ।
( 6 ) अभिकरण आरा 5 के अधीन आवेदन की सुनवा करने से पूर्व तसे सुलह अधिकारी 'की निर्दिष्ट कर
अवीगा और ऐश सुदृनइ अधिकारी अपने निष्कर्षों क्रो एमर नास के भीतर प्रस्तुत करेगा औरयदि सौहार्दपूर्ण सुलह
'ही गान: है त'1 अधिकरण स आराम यल आदेश पारित करेगा ।
स्पष्टीकरण…इम पधारा चो प्रयोजनों के लिए । 'सुंन्नह अधिकारी" सै मारा 5 की पधारा ( 1 है कै
स्पष्टीकरण में निर्दिष्टर्काइं व्यक्ति या संगठन का प्रतिनिधि या धारा 111 की टपधद्ररा ( 1 ) के अधीन राज्य प्रकार
हैं" अभिहित भरणम'प्ताण अधिकारी या इरा प्रयोजन के लिए अधिकरण डारा नातनिचिंष्ट कक्ष अन्य व्यक्ति
अभिप्रेत है ।
मरणपंब्बम्नम्नइ 7 । [ ] राज्य सरकार. इस अधिनियम में न्नारंम को तारीख़ से छदृम्सस की अवधि के भाँतए राजपत्र में
७इक्षपुवारया -न्न अधिमूल्य-11 द्वारा, प्रत्येक पखंड के लिएएक या अघिक अधिकरणों का. जो वह धारा 5 कै अ घोन मरणपीपण
"३३ । कं आदेश क न्यायनिर्णयन और सका विनिश्चय करने के लिए आवश्यक समझे. मटन करेगी ।
1, 2 ) आँशि३रारा की अध्यक्षता राज्य के पखंड अधिकारों से अम्युन पंक्ति के अधिकारी तारा को
जाएगी ।
( 3 _1 जाये, जिमी क्षेत्र कै लिए दो या अधिक अधिकरणगठित किए जाने हैं, यहाँ राज्य सरकार, साधारण
या बिशेष आदेश दृब्बरा. त्नअ बीच कारबार के वितरण को विनियमित कर सकेगी ।
जांच कौदृह्ममैं 8… ( ( 1 अधिकरण. धारा है कै अधीन कां जांच करने मे, ऐसे किन्हें नियमो यत् अधीन रज्ञते हुए ज'रब्वस
भक्ति प्नचिंम्न? 1 निमित्त राज्य सरकार द्वारा विहित किए जाएं, ऐसी संक्षिप्त प्रक्रिया का अनुसरण करेगा, जो वह र्चब्रक समक्ष ।
( पृ ] अधिकरण का यापथ पर साक्ष्य लेने और सालिर्यों को तालिर कराने तया दस्तावेजों और भौतिक
पदार्थों क'1 'ऊट-रट करने का पता कराने और नकर मैश कस्ते के लिएवाध्य करने क' प्रयोजन के लिए तथा ऐस
अग्य प्रयोजनों के लिए गे विहित किए जाएं, सिविल न्यायालय की सभी शक्तियां डाँगी और अभिकरण वंदृ
प्रक्रिया संहिता, 1971 की मारा [ 95 भी अध्याय 26 के अभी प्रयोजनों के लिए सिविल न्यायलय ना] 1९11- जा ३
जाएगा ।
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[ '3 हं भी स्म: 2
[ मृ गृ'पै जा 2
( 3 1 इम निमित्त चनाएरअने करने क्रिस्टी नियम के अधीन रहते हुए… अधिकार भरणपोयघा के लिए किसी
चाय का न्यटयनिणंयन करने और मरा विनिश्चय करने क 'प्रयोजन कै लिए जांच करने में सकी सतरयता करने
के लिए ऐसे किया एक या अधिक व्यक्तियों का चुन व्याधियों बिनक पाम …- र'च से मुस'गरा किसी निगम का
वितीय झान ही । '3
जै, है 1 । यदि. ययारियति. चालक या नातेदार एस वरिष्ठ नागरिक का. जो स्वय अपना ।स्थामोप1श करने
में असमर्थ हैं यरममोयण करने से नेआ या इन्कार करत हैं नं। अधि-, ऐसो पेक्षा या इसरार के यारे में
समाधान हो जान पा, ऐसे दारनकाँ या नातेदारों कनै ऐसे अरिष्ट नागरिक क नरणपोरस्या के लिए ऐसी मासिक दर
पर मासिक भक्त देते का. जा अभिकरण ठीक समझे अकैर ऐसे वरिष्ठ नागरिक -का म यज्ञे का सहाय करने का
आदेश है स्टकगदृ जो प्राय-पनि-ण ररयय--सपय या निदेश है ।
