मध्य प्रदेश मनोरंजन कर तथा विज्ञापन कर अधिननयम 1936 [ क्रमांक 30 िर् ष 1936 ]
िाराए ँ
1. सकं्षिप्त नाम, विस्तार तथा प्रारम्भ ।
2. पररभार्ाएँ ।
3. मनोरंजन कर । 3-क. विज्ञापन करारोपण ।
4. उद्ग्रहण की रीनत । 4-क. राज्य शासन को विज्ञापन कर के सदंाय कीं प्रनतक्रक्रया । 4-ख. बिना भगुतान के अथिा ररयायती दर पर प्रिेश पर प्रनतिन्िन । 4-ख ख. िातानकूुलन या िायशुीतन की सवुििा के प्रभाि पर ननिन्िन । 4-ग. शास्स्त अधिरोवपत करने की शस्तत ।
4-घ. अपील ।
5. शास्स्तयाँ । 5-क. अपरािों का प्रशमन । 5-ख. मनोरंजन के ललए अनजु्ञस्प्त का प्रनतसहंरण या ननलम्िन ।
6. परोपकाय ष अथिा शिैणणक प्रयोजनों के ललये मनोरंजन । 6-क. िालमकष अथिा शिैणणक प्रयोजनों के ललए विज्ञापन
7. सामान्य छूट की शस्तत ।
8. ननयम िनाने की शस्तत ।
9. प्रिेश तथा ननरीिण । 9-क. लेखाओं तथा दस्तािेजों का पेश क्रकया जाना तथा ननरीिण क्रकया जाना और पररसरों की तलाशी ।
10. मनोरंजन कर के िकाया की िसलूी । 10-क. सदभािपिूकष काय ष करने िाले व्यस्ततयों का सरंिण और िाद तथा अलभयोजन पर ननिनं्िन ।
11. शस्ततयों और कायों का प्रत्यायोजन I
12. स्थानीय प्राधिकार व्दारा मनोरंजन कर के आरोपण पर रोक । -
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मध्य प्रदेश मनोरंजन कर तथा विज्ञापन कर अधिननयम 1936 [ क्रमांक 30 िर् ष 1936 ]
यह अधिननयम िर् ष 1936 में क्रमांक 30 पर सेन्रल प्राविन्सेज तथा िरार में अधिननयलमत हुआ । ति इसका सकं्षिप्त नाम सेन्रल प्राविन्सेज एण्ड िरार एन्टरटेनमेन््स एण्ड ड यटूी ऐतट,1936 था । तदनसुार इसके दीघ ष नाम तथा प्रस्ताि में सेन्रल प्राविन्सेज एण्ड िरार शब्दों का प्रयोग था । सन ्1920 में एडपे्टेशन आफ लाज आडरष , 1950, व्दारा अधिननयम के दीघ ष नाम तथा प्रस्तािना में सेन्रल प्राविन्सेज एण्ड िरार शब्दों के स्थान पर शब्द ''मध्य प्रदेश'' स्थावपत क्रकय े गये । परन्त ुअधिननयम का सकं्षिप्त नाम ज्यों का त्यों िना रहा ।
[ िारा 1 िर् ष 1956 में ितमष ान मध्य प्रदेश िना । िर् ष 1957 में वििान सभा ने मध्य प्रदेश टेतसेशन लाज (एतसटेन्शन) ऐतट, 1957 (क्रमांक 18 िर् ष 1957) जो निम्िर 1, 1957 को प्रितृ्त हुआ; के व्दारा इस अधिननयम में कई सशंोिन क्रकये गये तथा इस अधिननयभ को सम्पणू ष मध्य प्रदेश में प्रितृ्त कर ददया गया । इस अधिननयम क सकं्षिप्त नाम क्रफर भी ज्यों का त्यों रहा जो िर् ष 1960 मे सेन्रल प्राविन्सेज एण्ड िरार एन्टरटेन्मने्टस ड यटूी (ऐमे्रन्डमेन्ट) ऐतट, 1960 (क्रमांक 14 िर् ष 1960) जो ददनाकं 1-4-1960 को प्रितृ्त हुआ, के व्दारा इस अधिननयम के सकं्षिप्त नाम में सेन्रल प्राविन्सेज एण्ड िरार शब्दों के स्थान पर शब्द ''मध्य प्रदेश'' प्रनतस्थावपत क्रकये गये । अि इस अधिननयम का सकं्षिप्त नाम ''मध्य प्रदेश एन्टरटेनमेन््स ड यटूी ऐतट, 1936 हो गया । चतथु ष पचंिर्ीय योजना सफल करने के ललए अधिक िन की आिश्यकता अनभुतू की गई । अधिक िन की पनूत ष के ललए मनोरंजन कर में िदृ्ग्धि तथा नये "विज्ञापनकर'' का आरोपण प्रस्ताबित हुआ तदनसुार इस अधिननयम में सशंोिन कर इसमें विज्ञापनकर सम्िन्िी प्राििान जोड़ े गये । सकं्षिम नाम दीघ ष नाम तथा प्रस्तािना को प्रनतननधिक िनाने के ललए उसमें सशंोिन भी क्रकया गया । इस तरह िर् ष 1965 में मध्य प्रदेश एन्टरटेन्मेंन््स ड यटूी एमेन्डमेन्ट) ऐतट, 1965 (क्रमांक 12,1965) जो ददनांक 1-4-1965 से प्रितृ्त हुआ, के व्दारा इस अधिननयम के सकं्षिप्त नाम में "इन्टरटेन्मेन््स ड यटूी'' शब्दों के तरुन्त िाद शब्द '''एण्ड एडिरटाइज मने््स टैतस'' अन्त:
स्थावपत क्रकय ेगये । ति से अपने अधिननयम के सकं्षिम नाम से ितमष ान रूप ललया है, (मध्य प्रदेश मनोरंजन कर तथा विज्ञापन कर अधिननयम, 1936) ।
