पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन म. प्र.-108-भोपाल-06-08. मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल, के पत्र क्रमांक 22/153, दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत, ( असाधारण ) प्राधिकार से प्रकाशित क्रमांक 39 ] भोपाल, बुधवार, दिनांक 23 जनवरी 2008--माघ 3, शक 1929 विधि और विधायी कार्य विभाग भोपाल, दिनांक 23 जनवरी 2008 अधिसूचना फा. क्रमांक 6-2-2005-इक्कीस-ब(दो).--यतः, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अंतरण याचिका (सिविल) क्रमांक 291/2005, श्रीमती सीमा विरुद्ध अश्वनी कुमार में दिनांक 14 फरवरी, 2006 तथा 25 अक्टूबर, 2007 को विवाह के लिए पक्षकार के धर्म या जाति को विचार में लिये बिना समस्त व्यक्तियों के विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण करने के लिए नियम विरचित करने हेतु निदेश दिया है; और, यत:, राज्य सरकार ने यह आवश्यक समझा है कि उक्त आदेश को दृष्टि में रखते हुए नियम विरचित किए जाने चाहिए; AR, T, विवाहों के अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण हेतु नियमों का एक प्रारूप, पूर्व में मध्यप्रदेश शासन, विधि और विधायी कार्य विभाग, ने फा. क्रमांक 6-2-2005-इक्कीस-ब (2), दिनांक 29 नवम्बर, 2007 को अधिसूचना द्वारा “मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) ' दिनांक 30 नवम्बर, 2007 के पृष्ठ क्रमांक 1141 से 1142 (11) पर प्रकाशित किया था; और, यतः, उससे प्रभावित होने वाले संभावित समस्त व्यक्तियों से 29 दिसम्बर, 2007 तक आपत्तियां तथा सुझाव आमंत्रित किए गए थे; और, यतः, उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में जनता से प्राप्त आपत्तियों तथा सुझावों पर राज्य सरकार द्वारा सम्यक्रूप से विचार किया गया है; अतएव, विशेष विवाह अधिनियम, 1954 (1954 का 43) की धारा 4 से 14 के साथ पठित धारा 50 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतदद्वारा, विवाहों के अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार लागू होना और प्रारंभ.--(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम मध्यप्रदेश विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण नियम, 2008 है; (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण मध्यप्रदेश राज्य पर है. 77
T TN सप्यप्रदेंश राजपत, दिकक 23 जनवरी 2008 (3) ये नियम विवाह के अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण के लिए लागू होंगे तथा विशेष विवाहों के रजिस्ट्रीकरण के लिए पूर्व में जारी किए गए नियमों या अधिसूचना पर अभिभावी नहीं होंगे किन्तु क्किहों के रजिस्ट्रीकरण से संबंधित किसीं अन्य अधिनियम के अधीन पूर्व में बनाएं गए नियमों घर अधिभावी: होंगे. (4) ये. *राजपत्र'” में उनकें फ्रकाशन की तारीख से फ्रवृत्त होंगे. ' 2. परिधाषाएं.-- (17) इन नियमों में, जब तक संदर्भ से अन्क्या अपेक्षित न हो,-- (क)... “अधिनियम” से अधिप्रेत हैं, किशेष विकह अधिनियम, 1954 (1954 7 43); (ख) “विवाह” से अधिप्रेत है, एक पुरुष तथा एक स्त्री के नीच पक्षकारों के धर्म या जाति को किचार में लाये बिना, अनुष्ठाप्ति, संपादित का संकिदाकृत समस्त विवाह तथा इसमें सम्मिलित हैं वे किकिह जो किसी विधि, रूद़ि, फ्रथा या किसी परम्परा के अनुसार संपादित हों और इसमें घुनर्विकार भी सम्मिलित है; (य)..... “विवाह रजिस्ट्रार” से अभिप्रेत है, अधिनियम को धारा 3 में यथाविनिर्टिप्ट तथा इन नियमों के नियम 5 के अधीन नियुक्त किया यया कोई किवाह अधिकारी; (2} ‘w9 अभिफ्रेत हैं, अधिनियम की धारा, (2) उन शब्दों कथा अश्विव्यक्तियों का, जो इन नियमों में क्रयुक्त की गईं हैं किन्तु इसमें परिभाषित नहीं हैं वहीं अर्थ होगा जो अधिनियम में उनके लिए दिक गया हैं. 3. किकहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण,--इन नियमों के प्रारूभ होने पर, मध्यप्रदेश के राज्य क्षेत्र के भीलर ऐसे निकाहों को फ्रशासित करने वाली किसी विधि या रूद़ि के अधीन, भारत के नागरिकों के बीच अनुष्ठाघित या संविदाकृत प्रत्येक विकाह इन नियमों के अनुसार अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रीकृत किया जाएगा. 4. विवाह के अरजिस्ट्रीकरण का प्रभ्तव.--इन नियमें के फ्ररंध होने पर किसी विधि या रूढ़ि के अधीन अनुष्ठापित तथा. संविदाकृत विवाह और इन निययों के उपनंधों के अधीन रजिस्ट्रीकृत न किए गए सिवाह, विवाह के निश्कायक सबूत नहीं समझे जाएंगे. 5. विवाह रजिस्ट्ार.--(1) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, ग्राम पंचायत या नगरपालिका या नगर निगम या छावनी बोर्ड क्षेत्रों में विवाह रजिस्ट्रार के रूप में ऐसे विकाह अधिकारी नियुक्त कर सकेंगा, जो कि कह इन नियमों के प्रयोजनों के लिए उचित समझे. (2) जब तक उपनियम (1) के अधीन अधिसूचना जारी नहीं कर दी जाती है, तब तक स्थानीय प्राधिकारी, जो जन्म तथा मृत्यु रजिस्ट्रीकृत करने के लिए सक्षम है, स्थानीय क्षेत्र के लिए किवाह रजिस्ट्रार होगा, 6. विवाह रजिस्ट्रार का कार्यालय.--विवाहों के प्रत्येक रजिस्ट्रार का अपना कार्यालय होगा तथा वह अपना नाम, पदानिधान तथा नियमित कार्य के संटें हिन्दी में लिखवाएगा तथा उस भवन के, जिसमें उसका कार्यालय स्थित है, सहजदुश्य भाग में प्रदर्शित कस्वाएगा. 7. किवाह का रजिस्ट्रीकरण.--(1) (F) विवाह के पश्षकार प्ररूप क्रमांक 1 में सापन प्रस्तुत करेंगे और विवाह की तारीख से तीस दिन की कालावधि के भीतर उस क्षेत्र के क्विह रजिस्ट्रार को, जिसके क्षेत्र में विवाह अनुष्ठापित या संपादित हुआ हो, दो प्रतियों में व्यक्तिश: परिदतत करेंगे या रजिस्ट्रीकृत डाक द्वारा भेजेंगे_ (ख) विवाह रजिस्टार विहित की गई परिसीमा से परे विवाह का ज्ञापन स्वीकार कर सकेगा, यदि विवाह का पदकार यह सिद्ध कर देता है कि वह, उसके नियंत्रण से परें किन्हीं पर्याप्त कारणों से निवारित किया गया था.
सथ्यप्रदेश सजपत्र, दिनाक 23 जनवसे 2008 78 (1) (M) T o प्रस्तुत खपन का परीक्षण करने के पश्चात् विवाह रजिस्ट्रार, ग्ररूप क्रमंक 2 में विनि्दिषि रजिस्टर में जपन की प्रचिष्टियों को दर्ज करेगा. , व) रजिस्टर d vfaw किया गया प्रत्येक जापन, शक पृथक प्रविष्टि समइत जाएगा और प्रत्येक प्रविष्टि एक क्रमकार श्रेष्षो में क्रमांकित की जाएगी जो प्रत्येक कलेध्डर वर्ष के साथ प्रारंभ और समाप्त होगी और प्रत्येक कलेण्डर वर्ष के आरंभ में रुक नई श्रेणी प्रारंभ होगी. (23 जहां विकाह रजिस्ट्रार का, जिसके समस ज्ञापन प्रस्तुत किया गया है, ज़ापन के साथ ग्रस्तुत दस्तावेजों की छानबीन करने पर या उसकी जानकारी में कोई अन्य तथ्य उम्ने पर या लाए जाने पर यह समाधान हो जाता है, या उसके यास यह विश्वास करने का कारण है कि — (एक)... पश्षकारों के कीच विवाह, तत्समय प्रवृत्त किसी चिखि के अनुसार संपादित नहीं हुआ है; (ख).. यक्षकारों के बीच निकाह पक्षकारों की स्वीय विधि के अनुसार संपादित नहीं हुआ है; (1) यसकारों या स्लंडियों या पसाकारों को पहचान प्रमाणित करने काले व्यक्तियों की पहचान और विकाह का अनुच्छापन युव्तियुक्त