है 7 ) ऐररा अधिकार प्या1दायप भत्ता. जिसका ऐसे अभिकरण दारा आदेश दिया जाए वह होगा, जो
राज्य. अकार द्वारा विहित किया आए और जो दस हजार ठमए प्रति माय से अर्थिक रहीं होगा 1
श्री 1" : है भरणपोमण बी, लिए किसी तथ्य के चुर्व्यपदेयान या भूल के या थार, 5 के अधीन मासिक भाग
प्राप्त करने ना , किसी व्यक्ति को अथवा मरणमोयण के लिए मासिक भत्ते का रदृ'दरय करने के लिए म्न 11111 कै
अधीन अरदेरिगत व्यक्ति की परिस्थितियों में परिजन मर. प्राधिकरण प्याय१शयया क भत ने एसा मरियतंन कर
सकेगा, जो यह ठोक समझे ।
रघु 2 ) 'जता' है प्राधिकरण की यह प्रतीत होता है कि किसी अक्षम सिंनिरन न्यायालय के किसी हैरिडिश्चय के
परिणागरय रूप चारा 11 क अधीन लिए गए किसी आहेत को रद्द या परिवर्तित किया जाना चहिए तो यह तदनुसार.
यथास्थिति. स अदृटेभा की रद्द या मरियर्तित का म्रवटेगा ।
1 1. 1मुँ 1 1 मरणमोमग्म के आदेश आँरकरयंयरद्वियॉ के व्ययों जूझे संबधि में आदेश कौ प्रति, यथास्थिति. स
वरिष्ठ नागरिक रा यशा-मिना कां, लिररक पक्ष में का आदेश किया गया है किसी फीसक संदाय क विना दी
जाएगी भीएसा आदेश किसी अधिकरण दारा ऐसे किसी स्पोत पर. जहाँ यह व्यक्ति है, जिसके विरुद्ध यह आदेश
निदृदागया हँ. पक्षकारों की पहचान आंर. य यास्थिति. रयोरय भले, या व्यय व, अम'दाय के बारे य' तय अधिकरण
का समाधान हो जाने पर यत्न किया जाएगा ।
(2) इस अधिनियम के ध्यान किए गए मरणपोयण के आदेश का यही यल भी प्रभात सोमा जो दंड
प्रक्रिया सहिता. 1 प 7 3 य: अध्याय 11 क अधीन पारित आदेश का होताहैआंरयररटरर यनितझदारा ऐसे आदेश के
निध्यप्रान क लिए निहित रीति में निप्पालित किया जाएगा ।
12 दंड प्रक्रिया संहिता, 1 ८113 क अध्याय '1 में किसी यात वं हँरते हुए भी, जहाँ कां तरिरत नागरिक या
मजा-त्राता रक्त अध्याय के अचीन यरणपोमण के लिए हकदार हैं औरस अधिनियम के अधीन यरणमोमण अं
लिए भी तकदार हैं यहाँ. वह क्त संहिता क अध्याय प्र के पबंया पर प्रत्तिनटूत्न प्रणय अक बिना, न दोनों
अधिनियमों में ने किसी क अरद्रनंन ऐसे मरणपोषण का दाया कर सकगा. निरन्तु दोनो के अधीन नहीं ।
13 राय इस अध्याय के अधीन को आदेश क्रिया जाता है तय ऐसा अब/त्व-क रा नातेदार. जिसने ऐसे
' मदेरा क निबंधनों के अनुसार किसी रकम का मंदाय करना अपेक्षित है अधिकरण द्वारा अर-हेरग 'सुनाए जान कौ
तारीख रवै सोम दिन के भीतर आदेलित संपूर्ण रकम ऐसी रीति मैं जना करेगा, जो अधिकरण निदेश ते ।
14, जहां. को अधिकरण इस अधिनियम क अधीन यरणपोपण का कौइं आदेश करता हैं यहीं ऐसा
अधिकरण यह निदेश है सकना निर गरणपीपण की रकम के अतिरिक्त ऐसो व पर आंर ऐसी तारीख रने. जो
आवेदन करने की तारीख य बूर्व की तारीख न हो औरजो अधिकरण द्वारा अवधारित की जाए साधारण ज्याज का
भी संदाय किया जाएगा रनो नाच प्रतिशत से कम और अठारह प्रतियात र'र अधिक. नहीं होगा :
पगी यहां दंड प्रक्रिया मंडिता. 1973 क अध्याय ८.1 क अधीन मरणपोमण के लिय, कां अविदृन त्-म
अधिनियम के द्वार-म पर किसी व्यायात्नय क समक्ष लंबित है, यहां न्यायाअय मातरमृभिता न्हें अनुरोध मर ऐसे
अविदन की बापस कन के लिए अनुज्ञात क'रगर और ऐसै माता-गिता अधिकारी के समय भरणपोगण क लिए