मध्य प्रदेश में मनोरंजनों में प्रिेश देने के सम्िन्ि में तथा ऐसे मनोरंजनों में प्रदलशतष क्रकये जाने िाले विज्ञापनों के कनतपय रूपों के सम्िन्ि में कर आरोवपत करने के ललए अधिननयम । प्रस्तािना
जिक्रक ना्य शालाओं, छविगहृों तथा मनोरंजन के अन्य स्थलों पे प्रिेश के सम्िन्ि में कर तथा ऐसे मनोरंजनों के समय प्रदलशतष क्रकये जाने िाले विज्ञापनों के कनतपय रूपों के सम्िन्ि में कर, आरोवपत करने के ललए प्राििान करना अपेक्षित है;
यह एतद्ग् व्दारा ननम्नानसुार अधिननयलमत क्रकया जाता है,--
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1. सक्षिप्त नाम विस्तार तथा प्रारम्भ-(1) यह अधिननयम (मध्य प्रदेश) मनोरंजन कर [तथा विज्ञापन कर] अधिननयम, 1936 कहा जा सकेगा
(2) इसका विस्तार सम्पणू ष मध्य प्रदेश में होगा ।
(3) यह मध्य प्रदेश के ऐसे सभी - िते्रों में प्रभािशील रहेगा स्जनमें िह मध्य प्रदेश कर विधि (विस्तार) अधिननयम, 1957 के प्रितृ्त होने के सद्ग्य पिू ष प्रभािशील तथा कधथत अधिननयम के प्रितृ्त होने पर उन िेत्रो म ैं प्रभािशील होगा स्जनमें कधथत अधिननयम की िारा 6 व्दारा ननरस्त कोई अनरुूप वििान प्रभािशील था तथा क्रकन्हीं भी िते्रों मे ऐसे ददनांकों को जसेै क्रक राज्य शासन अधिसचूना व्दारा ननददषष्ट करें, प्रभाि में लाया जा सकेगा ।
2. पररभार्ाएँ - इस अधिननयम में, जि तक क्रक कोई िात विर्य अथिा सन्दभ ष में प्रनतकुल न हो (क) 'मनोरंजन में प्रिेश' में समाविष्ट है क्रकसी स्थान में प्रिेश स्जसमें मनोरंजन आयोस्जत हो; [(क क) 'विज्ञापन' से अलभप्रेत है म. प्र. लसनेमा (विननयमन) अधिननयम, 1952 (1952 का क्र.
17) के अन्तगतष अनजु्ञा प्राप्त छविगहृ में अथिा मनोरंजन के क्रकसी अन्य स्थान पर पदे पर प्रदलशतष स्लाइड अथिा चलधचत्र के माध्यम से क्रकन्हीं िस्तओुं, सम्पवत्त, मनोरंजन व्यापार िन्िा अथिा व्यिसाय की सचूना अथिा अलभज्ञापन ;
[(क क क 'विज्ञापन कर' से अलभप्रेत है िारा 3-क के अन्तगतष आरोवपत एि ंदेयकर; (ख) 'मनोरंजन' में समाविष्ट है कोई प्रदशनष , अनषु्ठान विनोद खेल अथिा क्रीड़ा स्जसमें व्यस्ततयों को भगुतान के िदले प्रिेलशत क्रकया जाता हो;
[(ग) 'मनोरंजन कर' स ेअलभप्रेत है िारा 3 के अन्तगतष आरोवपत कर ' (......) । [(ग ग) 'स्थानीय िेत्र' से अलभपे्रत है मध्य प्रदेश म्यनुनलसपलैलटीज ऐतट, 1961 (क्रमांक 37 सन ् 1961) के अथ ष के अन्तगतष कोई नगरपाललका िेत्र/अधिसधूचत िते्र नगर िेत्र अथिा मध्य प्रदेश नगर तथा राम ननिेश अधिननयम, 1973 (क्रमांक 23 सन ् 1973) के अथ ष के अन्तगतष विशरे् िेत्र अथिा छािनी अधिननयम, 1924 (1924 का स०ं 2) के अथ ष के अन्तगतष कोई छािनी अथिा मध्य प्रदेश भ ू राजस्ि सदंहता, 1959 (क्रमाकं 20 सन ् 1959) के अथ ष के अन्तगतष कोई राम;
(घ) ''प्रिेश के ललए भगुतान'' के अन्तगतष है
(एक) कोई भगुतान जो मनोरंजन के क्रकसी स्थान में सीटों या अन्य स्थान सवुििा के ललये क्रकसी भी रूप में क्रकया जाये;
(दो) कोई भगुतान जौ मनोरंजन के क्रकसी कायक्रष म या कथासार (लसनोस्प्सस) के ललये क्रकया जाय;
(तीन) कोई भगुतान, जो क्रकसी ऐसे उपकरण या यन्त्र के स्जसस ेकोई व्यस्तत सामान्य या अधिक अच्छी तरह से मनोरंजन के ऐसे दृश्य देख सकें या उसकी ध्िनन सनु सकें या उसका आनन्द ले सकें , उिार लेने या उपयोग के ललये क्रकया जाये जो िह व्यस्तत ऐस ेउपकरण या यतं्र की सहायता के बिना प्राप्त नहीं कर मकता; (चार) कोई भगुतान जो मनोरंजन से सम्िस्न्ित क्रकसी भी प्रयोजन के ललये हो और क्रकसी