संदेह से परे सिद्ध चहीं किया जा सका है; सा (1) उसके समझा प्रस्तुत किये गये दस्तावेज पक्षकारों की वैवाहिक फ़ास्थिति साब्ति नहीं करते हैं, को वह पश्षकारों को सुनने और कारबों को लेखबद्ध करने के पश्चात् विवाह को रजिस्टीकृत करने से इंकार कर सकेगा; और-- एक) फ्सकारों से ऐसी अतिरिक्त जानकारी या दस्लवेज प्रस्तुत करने की अपेक्ा कर सकेगा जैसी कि पश्षकासों और साशियों को पहचान या उसे प्रस्तुत की गई जानकारी या दस्तावेजों की सुद्धल सिद्ध करने के लिश आवश्यक समझी जाए; या दो)... यदि उतवश्यक समझा जाए तो, कामज-पत्नों को स्थानीय पुलिस स्टेशन को, जिसकी अधिकारिता के भीतर यक्षकार निकास करता है, सत्यापन के लिए निर्दिष्ट कर सकेगा, (39 जहां उपनियम (2) में सकाउपबंधित, और सत्यापन होने पर विवाह रजिस्सार का यह समाधान हो. जाता है कि विकाह को संजिस्ट्रीकृत करने में कोई अप्पत्ति नहीं है, लो कह उसको रजिस्टीकृत कर सकेगा और यदि उसकी सब में विवाह रजिस्ट्रीकरण के लिए उपयुक्त नहीं है, के वह कारणों को लेखबद्ध करते हुए इंकार करने का आदेश फार्ति कर सकेगा, (4) उपनियम (39 के अधीन विवाह का रजिस्ट्रीकरण या विवाह के रजिस्ट्रीकरण से इंकार विवाह के रजिस्ट्रीकरण के ज्ञापन की आप्ति की सरीख से दो मास को कालाचधि के भीतर किया जाएगा. (5) उपनियम (39 के अधीन रजिस्ट्रीकृत विकह के विघटन पर, विवाह के दोनों में से किसी पक्षकार पर, विवाह रजिस्ट्रार को विवाह के विघटन के ब्यौसें की सुचना देना बाध्यकारी होगा तथा शेसे ब्यौरे प्राप्त होने मर विवाह रजिस्टर प्ररूष क्रम्मेंक 2 में विनिर्दिि विवाह रजिस्टर के कालम (16) में ऐसे ब्यौरे प्रविष्ट करेगा. विवाह के विघटन के पश्चात् यदि कोई व्यक्ति विवाह रॉजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र की एक ग्रति की अपेश्म करता है, तो विवाह रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र में विवाह के चिघटन के तथ्य उल्लिखित किये जाएंगे. 3. आयु का सबूत्र.--विवाह रजिस्ट्रार अपना समाधान करने के प्रयोजन के लि कि विकह के पश्चकारों ने, करा 4 के खण्ड (गम में विनिर्दिष्ट आयु पूरी कर ली है, उनसे यह अपेक्षा करेगा कि उनकी आयु को साबित करने के लिए जन्म फ्रमण-पत्र या कोई अन्य समाधानप्रद साक्ष्य WY करे. ः 9, चिकह रजिस्टर के आदेश के विरुद्ध अपील.--(13 नियम 7 के अधीन विकाह - को रंजिस्ट्रीकत् करने से इंकार करने वाले सिवाह रजिस्टर के आदेश से व्यशित कोई व्यक्त, ऐसे आदेश की फ्रप्ति की तारीख से तीस दिन को कालावसि के भीतर जिला न्यायाधीश को अपील कर सकेगा,
78 (2) मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 23 जनवरी 2008 (2) जिला न्यायाधीश पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् उसके कारणों को लेखबद्ध करते हुए, एक आदेश पारित करेगा और विवाह रजिस्ट्रार को विवाह को रजिस्टर करने या विवाह रजिस्ट्रार के आदेश की पुष्टि करने का निदेश देगा. (3) उपनियम (2) के अधीन जिला न्यायाधीश द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा. 10. विवाहों का रजिस्टर.