आवेदन फाइत्न करने क तकदार होंगे [
अटुग्रार्व'ग्नगृर ढ़हूँ
अदृदेअ ।
मत गै यरिनटनि 1
मरण-'पोषण बं
आदेश कर पग-: ।
काँतपग्र मामलों में
णदृणरपृहृ 11'11'1 खे
संबंध मै निनदृत्य ।
४जिर्मगारा- ठहूँ1
दृचंम का डामा
किया जाना ।
जहां जी नाया
अनुज्ञात किया
जद्रत'। है वहाँ भाल
का आपैभाँ'मणप ।
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का अधिकार .
मर'क्योंत्रण
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तद्धाक्या की
स्थापना ।
[5 ( 1 1 राव्य सरकार. राजधत्र भै अधिसूचना द्वारा अधिकार (कें आदेश के निरुद्ध अप'ल को मुनया
पु-बरने क लिए य. ड्रेक धिक के लिए एम अपील अधिकरण का गठन कर ररकगां ।
। 2 । अपील अधिकरण का अध्यय- ऐप्ता -अधिकार'र दीना, जो लिलामविदृड़ेट की पंक्ति 1३1 म'डय कान हो 1
( 6 . 'दूँ : .' अधिकरण ऊँ किमी आदेश द्वारा व्यथित ययगंस्थनि. कमृदृ' यदृररठ 'नागरिक या को मता पिता
आख्या की टतरदृरव्र क' माटटिन 'क पता -अपोरन अधिकरण की अमोल कर मअंगा 7
यर'त्रु अकत्त्व पर. यत दान्नक 'रा जिनेवा, लिसर'न ऐसे यरणपोमण क अदृदेण क निबंधनों ऊँ अनुसार
किसी रकम का सदाय किए जाने 'को अपेआ कौ ग है "1६३३1 भाना--निताकौ दू" प्र…कार 2111८३1३३111 रकम का संदाय
अपील अधिकांश द्वारा निवेशित रीति रने करता रहेगा है
तरंतु यह आट कि अपील अधिकरण. यदि सका यहयमायान ही जाता है कि अमौस्ता थीं 'समय क जाता
अपील करने य पर्याप्त कारण मैं निचारित हुआ आ, साठ दिन की टयत्त अवधि कां समाप्ति के मरचात अघोरा
ग्रहण यत्र सकमा ।
1 2 1 अपौम्न अर'ररअराग. अपोन्न कौ प्राप्ति पर. प्रत्संर्थों पा, ररयना कौ तामौरत करवाएगा ।टा
1' 1 1 अपील अधिकरण स अधिकरण हैं, जिसके आटेरा क विरुद्ध अमीक की जाती है. करयकाँहवों का
अभिलेख मंगा ररक-'ग ।
। 4 7 प्रवाल अधिकर 111 1 अपील अंरिमंमाएगए अभिलेख करें परीक्षा करने ऊँ मएचात् या तो अमोल की
गंनूर "कर य ३'ना या यकांरेन्द्रज कर सकैगा ।
1 5 । अय'पृन्न यत्., अधिकरण कै -अरदेश क विरुद्ध फाइल की म अमीर] का न्मायनिभाँयन और
विनिश्चय करेगा त 111 अमीन अन्या-भाया का आदेश अंतिर होगा:
यर'डूदु को अमोल तय तक खारिज नहीं की जाएगी. सव तक कि जानी पक्षकारों की वैयक्तिक रूप ने या
सम्यक अप में प्रगश्यबदुत गांतिनिधि क माध्यम '1१1 रपुने जाने का अययर. म हैं दिया मया 'ही ।
। 11 1 अगौअ अधि-मम अपना अरदंरा अपील की प्राप्ति क एक मारा के भीतर हिंकांरंल में रनृनाने का
प्रयास जरिया ।
1 र 1 बनि-ब, 151 के अयान वेंकए जाए प्रत्येक आहेरय की एक एक पूति दोनो'मअकारंर' का नियमुल्फ
1'1६-"1'1 तद्रएमो :
17 किसी अम्म निधि में किसी जात के होते हुए भी. अधिकरण का अपोन्न आधि-मम ऊँ ररयअ कायचाडिमॉ
के किसी पक्षकार: यनिनिधित्व किसी निधिव्ययसाय'र दारा नहीं किया जाएगा ।
12 ( ] 1 राज्य सरकार. जित्वा ममाज कल्याण अधिकारी या जिला सरराज क'ज्याण अलमारी चने पंक्ति
य अन्यून पंक्ति अं, किसी अधिकारी की चाहे यह किसी नाम र'र तात ही. ८मष्णजया अधिअरर'टे क रूप य
म…-अधिहित करगी 1
1.11 यययारा ( 1 ) म निर्दिष्ट मरणपोयण अधिकारी. यहि कां माता -- पिता ऐसी दायर अरे ररका.