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भी नाम स ेज्ञात हो, स्जस ेमनोरंजन में उपस्स्थत होने या उप- स्स्थत िने रहने की शत ष के रूप में, या तो मनोरंजन में प्रिेश के ललये क्रकसी भगुतान, यदद कोई हो, के अनतररतत या मनोरंजन में प्रिेश के ललए बिना क्रकसी ऐसे भगुतान के अनतररतत क्रकसी रूप में करने की अपेिा क्रकसी व्यस्तत से की जाये; (पांच) क्रकसी ऐसे व्यस्तत व्दारा क्रकया गया कोई भगुतान मनोरंजन स्थल के एक भाग में प्रिेश ददये जाने के पश्चात ्उसके अन्य भाग में प्रदेश ददया जाता है स्जसमें प्रिेश के ललए कर या अधिक भार सदहत भगुतान करना अपिेाए ं
स्पष्टीकरण - क्रकसी मनोरंजन के सम्िन्ि मे कसा भा रूप में ललया गया अलभदाय या सरंहीत क्रकया गया सदंाय प्रिेश के ललए भगुतान समझा जाएगा- (डः) ''विदहत'' से अलभप्रेत है इस अधिननयम के अन्तगतष िनाये गये ननयमो व्दारा विदहत; तथा
1. म० प्र० करािान विधि (सशंोिन) अधिननयम, 1972 (क० 9 सन ्1972) जो म० प्र० राजपत्र (असािारण) ददनाकं 28-4-1972 को पषृ्ठ 1472 -1475 पर प्रकालशत हुआ व्दारा प्रनतस्थावपत ।
2. 'या अनतररतत शलु्क' शब्दों का लोप अधिननयम क्र० 8 सन ्1982 द्ग्िारा क्रकया गया ।
3. म० प्र० अधिननयम क्रमांक 3 सन ्1991 व्दारा अन्तस्थावपत तथा म० प्र० राजपत्र (असािारण) ददनाकं 1 फरिरी 1991 के पषृ्ठ 313 स े314 (5) पर प्रकालशत । (च) ''स्िामी'' में, क्रकसी मनोरंजन के सम्िन्ि में, समाविष्ट से उसके प्रिन्ि के ललये उत्तरदायी अथिा उसके प्रिन्ि का तत्समय प्रभारी कोई भी व्यस्तत; (छ) "िीडडयो कैसेट ररकाडरष या िी० सी० आर'' से अलभपे्रत है कोई ऐसा उपकरण जो ध्िनन और धचत्र का श्याम-स्िेत तथा रंगीन दोनों प्रकार का अलभलेखन चमु्िकीय फीत ेपर करने के ललये और जि आिश्यकता हो तो उन्हें दरूदशनष के परदे पर पनु: प्रदलशतष करने के ललये या अन्य मशीनों पर अलभललणखत क्रकये गये फीत ेतथा चलधचत्रों के पिू ष अलभललणखत कैसेट दरूदशनष परदे पर प्रनत प्रदलशतष (प्ले िकैं ) करने के ललए डडजायन क्रकया गया हो और जो रेडडयो तथा दरूदशनष प्रसारणों के पे्रर्ण (रान्सलमशन) और अलभरहण (ररसेप्शन) के ललए उसके साथ आर० एफ० ्य नूर सेतशन या मानीटर लगा ददये जाने पर मध्य प्रदेश लसनेमा रेग्यलेूशन ऐतट, 1952 (क्रमांक 17 सन ्1952) के अिीन सम्यक् रूप से अनजु्ञप्त क्रकया जाता है, (और उसके अन्तगतष है िीडडयो कैसेट प्लयेर);
[(ज) ''िीडडयो कैसेट प्लेयर या िी० सी० पी०'' से अलभप्रेत है कोई ऐसा उपकरण जो ध्िनन और धचत्र का श्याम श्िेत तथा रंगीन दोनों प्रकार का पनु: प्रदशनष चुम्िकीय फीत ेपर करने के ललए और जि आिश्यकता हो तो उन्हें दरूदशनष के परदे पर पनु: प्रदलशतष करने के ललये या अन्य मशीनों पर अलभललणखत क्रकए गये फीत ेतथा चलधचत्रों के पिू ष अलभललणखत कैसेट दरूदशनष परदे पर प्रनत प्रदलशतष (प्ल ेिकैं ) करने के ललए डडजायन क्रकया गया हो और जो रेडडयो तथा दरूदशनष प्रसारणों के पे्रर्ण (रान्सलमशन) और अलभरहण (ररसेप्शन) के ललए
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उसके साथ आर० एफ० ्य नूर सेतशन या मानीटर लगा ददये जाने पर मध्य प्रदेश लसनेमा रेग्यलेूशन ऐतट, 1952 (क्रमाकं 17 सन ्1952) के अिीन सम्यक रूप से अनजु्ञप्त क्रकया जाता है । ]
3. मनोरंजन कर- [(1) (क) िीडडयो कैसेट ररकाडरष (जो इसमें इसके पश्चाद िी० सी० आर ० के नाम से ननददषष्ट है) या िीडडयो कैसेट प्लेयर (जो इसमें इसके पश्चात ्िी ० सी ० पी० के नाम से ननददषष्ट है) व्दारा मनोरंजन से लभन्न क्रकसी मनोरंजन का प्रत्येक माललक, मनोरंजन में प्रिेश के ललए प्रत्येक भगुतान के सम्िन्ि में, राज्य सरकारें को उस भगुतान के 100 प्रनतशत की दर से शलु्क का भगुतान करेगा :
परन्त ुमनोरंजन में प्रिेश के ललए पचास पसेै से अनधिक के क्रकसी भगुतान के सम्िन्ि में कोई शलु्क उस दशा में के लसिाय देय नहीं होगा जिक्रक ऐसा भगुतान क्रकसी स्थाई सरंचना में होने िाले चलधचत्र प्रदशनष में प्रिेश के ललये हो :