--(1) विवाह रजिस्ट्रार उस स्थानीय क्षेत्र में जिसके लिए उसकी नियुक्ति हुई है, अनुष्ठापित या संपादित किए गए बिवाहों का एक रजिस्टर, प्ररूप क्रमांक 2 में, संधारित करेगा और ज्ञापन में पक्षकारों द्वारा दिये गये विवरणों की प्रविष्टि करेगा और उसे अधिप्रमाणित करेगा.' (2) विवाह रजिस्ट्रार, विवाह के रजिस्ट्रीकरण के समय नकद में तीस रुपये की फीस का भुगतान करने पर प्ररूप क्रमांक 3 में विहित पक्षकारों को विवाह के रजिस्ट्रीकरण का प्रमाण-पत्र और प्रमाण-पत्र की दूसरी प्रति, जब अपेक्षित हो, जारी करेगा. विवाह के रजिस्ट्रीकरण का प्रमाण-पत्र प्ररूप क्रमांक 3 में हिन्दी में जारी किया जाएगा किन्तु यदि विवाह का पक्षकार यह अपेक्षा करे कि उसका अंग्रेजी पाठ जारी किया जाये तो वह उपलब्ध कराया जाएगा. (3) विवाह के किसी पक्षकार द्वारा अपेक्षा किए जाने पर विवाह के रजिस्ट्रीकरण का प्रमाण-पत्र आवेदक द्वारा दिए गए पते पर रजिस्ट्रीकृत डाक द्वारा भेजा जाएगा और डाक प्रभार आवेदक द्वारा वहन किया जाएगा. 11. रजिस्टर सार्वजनिक निरीक्षण के लिए खुला रहेगा.--विवाहों का रजिस्टर, समस्त युक्तियुक्त समयों पर निरीक्षण के लिए खुला रहेगा और आवेदन करने पर, उसके प्रमाणित उद्धरण नकद में बीस रुपये की फीस का भुगतान करने पर विवाह रजिस्ट्रार द्वात आवेदक को दिए जाएंगे. 12. विवाह रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र का सत्यापन करने के लिए नियोजक आदि के दायित्व.--कोई भी नियोजक या शासकीय या अर्द्ध-शासकीय प्राधिकारी या कंपनी या सार्वजनिक उपक्रम या स्थानीय प्राधिकारी अपने कार्यालय अभिलेख में या किसी कार्यालय दस्तावेज में कोई परिवर्तन जैसे उसके कर्मचारी की वैवाहिक प्रास्थिति में परिवर्तन या नामनिर्देशन में परिवर्तन तब तक नहीं करेगा जब तक कि कर्मचारी या यथास्थिति ऐसे परिवर्तन को क्रियान्वित करने के लिये या अभिलिखित करने के लिए आवेदन करने वाला आवेदक, नियम 9 के उपनियम (2) के अधीन अनुदत्त या तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन अनुदत्त विवाह के रजिस्ट्रीकरण के प्रमाण-पत्र की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत नहीं कर देता है. 13. विवाह के ज्ञापन में मिथ्या कथन करने के लिए शास्ति.--कोई व्यक्ति जो विवाह के शापन में मिध्या कथन करता है या सत्यापित करता है जिसके बारे में वह जानता/ जानती है या उसके मिथ्या होने का विश्वास है, तो उसे तत्समय प्रवृत्त प्रचलित विधि के अनुसार दंडित किया जाएगा. ' 14. रजिस्टर को नष्ट करने या परिवर्तित करने पर शास्ति.--जो कोई भी रजिस्टर को नष्ट करता है या छेड़छाड़ करता है, तो वह तत्समय प्रवृत्त किसी प्रचलित विधि के अनुसार दण्डित किया जाएगा, 15. विवाह रजिस्ट्रार लोक सेवक होगा.--प्रत्येक विवाह रजिस्ट्रार भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860 का 45) की धारा 21 के अर्थ के अन्तर्गत लोक सेवक समझे जाएंगे. 46. इन नियमों के अधीन कार्य कर रहे व्यक्तियों का संरक्षण.--विवाह रजिस्ट्रार या उसके अधीनस्थ किसी कर्मचारी के विरुद्ध इन नियमों के अधीन सद्भावपूर्वक की गई या की जाने के लिए तात्पर्यित किसी बात के लिए कोई वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं होगी. 17. राज्य सरकार द्वारा निदेश जारी करने की शक्ति.--राज्य सरकार समय-समय पर, इन नियमों के उपबंधों के प्रभावी तथा सुकर क्रियान्वयन हेतु विवाह रजिस्ट्रार को ऐसे निदेश जारी कर सकेगी जो इन नियमों के उपबंधों से असंगत न हो तथा संबंधित जिले के विवाह रजिस्ट्रार पर कलक्टर का अधीक्षण होगा. व
मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 23 जनवरी 2008 78 (3) प्रति, प्ररूप क्रमांक-1 ज्ञापन का प्रोफार्मा [नियम 7(1) (क) देखिए] विवाह रजिस्ट्रार, 4. (@) (ग) (घ) =) (=) () (@) (m (=) =) (=) (%) (@) वर का नाम तथा पता जन्म तारीख पिता का नाम विवाह के समय आयु निवास का पता ग्राम/ मोहल्ला पोस्ट आफिस पुलिस स्टेशन जिला प्रास्थिति : अविवाहित/विधुर/विच्छिन्न विवाह वधु का नाम जन्म तारीख पिता का नाम विवाह के समय आयु निवास का पता ग्राम/ मोहल्ला पोस्ट आफिस पुलिस स्टेशन जिला प्रास्थिति : अविवाहिता/विधवा/विच्छिन्न विवाह विवाह की तारीख विवाह का स्थान ग्राम/ मोहल्ला पोस्ट आफिस पुलिस स्टेशन जिला विवाह का प्रकार (हिन्दू/ मुस्लिम / क्रिश्चियन / आर्य समाज आदि). वर तथा वधु का पासपोर्ट आकार का. छायाचित्र जो स्वत: अनुप्रमाणन के पश्चात् चिपकाया जाए,
wr—————— - W ——— 78 (4) मध्यप्रदेश साजपत्र, दिनांक 23 जनवरी 2908 | s. क्या किवाह किसी अधिनियम के अश्वीन रजिस्ट्रीकृत है या चुजारी/काज़ी/चर्चे का पादरी7 आर्य समाज या किसी अन्य धार्मिक संस्था द्वार सम्पादित किया गया है, यदि B जो विवाह प्रमाण-पत्र तथा उसके अन्य ब्यीरों की सत्वप्रति संलग्न करें. ( ) T F TR बांचे हाथ के अंगूठे का निशान (............... ) Y के हस्तशर बांये हाथ के अंगूठे का निशान व्यक्ति के हस्ताक्षर जो विवाह सम्पादित करवकात है टीप.--फ्रत्येक वर तथा वधु के पासपोर्ट आकार के दो छायाचित्र विवाह रजिस्टर तथा विवाह रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र में चिफ्काने के लिए स्तद्द्वास संलग्न है. ग्ररूप क्रमांक-2 [नियम 71) (य9 तथा 10 (1) देखिए] विवाह रजिस्टर का प्रोफार्मा अनु- आवेदन प्राप्त वर का नाम तथा... . जन्म तारीख... विवाह की विकह की वधु का नाम तथा पता क्रमांक करने की यता इस कॉलम तारीख पर तारीख यर इस कालम में फोटो तारीख में फोटो चिपकाएं आयु पक्षकार की चिपकाएं तथा रजिस्ट्रार तथा रजिस्ट्रार इसे ं 'प्रॉस्थिति, अपने हस्ताक्षर तथा मुद्रा अपने हस्ताक्षर तथा ' अविवाहित/ से अनुप्रमाणित करेगा मुद्रा से अनुप्रमाणित विधुरविच्छिन्न : ‘ करेगा विवाह (व) (2) (3) 4) (5) (69 (72)
सध्यप्रदेश राजपत्र, दिकांक 23 जनवरी 2008 78 (5) जन्म किकाह कीं... किकाह कीं तारीख विवाह विवाह का व्यक्ति का... विवाह अपील .... विवाह के दोनों तारीख तारीख पर पर पक्षकार कौ कीं स्थान/पॉहल्ला/ वर्णन जिसने रजिस्ट्रार. फ्राधिकारी में से किसी आयु प्रास्थिति, अविवाहिता/ तारीख... पुलिस स्टेशन/ क्किाह... का आदेश/ का. आदेश. पक्षकार द्वारा विधवा/विच्छिन्न विवाह कहसील, जिला... सम्पादित परिणाम बिवाह & कराया विघटन के ब्यौरों की दीं जाने वाली खूचना (यदि _ कोई हो) (8) (9) (10) (11) (12) (13) (14) (15) (16} प्ररूप क्रमोक-3 [नियम कणर 27 देखिए] विवाह रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र रजिस्ट्रीकरण क्रमांक . . . . . . . ..... एतद्द्वारा, यह प्रमाणित किया जाता हैं कि श्री e G e आयु ................. निवासी .................................. S जिला ................ और श्रीमती ............................ e R पुत्री ........................................ आयु ..................... निकासी “पापा 'जिलला .......... तारीख ...........................- . ..को विवाह बंधन में सहबद्ध हुए हैं. तारीख : ....................... विवाह रजिस्ट्रार स्थान £ पार ( हस्ताक्षर तथा मुद्रा विवाह रजिस्ट्रार के अनुप्रमाणन के साथ वर तथा वधु का फासपोर्ट आकार का छायाचित्र चिपकायां जाए, मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, विनोद भारद्वाज, अपर सचिव. भोपाल, दिनांक 23 जनवरी 2008 फा. क्र. 6-2-2005-इक्कोस-बई दो) .-- भारत के संविधान के अनुच्छेद 348. के खण्ड (3) के अनुसरण में, इस विभाग कीं समसंस्यक अधिसूचना दिनांक 23 जनवरी 2008 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के फ्राधिकार से एतदट्टारा प्रकाशित किया. जाता है. मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, बिनोद भारद्वाज, अपर सचिव,