यथास्थिति. अधिकरण या अपोत्न अधिकरण के समक्ष कार्यवाहियों क दौरान प्रतिनिधित्व क'रगा 1
अध्याय 3
वृद्धाश्रमों की स्थापना
1प्र. 1 1 1 राज्य सरकार… ऐसी महुंय क भीतर क स्थानों पर. चरणबद्ध र…द्रनि औ, तने वृद्धाश्रम स्थापित
करेगी और नका अनुरक्षण करेगी . जितने यह आवश्यकसमझे और आरंभ में प्रत्येक डिलि में कय-र'र-कय एक
ऐसे रनुरद्रा 111 ३…1 को स्थापना रोगो, लिनरमै न्मनतम यक सी मचाय एरर तरिनठनागरिकन्ह क्रो आत्राम मुरदे-या दा जा
सकै, जो नियन हैं .
1 ड्डू । राज्य र-दृरयतर. च्चानिअपंदै क यचंय की एक स्कीम निहित क'ररने, जिम-के अतगत नकद्वारा प्रदान
की जाने जान्ननो मयाओं क मानदंड और बि 111८1 प्रकरदृ की सजाए… भी हैं, जा ऐसे आश्रमों यहु चिंन्नासिंयौ 'ब्लर
चिकित्सीय देखरेख और मनोरंजन व: मायनों बंट लिए आवश्यक हैं 1
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पास स्वयं क यरणमोमण करने छो लिए तने यआंप्त साधन तहों हैं. जो राज्य साकार द्वारा. समय-अनय रार
अवधारित किय. जाएं । । .
अध्याय 4
वरिष्ठ नागरिकों क्री चिंवे२त्सौय देखरेख के लिए पबंध
20 राज्य सरकार यह मुनिनियत करेगी कि.-
1.1' 1 संस्कारी अस्पताल या सरकार द्वारा एर्णत: तो यागत: वितमोनित अमल, यमो गरिष्ठ
नागरि-यहाँ कर. यथासमय. बिस्तर ध्यान करेंऐ;
( 1 '1 1 वरिष्ठ नागरिकों के लिए घृययवु पंक्तियों को व्यजस्थार कां जाएगी ८
है 111' 1 चिरकासै. जामझेता और दृदृसो रोगों के पचार क लिए सुबिथाएंयरिष्टनागरिकॉं तक
विस्तारित की जाएँ
1. 11'1 लिरकारों वृद्धावस्था कै रोर्मों और वृद्धाबस्थ्यब्ब वं परिधि मैं. अनुसंधान क्रिरालरानादर्म यत
विस्तार किया जाए:
( 1' है ज़म्नचिचिंत्सीय देखरेख में अनुमत रखने जाले चिकित्सा अधिकारी कौ अध्यक्षता वाल
यत'रक जिला अस्पताल में ज़राधिकित्सा कै रोगियों वं लिए निर्दिष्ट रा-सुविधाएं नि अनिक सी जाएँ 1
अध्याय 5
वरिष्ठ नागरिकों के जीवन और संपत्ति की संरक्षा
21. राज्य सरकार, यह सुनिश्चित करते के लिएसभौ पाय करगी कि…
11 1 इस अधिनियम के पयोग का णनमाध्यम. चिपके अ'तर्गत टैलांविजन. रेडियो और मुद्रण
माध्यम भी है से नियमित अंतरल्ली नर व्यापक प्रचार किया जाए;
( त 1 केन्दीय सरकार और राज्य सरकार के अधिकारियों की. जिम: अतग'त पुलिस अधिकारी
और न्यायिक तबा पेय, स्खस्य भी है इस अधिनियम सै संबंधित मुददाँ मर समय…रामय पर सुग्राही आर
जागरुक होने का प्रशिक्षण दिया जाए;
11३1 ) वरिष्ठ नागरिकों क कतगरण रो संबंधित मुद्दों यह समाधान करन के लिए विधि, गृह.