परन्त ुयह और भी क्रक क्रकसी मनोरंजन के माललक व्दारा क्रकसी कैलेंडर िर् ष में 1 माच ष से प्रारम्भ होकर 3० लसतम्िर तक की कालािधि के दौरान िातानकूुललत और िायशुीतन की सवुििा प्रदान करने के ललये भाररत 10 पसैा प्रनत दटक्रकट तक अनतररतत प्रभार के ललए कोई शलु्क प्रभाय ष नहीं होगा;
(ख) नीचे दी गई साररणी के कालम (1) में उस्ल्लणखत जनसखं्या िाले नगर में और उतत साररणी में उस्ल्लणखत परदे के आकार पर िी० सी० आर० व्दारा क्रकए गए क्रकमी मनोरंजन का प्रत्येक माललक, राज्य सरकार, को प्रनतमास उस दर से जो साररणी के कालम (2) मौर
(3) में की तत्स्थानीय प्रविस्ष्ट में विननददषष्ट है शलु्क का भगुतान करेगा :
साररणी
क्रमांक जन-सखं्या परदे का आकार
51 सटें ीमीटर तक (रुपये [15 से.मी. से अधिक
प्रनतमाह) (रुपये प्रनतमाह)
(1) (2) (3) (4)
1. 10,000 तक (अ) 2626.00 (अ) 3937.00 (आ) 1125.00 (आ) 1687.00
2. 10,001 से (अ) 3375.00 (अ) 5062.00 20,000 तक (आ) 1687.00 (आ) 2530.00
3. 20,001 से (अ) 4500.00 (अ) 6750.00 50,000 तक (आ) 2250.00 (आ) 3375.00
4. 50,001 से (अ) 6000.00 (अ) 9000.00 1,00,000 तक (आ) 3000.00 (आ) 4500.09
5. 1,00,000 से अधिक समस्त शे्रणणयों के प्रत्येक समस्त शे्रणणयों के दटक्रकट के विक्रय पर 100 प्रत्येक दटक्रकट के विक्रय प्रनतशत पर 100 प्रनतशत
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- जहां लसनेमा है । जहाँ लसनेमा नहीं है । परन्त ुराज्य सरकार, अधिसचूना व्दारा, शलु्क में िदृ्ग्धि या कंमी ऐसे अन्तराल में कर सकेगी जो दो िर् ंसे कम न हो, जहाँ दर से िदृ्ग्धि की जाती है िहाँ िह तत्समय प्रितृ्त दर के पच्चीस प्रनतशत से अधिक नहीं होगी :
परन्त ुयह और भी क्रक उपयतुष त परन्तकु के अिीन की प्रत्येक अधिसचूना वििान सभा से पटल पर रखी जायेगी और मध्य प्रदेश सािारण खण्ड अधिननयम, 1957 (क्रमांक 3 सन ् 1938) की िारा 24-क के उपिन्ि उसको उसी प्रकार लाग ू होंगे जैसे क्रक िे क्रकसी ननयम को लाग ूहोत ेहैं ।
(1-क) उपिारा (1) के खण्ड (ख) के अिीन कोई शलु्क उस मास के ठीक आगामी मास से देय नहीं होगा स्जसमें ऐसा माललक िाणणस्ज्यक प्रयोजनों के ललए िी० सी० आर० का प्रदशनष िन्द कर देता है और उस प्रभाि की ललणखत सचूना ऐसे अधिकारी को ऐसे प्रारूप में देता है और ऐसे ननिन्िनों और शतो को परूा कर देता है जैसा विदहत क्रकया जाये (1-ख) उपिारा (1) के खण्ड (ख) के अिीन देय शलु्क ऐसे अधिकारी या प्राधिकारी को और ऐसी रीनत में भगुतान क्रकया जायेगा या उसके व्दारा सरंहीत क्रकया जायेगा जैसा क्रक विदहत क्रकया जाये ।
(2) जहां क्रकसी मनोरंजन में प्रिेश के ललए भगुतान वपण्ड-रालश के माध्यम से क्रकसी व्यस्तत को अलभदान अथिा अशंदान के रूप में देकर, अथिा सीजन दटक्रकट के ललए अथिा मनोरंजन की क्रकसी शखंृ ला में अथिा एक ननस्श्चत कलािधि में क्रकसी मनोरंजन में, प्रिेश के अधिकार के ललये देकर, अथिा बिना अनतररतत भगुतान के अथिा घटाये हुये प्रभार पर क्रकसी मनोरंजन में प्रिेश के अधिकार के साथ सयंतुत अथिा प्रिेश के ऐसे अधिकार को सरंदहत करत ेहुये क्रकसी विशरे्ाधिकार, सवुििा अथिा िस्त ुके ललये देकर, क्रकया जाि ेतो मनोरंजन कर ऐसे वपण्ड-रालश की मात्रा पर चकुाया जायेगा :
परन्त ुजहां राज्य शासन की यह राय हो क्रक वपण्ड-रालश का भगुतान, मनोरंजन में प्रिेश के परे के क्रकन्ही अन्य विशरे्ाधिकारों अधिकारों अथिा प्रयोजनों के ललये भगुतान, का प्रनतननधित्ि करता है, अथिा क्रकसी ऐसी अिधि में मनोरंजन के ललए प्रिेश को िेस्ष्ठत करता है स्जसमें कर प्रितनष में नहीं रहा है तो कर ऐसी रालश पर ललया जायगा जो राज्य शासन को ऐसे मनोरंजनों, स्जनके सम्िन्ि में मनोरंजन, कर देय हो, में प्रिेश के अधिकार का प्रनतननधित्ि करती है ।