— - Ll - a o पंजी. क्रमांक भोपाल डिवीजन . म. प्र.-108-भोपाल-09-11. पोस्ट मास्टर जनरल डाक परिमंडल,; के पत्र क्रमांक 22/153, दिनांक 10-1-06 द्वारा पूर्व भुगतान योजनान्तर्गत डाक व्यय की पूर्व अदायगी डाक द्वारा भेजे जाने के लिए अनुमत. मध्यप्रदेशा राजपत्र ( असाधारण ) प्राधिकार से प्रकाशित क्रमांक 326] भोपाल, बुधवार, दिनांक 15 जुलाई 2009--आषाढ़ 24, शक 1931 .. योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग _ मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल भोपाल, दिनांक 23 मई 2009 क्र. एफ, 10-19-2008-तेईस-यो. आ.सां,--मध्यप्रदेश विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण नियम, 2008 के नियम 5 के उपनियम (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतदद्वारा द्वारा नीचे दी गई सारणी में यथाविनिर्दिष्ट निम्नलिखित अधिकारियों को नगरीय एवं ग्रामीण इकाइयों के लिए विवाह रजिस्ट्रार के रूप में नियुक्त करती है, अर्थात् :-- सारणी अनुक्रमांक इकाईयां पदाभिधान (1) (2) (3) (4) (अ) ग्रामीण इकाई : (1) ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत विवाह रजिस्ट्रार (ब) नगरीय इकाईयां : . (1) नगर पंचायत मुख्य नगरपालिका अधिकारी विवाह रजिस्ट्रार (2) नगरपालिका मुख्य नगरपालिका अधिकारी विवाह रजिस्ट्रार (3) नगर निगम आयुक्त, नगर निगम विवाह रजिस्ट्रार “एयी छावनी क्षेत्र छावनी क्षेत्र (केन्टोनमेंट एरिया)... छावनों बोर्ड का प्रशासकोय ऑर्धकारों विवाह रजिस्ट्रार 7 मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजकुमारी खन्ना, उपसचिव, 651
652 मध्यप्रदेश राजपत्र, दिनांक 15 जुलाई 2009 भोपाल, दिनांक 23 मई 2009 क्र. एफ 10-19-08-तेईस-यो.आ.सां.--भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड (39 के अनुसरण में, इस विभाग की समसंख्यक सूचना, दिनांक 23 मई 2009 का अंग्रेजी अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकार से एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है. मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, राजकुमारी खन्ना, उपसचिव. Bhopal, the 23rd May 2009 No. F 10-19-08-XXIII.—In exercise of the powers conferred by sub-rule (1) of Rule 5 of the Madhya Pradesh Compulsory Registration of Marriages Rules, 2008, the State Government hereby appoint the following officers as Registrar of Marriages for the Urban and Rural Units as specified in the table below, namely पा TABLE S.No. Units Designation (H (2) (3) @ (A) Rural Units : - (1) Gram Panchayat Secretary, Gram Panchayat Registrar of Marriages (B) Urban Units : Chief Municipal Officer Chief Municipal Officer Commissioner, Municipal Corporation Administrative Officer of Cantonment Board. Registrar of Marriages Registrar of Marriages Registrar of Marriages Registrar of Marriages (1) Nagar Panchayat (2) Municipality (3) Municipal Corporation (4) Cantonment Area By order and in the name of the Governor of Madhya Pradesh, RAJKUMARI KHANNA, Dy.Secy. निंयंत्रक, शासकीय मुद्रण तथा लेखन सामग्री, मध्यप्रदेश द्वारा शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय, भोपाल से मुद्रित तथा प्रकाशित--2009.