स्वास्थ्य औरकल्याण र'र अ'क्त मंयब्बत्त्वयों या विभागों द्वारा प्रदान करें ग तनाआँ क वीय प्नभाक मपव्यय
और नका कालिक पुनर्विलोकन किया जाए।
22 ( 1 ) राज्य सरकार. किसी जिला मलिरन्हेंट की एसी रगनितया ग्रदत्त कर रनकगी और स पर एँटर'र
कर्त्तव्य अधिरोपित कर नंकगो. जो इस अधिनियम के पबंधों कर क्ति रूप रहे पालन सुनिश्चित करने के
लिए आवश्यक हो, और जिला मलिरम्हेंट. अपने अधीनस्थ एरर अधिकारी को, जो इस प्रकार प्रदत या किसी
यरक्ति का प्रयोग सीर अधिरोपित सभी या किसी कर्त्तव्य का मारनन करेगा और ते स्थानीय सीमाए' विनिर्दिष्ट
कर हरकारा, बिनक भीतर 'ऐसी शक्तियों या कर्तव्यों का, जा दिहिन किए जाएं, टस अधिकारी द्वारा पालन
किया जाएगा 1
( 3 ] राजा सरकार. वरिष्ट नागरिकों के जीतन और मंमत्ति की सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक व्यापक
काय मोजना विहित करेगी 1
23. पृ । ) जहां को तरिर-त नागरिक. जितने बस अधिनियम क अस्थि के पश्चात अपनी संपत्ति का दान के
रूप में या अन्य धा अंतराम इस्म शर्त चो अधीन रहते हुए क्रिया है किं अंतरितों 1 अंन्नन्अं 'कां बुनियादी मुख…सुदिन्नाएं और
बुनियादी भौतिक प्रालश्यकगाएं भूदान करेगा और ऐसा अतरिती ऐसो सुरत-सुविधाओं तथा मौलिक अरावाअ १रिर
प्रदान करने से इंकार कीमा रा असफलरहेगा तो रकेंमत्ति का क्त अलगकपटया प्रपीड़दृ। या अनावश्यक प्रभाव के
अधीन किया गया समझा जाएगा और अतरक के विकल्प यर अधिकरण द्वारा झून्य घोषित किया जाएगा ।
नांररत नतचंरिकों "
लिए किर्किह्मा '
यहनिता ।
वरिरत नंयरिकॉं छो:
करत-11८' के लिए
पगार. नंतरगरदृफ्तार,
आरि: जा-म 'रण-य ।
'गरर्योंरमृरर-रंरि. जिने
इन्द्र" अधिनियम
च: प-मधि, जो
कायहृन्धिन करने
के लिए विनिर्दिष्ट
किया जा मक…गा ।
वइनिपप परिस्मिनिपदृ'
में रा'पर'त क अ'तरण
का न्न्य ताना ।
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जरिया नागरिकों कं।
अरक्षित न्द्रहूँदुना भी
नका परित्याग ।
अपर1३८३। जा 'संज्ञान ।
अ दृ'इफारिमों का
लोअ सेवा-, होना ।
रित्तयिन्न न्यायालय
कौ अधिकारिता यम
यंअन ।
रानंदृमन्नवनूर्वक कौ
गर्द कार्यवा के
_ लिए संटयत्मा ।
-र्भाठनाट्टयों कौ दूर
कानै कौ शक्ति 1
मि…रैश टेनैकौ केंदीय
अटवारजो त्रानिदृ'. -
दृनै-दीम मटटम्भ
की गुना…नंलंष्कनं
कौ 1' इ।"- 111 ।
'वैगन गाने को
दृदृन्च सरकार यज्ञ
यान्ति 1
1 2 1 "बंदृहां जिमी वरिष्ठ नागरिक की किसी मंमटा से पाणपंग्यण शाज झरने आ अधिकार हैं और ऐसी