[(3) (क) [ उपिारा (1) के खण्ड (क)] के अिीन देय मनोरंजन शलु्क को सगंणना करने में -
(एक) जहां देय शलु्क पचास पसेै से कम हो, िहां िह शलु्क पाँच पसेै के ननकटतम उच्चतर
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गणुणत में रखा जायगा; (दो) जहां देय शलु्क पचास पसेै से अधिक हो, िहां िह शलु्क पाँच पसेै के ननकटतम उच्चतर गणुणत में रखा जायगा;
(ख) प्रिेश सम्िन्िी ऐसे भगुतान के सम्िन्ि में, जो दो रुपये से अधिक का हो क्रकन्त ुदो रुपये पांच पसैे से अधिक का न हो।, क्रकन्त ुमनोरंजन शलु्क की सगंणना करने में पांच पसैे था उसके भाग पर ध्यान नहीं ददया जायेगा ।
[ 3 क. विज्ञापन करारोपण - (1) क्रकसी मनोरंजन में प्रदलशतष क्रकये गये प्रत्येक विज्ञापन पर विज्ञापन. कर नीचे विननददषष्ट की गई दरों पर उद्ग्रहीत क्रकया जायेगा तथा राज्य सरकार को चकुाया जायेगा -
| (एक) (क) गत जनगणना के अनसुार एक लाख या उसस ेअधिक जन- सखं्या िाले नगरों में । | प्रनतददन 1.00 रुपये के तथा एक मास के ललए 25.00 से अनधिक के अध्यिीन रहत े हुये प्रत्येक खेल में प्रनत स्लाइड के ललये 50 पसैे । |
| (ख) अन्य िेत्रों में । | प्रनतददन 50 पसैे के तथा एक मास के ललये 12.50 रुपये से अनधिक के अध्यिीन रहत े हुये प्रत्येक खेल में प्रनत स्लाइड के ललये 25 पसैे । |
| (दो) क्रफल्में तथा पररचय धचत्र (रेलस)ष । | प्रनतददन 2.00 रुपय ें के तथा एक मास के ललये 50.00 से अनधिक के अध्यिीन रहत े हुए, प्रत्येक खेल में प्रनत क्रफल्मां प्रनत पररचय धचत्र (रेलर) के ललये 75 पसैे । |
(2) स्िामी दारा विज्ञापन कर राज्य शासन को विदहत रीनत में चकुाया जायेगा । [4. उदरहण की रीनत - (1) इस अधिननयम व्दारा अन्यथा उपिस्न्ित के लसिाय [िी सौ० आर० व्दारा मनोरंजन से लभन्न क्रकसी भी मनोरंजन में क्रकसी भी व्यस्तत को केिल ऐसे दटक्रकट से ही प्रिेश ददया जाएगा जो राज्य सरकार व्दारा जारी क्रकये गये िारा 3 के अिीन देय शलु्क के िरािर के अलभदहत मलू्य के ननमदुित (इम्पे्रस्ड), उभरे हुये, उत्कीण ष या धचपकाये जाने िाले स्टाम्प (जो पिू ष में प्रयोग में न लाया गया हो) से स्टास्म्पत क्रकया हुआ हो ।
[(1 - क ) का लोप क्रकया गया ।]
[(2) राज्य सरकार, िी० सी. आर० व्दारा मनोरंजन से लभन्न क्रकसी ऐसे मनोरंजन, स्जसके क्रक सम्िन्ि में मनोरंजन शलु्क िारा 3 के अिीन देय हो, के क्रकसी माललक व्दारा आिदेन क्रकये जाने पर ऐसे स्िामी को इस िात के ललये अनजु्ञात कर सकेगी क्रक िह शोध्य शलु्क की रकम का भगुतान एतद्ग्ि ीन विननददषष्ट क्रकये गये ढंगों में स े क्रकसी एक ढंग से स्जस े क्रक राज्य सरकार उधचत समझे तथा ऐसी रीनत में एि ऐसी शतों के अध्यिीन रहते हुये करे
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जैसा क्रक विदहत क्रकया जाये, अथाषत ्- (क) ऐसे प्रनतशत के, जो उस कुल रालश के, जो क्रक स्िामी ने मनोरंजन में प्रिेश सम्िन्िी भगुतानों के मदु्ग्दे तथा राज्य सरकार व्दारा ननयत क्रकये जाने िाले शलु्क के मदु्ग्दे प्राप्त की हो, चालीस प्रनतशत से कम नहीं होगा, समेक्रकत भगुतान व्दारा; (ख) मनोरंजन में प्रिेश सम्िन्िी भगुतानों तथा शलु्क के मदु्ग्दे भगुतानों की वििरणणयों के अनसुार;
(ग) स्जन व्यस्ततयों को प्रिेश ददया गया हो, उनकी सखं्या को स्ित: रस्जस्टर करने िाली क्रकसी यास्न्तक प्रयसु्तत व्दारा अलभललणखत क्रकये गये पररणामों के अनसुार; [ (घ) िारा 3 के अिीन प्रभाय ष शलु्क के िदले में, नीचे दी गई साररणी में उस्ल्लणखत पद्ग्िनत के अनसुार सगंणणत शलु्क के ऐसी रीनत में और ऐसी शतो के अध्यिीन रहत ेहुये, जैसी विदहत की जाए, प्रशमन दारा-
साररणी
| अनकुमाक | जनसखं्या | प्रशमन क्रकया गया मनोरंजन शलु्क |
| (1) | (2) | (3) |
| 1. | क्रकसी स्थानीय िते्र की 25,000 तक । | िठैने की पणू ष िमता पर सगंणणत मनोरंजन शलु्क का 20 प्रनतशत । |
| 2. | क्रकसी स्थानीय िते्र की 25,001 के 50,000 तक । | िठैने की पणू ष िमता पर सगंणणत म न ो रंज न श लु् क का 25 प्रनतशत । |
| 3. | क्रकसी स्थानीय िते्र की 50,001 से 1,00,000 तक । | िठैने की पणू ष िमता पर सगंणणत म न ो रं ज न श लु् क क ा 30 प्रनतशत |
परन्त ुप्रशमन क्रकये गये शलु्क की रकम की कालम (3) में उस्ल्लणखत दरों पर
सगंणना उन खेलों की विचार सखं्या को विचार में लाये बिना जो उस मास में प्रदलशतष क्रकये
जाए,ँ एक मास में केिल 90 खेलों के ललये की जायेगी ।
(ड.) मनोरंनन शलु्क के िदले में ऐसी रालश के, जो क्रक राज्य सरकार व्दारा या राज्य
सरकार व्दारा इस सम्िन्ि में प्राधिकृत क्रकये गये क्रकसी अधिकारी व्दारा ऐसे लसद्ग्िान्तों के
अनसुार ननयत की जायगी जैसे क्रक विदहत क्रकये जाये, अधरम समेक्रकत भगुतान व्दारा; और
(च) प्रिेश सम्िन्िी भगुतान, स्जसमें उस पर शोध्य मनोरंजन शलु्क भी सस्म्मललत
है, के प्रयोजन के ललये राज्य सरकार व्दारा विशरे् रूप से मदुित क्रकये गये उन दटक्रकटों के
ललए, स्जनका क्रक उपयोग मनोरंजन में प्रिेश के ललये क्रकया जायेगा, अधरम समेक्रकत भगुतान
व्दारा ।]
[ (3) इस िारा की उपिारा (1) [ ........ ] तथा िारा 5 के उपिन्ि क्रकसी एऐस ेमनोरंजन
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को, स्जसके सम्िन्ि में दातव्य मनोरंजन शलु्क उपिारा (2) के उपिन्िों के अनसुार देय हो, लाग ूनहीं होंगे । ]
[ (4) क्रकसी मनोरंजन का स्िामी, ऐसे अलभलेख, ऐसी रीनत में तथा ऐसे प्रारूप में, जैसा क्रक विदहत क्रकया जाय, िनाये रखेगा । ]
[ 4-क. राज्य शासन को विज्ञापन कर के सदंाय की प्रक्रक्रया - (1) स्िामी, ऐसे समय पर तथा ऐसी रीनत में तथा ऐसे अधिकारी को, जैस ेक्रक विदहत क्रकये जािें, मनोरंजन में प्रदलशतष विज्ञापनों की पणू ष सखया उस्ल्लणखत करत ेहुए, एक वििरण अरवेर्त करेगा तथ। विदहत समय पर ऐसे अधिकारी को उस मनोरंजन के ललए कर की रालश का भगुतान करेगा ।
(2) स्िामी ऐसी रीनत में तथा ऐसे प्रारूप में ऐसे अलभलेख रखेगा जैसे क्रक विदहत क्रकये जाये । I
[4-ख. बिना भगुतान के अथिा ररयायती दर पर प्रिेश प्रनतिन्िन -
कोई स्िामी [ िी० सी० आर० व्दारा मनोरंजन से लभन्न क्रकसी भी मनोरंजन ] में क्रकसी व्यस्तत को उसमें प्रिेश के ललये भगुतान के बिना अथिा ररयायती दरों पर प्रिेलशत नहीं करेगा जि तक क्रक उसके सम्िन्ि में देय मनोरंजन शलु्क उस िग ष स्जसमें ऐसा व्यस्तत प्रिेलशत क्रकया गया है, के दटक्रकट के परेू मलू्य पर [……...] नहीं चुकाया जा चुका हो । [ परन्त ुइस िारा में की कोई िात ररयायती दरों पर प्रिेश के सम्िन्ि में - (क) व्यस्ततयों के ऐसे िग ष को; तथा
(ख) ऐसे मनोरंजन अथिा मनोरंजन के िग ष को;
लाग ूनहीं होगी जैसे क्रक राज्य शासन, अधिसचूना व्दारा ननददषष्ट करे । ] [4-खख िातानकूुलन या िायशुीतन की सवुििा के प्रभाि पर ननिन्िन - िी० सी० आर० व्दारा मनोरंजन से लभन्न क्रकसी मनोरंजन का कोई माललक िातानकूुलन या िायशुीतन की सवुििा के ललए कोई प्रभार ऐसी सवुििा उपलब्ि कराये बिना नहीं लेगा । ] [ 4 ग. शास्स्त अधिरोवपत करने की शस्तत - यदद मनोरंजन में क्रकसी स्थान का ननरीिण करने पर या उन अलभलखेों एि ंलखेाओं की तथा स्टाम्पों की उन स्टाकों की, जो क्रक क्रकसी स्िामी व्दारा रखे जात े हों, परीिा केरने के पश्चाद आिकारी आयतुत या कोई अन्य अधि- कारी, जो राज्य सस्कार व्दारा इस सम्िन्ि में प्राधिकृत क्रकया जाय, इस ननष्कर् ष पर पहँुचे क्रक इस अधिननयम के अिीन देय मनोरंजन शलु्क. या विज्ञापन कर का स्िामी व्दारा अपिचंन क्रकया गया है, तो िह, स्िामी को सनुिाई का यसु्ततयतुत अिसर देने के पश्चात,् ( उस शलु्क या कर का, जो क्रक स्िामी व्दारा देय हो, अपने शे्रष्ठ ननणयष के अनसुार ननिाषरण ठीक पिूिष ती ऐसी कालािधि के ललए, जो तीस ददन से अधिक की नहीं होगी, इस प्रकार कर सकेगा मानो क्रक ऐसा अपिचंन ऐसी सम्पणू ष कालािधि के दौरान होता रहा हो और िह यह ननदेश दे सकेगा क्रक स्िामी इस प्रकार अििाररत क्रकये गये यथास्स्थनत शलु्क या कर