संपदा या त्रुमक्त 'गाम डदंत्तस्ति अर दिया जाता है. यदि अंर्तारेंतों बच्चे म अधिकार की जानकारी है 2111 यदि अतराग
बिना प्रतिफल कै द्वे तौ यश्यामोगण म्नटप्त काने का प्राधिकार अंरारितौ के पिज्जा प्रवृत्त किया 'शा अकैभा ; तो कि डरा
अरारितौ कं विरुद्ध जो प्नतिष्मत्न के लिए है और जिसकै याम अधिकार को सूचना नर्ती है ।
1 3 1 यदि कां वरिष्ठ नागरिक पधारा 1 1 1 और पधारा ( हैं ] के अधीन अधिकारकी प्नवर्तिढ कानि में
असमय है तो धारा 5 की पधारा ( 1 ३1 कै स्पष्टीकरण में निदिष्ट किमी संगठन द्वारा मकी और ये कारंचा की
जा यकैगी । ५
अध्याय 6
अध्याय और विचारण कै लिए भक्ति।
2 4. जो को . जिसक' पाम वरिष्ठ नागरिक की देखांख या सृस्सा है, ऐम वरिष्ठ नागरिक को, जिमी स्थान
में, ऐसै अरिष्ट नागरिक का पूर्णतया परित्याग करने के आशय से डोडेगा. वह ऐसी अवधि के किसी कारावास से.
जो तीन पास तक की हं। भकैगी या जुर्माने रंज, 111३। पांच हजार रुपए तक का हो सऊंगा. या दौनों से, दंडनीय चोगा ।
25 1 [ 1 दंड प्रक्रिया संदिस्ता, [973 में किसी वात्त चो हाते हुए भी, इस अधिनियम कै अधीन प्रत्येक
अपराध संज्ञेय और जाग़नतीय होगा ।
[ 3 ) इस अधिनियम कै पओन किसी अपराध का किसी मजिरेड़ेट द्वारा संक्षिप्त विचारण किया जाएगा ।
अध्याय 7
प्रकीर्ण
25 ह्म अधिनियम जो अधीन कृत्यों कौ प्रमोग करने कै लिए नियुक्त किए गए प्रत्येक संधि-पीन री रा
कर्मचारिघृन्द ज्यों, भारतीय दंड -मंद्वित्ऩा 'कौ थाना 21 र्क अर्थान्तात्ति लोप-, सेवक समझा जाएगा 1
27 जिमी सिविल न्यायालय की ऐसे किसी मामले में अधिकारिता नहीं होगी, जिसे इस अधिनियम का
कां पबंध त्ऩापृहीता है और विकारों सिविल न्यायालय द्वारा ऐसो किसी धात्त की बाबत जौ इरा अधिनियम द्वारा
या मकै अधीच कां ग है या किए जाने 'कै लिए -आराक्ति है, को च्यादेशनहों दिया जाएगा ।
पृ ठ… इस अधिनियम मा दृन्धोन वनाए गए किन्हें नियमों या आदेशों के अनुम्नरण में म्नतूभायपूचंक की ग
या कौ जाने के लिए आशयित किंस्मै बात के संबंध में को भी बाद अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही,
यरोन्होंय सरकार, राज्य सरकारों या स्थानीय प्राधिकारी या स सत्कार के किसी अधिकारी के विरूद्ध न होगी ।
29… यदि हुम अधिनियम के पबंधों क्रो प्रभाती करने में को कठिना त्पन होती है तो राज्य साक्तान्
राजपत्र में प्रकाशित ऐसे आदेश द्वारा जो इस अधिनियम के पबंधों २३ असंयत्तन ही. ऐसै पय'ध यना स्रकैगौ.