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की रकम के अनतररतत ऐसी रालश का, जो क्रक क्रकसी कलेण्डर िर् ष में ऐसे प्रथम अपिचंन के ललए, उस रकम के आिे के िरािर होगी तथा उसी िर् ष में द्ग्वितीय या पश्चाति ्ती अपिचंन के ललए, उस रकम के दगुनेु से से अधिक नहीं होगी क्रकन्त ुआिे से कम नहीं होगी, शस्तत के रूप में भगुतान करे ।
ताललका
| रकम | शलु्क या कर और शास्स्त का अनपुात |
| (1) | (2) |
| जहां शलु्क या कर और शास्स्त की रकम एक हजार रुपयों से अधिक हो । | शलु्क या कर और शास्स्त की परूी रकम । |
| जहां शलु्क या कर और शास्स्त की रकम एक हजार रुपयों से अधिक हो | एक हजार रुपये या शलु्क या कर और शास्स्त की रकम का एक नतहाई, जो भी अधिक हो । |
[ 5 क. अपरािों का प्रशमन - (1) ऐसी शतो के अध्यिीन जैसी क्रक विदहत की जाि े
आिकारी आयतुत अथिा आिकारी विभाग का ऐसा अन्य अधिकारी जैसा क्रक राज्य शासन
व्दारा इस िारे में प्राधिकृत क्रकया जािे -
(क) मनोरंजन कर अथिा विज्ञापन कर, स्जनका िारा 3 अथिा 3-क, जैसी स्स्थनत हो, के
अन्तग ष त भगुतान क्रकया जाना चादहये था की रालश [ िीस गनेु ] से अनाधिक िन को
स्िीकार कर इस अधिननयम के अन्तगतष के क्रकसी भी अपराि का प्रशमन कर सकेगा ।
(ख) [पांच हजार] रुपयों स ेअनाधिक िन को स्िीकार कर, इस अधिननयम के अन्तगतष िने
ननयमों को भगं करने से सम्िस्न्ित क्रकसी भी अपराि का प्रशमन कर सकेगा ।
(2) अपराि के प्रशमन पर उसके अलभयतुत व्यस्तत के विरुद्ग्ि उसके सम्िन्ि से आगे कोई कायिष ाही नहीं की जायेगी तथा यदद क्रकसी न्यायालय में पहले ही से उसके विरुद्ग्ि कोई कायिष ाही आरम्भ कर दी गई है, तो प्रशमन ऐसे व्यस्तत की दोर्-मसु्तत का प्रभाि रखेगा । [ 5-ख. मनोरंजन के ललए अनजु्ञस्प्त का प्रनतसहंरण या ननलम्िन- (1) क्रकसी अन्य विधि में अन्तविष्ष ट क्रकसी िात के होत ेहुए भी और इस अधिननयम के अन्य उपिन्िों पर प्रनतकुल प्रभाि डाले बिना, कलेतटर या आिकारी आयतुत आदेश व्दारा क्रकसी मनोरंजन के ललये तत्समय प्रितृ्त क्रकसी अन्य विधि के अिीन मजंूर की गई क्रकसी अनजु्ञस्प्त की दण्ड के तौर पर तीन माह स े अनधिक कालािधि के ललये प्रनतसहंत या ननलस्म्ित कर सकेगा यदद उसका यह समािान हो जाता है क्रक माललक ने-
(क) क्रकसी व्यस्तत को मनोरंजन के क्रकसी स्थान में शलु्क या कर का भगुतान क्रकये बिना प्रिेश
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ददया है; या (ख) उससे शोध्य क्रकसी शलु्क या कर का भगुतान विदहत समय के भीतर नहीं क्रकया है; या (ग) इस अधिननयम के अिीन शोध्य क्रकसी शलु्क या कर के भगुतान का कपटपिूकष अपिचंन क्रकया है; या
(घ) क्रकसी अधिकारी को अलभलेखों का ननरीिण करने में िािा पहँुचाई है; या (ङ) इस अधिननयम के अिीन ऐसा ननरीिण करने िाले क्रकसी अधिकारी व्दारा ननरीिण के ललये अपेक्षित अलभलखे पेश नही ंक्रकया है; या
(च) इस अधिननयम के या इसके अिीन िनाए गए क्रकन्ही ंननयमों के क्रकन्हीं उपिन्िों का या क्रकसी ऐसे उपिन्ि के अिीन जारी क्रकये गये क्रकसी आदेश या ननदेश का उल्लघंन क्रकया है परन्त ुजहां उपरोतत अधिकाररयों में से क्रकसी एक ने इस उपिारा के अिीन कोई कायिष ाही प्रारम्भ कर दी है िहाँ दसूरे अधिकारी को उसी विर्य के सम्िन्ि में तत्पश्चात ्िती कायिष ादहयां यदद प्रारम्भ की गई है, प्रभािहीन हो जायेगी तथा िन्द कर दी जायेगी ।