जां स कठिना को दूर करने चंद्र लिए से आवश्यक या यमीबीन प्रतीत क्ष :
परंतु ऐमा इं आदेद्यइस अधिनियम कैं आरंभ की तारीख 1३1 दो वर्ष की अवधिकौ समाप्ति कै पश्चात्
नहीं किया जाएगा ।
3०. ऊंन्दीय सरकार इस्ट अधिनियम के पबंधों का निष्पादन करने के चाटे में किसी राज्य म्नत्काद्द ३:३1
निदेश हैं म्नकंगी ।
3 1… केन्दीय सरकार राजय सरकारों द्वारा इस अधिनियम कै टपचंआँ क' कामांन्दायन की प्रगति का कालिक
पुनर्विलोकन और निगरानी का सकैगी ।
32… ( 1 ) राज्य सरकार. राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, 'म अधिनियम कै प्रयोजनों कौ कागृट्टन्तिन्न काने 'कै
लिए नियम चना सकैनो ।
है है ) पूर्वगामी अविन की 'व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल्ले बिना. 'ऐसे नियम निम्नलिखित कै लिए
पबंध कर म्नबॉगे
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.' क 1 ए--.: नियमों क अर्वाग ग्नड़ऩे हुए जो "८1८11 हैं र्का पधारा [ [ - क अधीन निर्देहैँमृरा किए जाएं.
पारा 5 कै अधीन र्चान्व करने का रंटेतिदृ
1ख) धारा 8 का पधारा 1…३ 1 कै प्रचीन अन्य प्रयंद्गन्ननंट्वें ८'- रैनाड्डू 111८८1९1 111.… कौ शक्ति ३111…
प्नकि८३ :
। ग - अचिंज्जाम मस्यदृपोक्या मता. जो पास से कौ पधारा 1९1 के अधीन अधिकरण द्वारा
आवेशित किया जाए;
दृ'यमृ [ इग [9 कां पअरा 121 के अधीन वृद्धाश्रम बंट प्रबंध ३1३…. लिए स्करैमू टेंटाम्नकै अ'ऩर्णह्न
क्वार्क द्वारा टचत्नत्रा करा जाने ताली सेवाओं के मानक और धिभिन्न प्रकार क"पृ ट'त्काज्वाहू 'पी हें जी ऐसै
आअभी क ऊँग्नन्नव्ररुधिभाँ कनु चिकित्सीय देखरेख और मनोरंजन वं- राधिनों इं". लिए अनावश्यक हों.-
( आ प्यारा रा काँ ष मानी: । '३. 1 ) कै अमीन. हैम अधिनियम क ग्रबधिम क" कार्थान्जिक्ष करने के
लिए प्राधिकारियों जो ष्टात्रिययां और कर्तव्य :
1८…1 । यारा 1.2 की पधारा । 2 है के अधीन घरिष्टनाकांरेकी क जीवन ८1111 संपत्ति की सुरक्षा प्रदान
बंटने '०1'१' लिए व्यापक कामं यादृनंय ८
1 इछ '- जी अन्य बिगदृ. र्जदृ र्तिकिऩ किया नाना ही या विहित जिया नारादृ ।
। 3 1 इम अधिनियम क अधीर बनाया गया प्रत्येक नियम. बनाय आगे क' पश्चात् दृम्भदृणीम्न' बियान…
मंडल र्व: प्रत्येक मटन के रायअ, वहीं यहर्दा यवनों से धित्नकर यया है या जहाँ ऐडी विधान…मंदृत्न यों एक मटन
है वहां अन सदन क ममक्ष, रखा जाएगा ।
राष्ट्रपति ने दि येन्ट'नेंस एंड लैत्नर्फगर अत्या पेरेंट्स एंडसीनिया भिटीब्वना ऐक्ट 1007 के नुप्लीनुत्त जिन्हें
अनुनाद कौ रान्नभापा अधिनियम, ।जीभी की धारा 5 करें पधारा 1…1 1 के ख'ड 1३…. 1 य", अर्वाग राजपत्र य
प्रकाशित क्रिए ध्यान के लिए प्राधिकृत कर दिया है 1
1'111८ है1क्रिप्र०४ ८1'८'।1151दै11।सा। 111 त्माप्रर्मादृ 111'11'1९ सिंयांडाध्दम्माटाष्टध्द 31111 क्यास्टाटि'टारा ८३11…दृ3टा111113 ९1८८1 31है1111'1दृ
जि1प७ "३1८1. 7107 जिप्र९था 111…1५111211'13121८1 [1३1 1हीं 131'1८८'11'111८८11 111 1:1९' दुग्नयांड्डेपृगूँङ्गदृड्डेनुझुद्गी 1'1। 111८ [कुँगिमृमाँदृपृदै
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सचिव. भारत सरकार है
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किंद्गट्वेद्रस्मर्णारेभि जि- : 2 1' 3०1…'८५1'…13 वै -ख्या-डॉ-ग्यएँ
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