(2) उपिारा (1) के अिीन क्रकसी अनजु्ञस्प्त को प्रनतसहंत या ननलस्म्ित करने का कोई आदेश, अनजु्ञस्प्त के िारक को सनुिाई का यसु्तत-यतुत अिसर ददये बिना नहीं क्रकया जाएगा :
परन्त ुकलेतटर या आिकारी आयतुत की यह राय है क्रक की जाने िाली प्रस्तावित कायिष ाही का उद्ग्देश्य विलम्ि के कारण विफल हो जायेगा तो िह अनजु्ञस्प्त के िारक को िे आिार, स्जन पर कायिष ाही प्रस्तावित है, ससंधूचत करत ेसमय या उसके पश्चात,् अनजु्ञस्प्त ननलस्म्ित करत ेहुये, अन्तररम आदेश पाररत कर सकेगा ।
(3) इस िारा के अिीन क्रकसी अनजु्ञस्प्त के प्रनतसहंरण या ननलम्िन के क्रकसी आदेश से व्यथत:
कोई व्यस्तत, ऐसा आदेश ससंधूचत क्रकये 'जाने की तारीख से पन्िह ददन के भीतर, राज्य सरकार को, ऐसी रीनत में अपील प्रस्ततु कर सकेगा जो विदहत की जाये और अपील प्राधिकारी का आदेश अस्न्तम होगा
6. परोपकाय ष का अथिा शिैणणक प्रयोजनों के ललये मनोरंजन- (1) यदद [कलेतटर] सन्तषु्ट हो क्रक-
(क) मनोरंजन की सम्पणू ष आय, आय पर मनोरंजन के क्रकन्हीं भी खचो के प्रभार के बिना परोपकारी अथिा िमाथ ष प्रयोजनों के ललए समवपतष है; अथिा
(ख) मनोरंजन पणूतष . शिैणणक प्रकृनत का है, अथिा
(ग) मनोरंजन, लाभ के ललये न सचंाललत अथिा स्थावपत सघं, ससं्था अथिा सलमनत व्दारा आलशक रूग ्से शिैणणक और आलशक रूप से िजै्ञाननक प्रयोजनों के ललये ददया जाता है, तो उस मनोरंजन में प्रिेश के ललये भगुतान पर मनोरंजन कर उद्ग्रहीत नहीं क्रकया जाएगा । 1 जहां [कलेतटर] सन्तषु्ट हो क्रक मनोरंजन का सम्पणू ष शदु्ग्ि आगम परोपकारी अथिा िालमकष प्रयोजनों के ललये समवपतष क्रकया जा चकुा है अथिा क्रकया जाना है और मनोरंजन .के समस्त व्यय प्रास्प्तयों के 20 प्रनतशत से अधिक नहीं है, तो ऐसे मनोरंजन के सम्िन्ि में पररदत्त मनोरंजन कर की रालश स्िामी को प्रत्यवपतष कर दी जायेगी ।
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मध्य प्रदेश मनोरंजन शलु्क तथा विज्ञापन कर अधिननयम, 1936 (1936 का स०ं 30) की िारा 7 में प्रदत्त शस्ततयों का प्रयोग करत ेहुये, राज्य सरकार क्रफल्म सोसायदटयों/क्रफल्म तलिों व्दारा प्रदलशतष की जाने िाली क्रफल्मो को उतत अधिननयम की िारा 3 (1) के प्रितनष से ननम्नललणखत शतों के अध्यिीन एतद्ग्द्ग्िारा छूट प्रदान करती है-
1. केिल ऐसी सोसायदटयां/तलि ऐसी छूट के पात्र होंगे, जो फम्स ष और सोसायटीज ऐतट के अिीन रस्जस्रीकृत हों ।
2. क्रफल्म केिल सदस्यों और ऐसे अन्य व्यस्ततयों को जो उनके कुटुम्ि के िास्तविक सदस्य हों, को ही प्रदलशतष की जायगी ।
3. प्रदलशतष की जाने िाली क्रफल्म की विननददषष्ट विलशस्ष्टयां देत ेहुये प्रदशनष की तारीख, समय और स्थान की सचूना कम से कम तीन ददन अधरम में सम्िस्न्ित स्जले के स्जला आिकारी अधिकारी और कलतेटर को दी जायगी ।
4. यदद क्रफल्म के प्रदशनष के ललये सदस्यों से कोई रकम सरंदहत की गई हो तो उसका दहसाि पथृक से रखा जायगा और सम्िस्न्ित कलतेटरास्जला आिकारी अधिकारी को उसके परीिण करने का अधिकार होगा ।
[ 7. सामान्य छूट की शस्तत - राज्य शासन सामान्य अथिा विशरे् आदेश व्दारा - (एक) क्रकसी मनोरंजनों अथिा मनोरजनों के िग ष को िारा 3 कीं प्रभािशीलता से, (दो) क्रकसी विज्ञापन अथिा विज्ञापनों के िग ष की िारा 3-क की प्रभािशीलता से छूट दे सकेगा ।
8. ननयम िनाने की शस्तत - (1) राज्य शासन मनोरंजन कर ( तथा विज्ञापन )कर का सदंाय सरुक्षित करने के ललए तथा सामान्यत: इस अधिननयम के उपिन्िों को कायास्ष न्ित करने के ललए, इस अधिननयम से सगंत, ननयम िना सकेगा ।
(2) विशरे्त: और पिूगष ामी शस्तत की व्यापकता पर प्रनतकूल प्रभाि डाले बिना राज्य शासन - (क) मिुांकों अथिा मिुांक्रकत दटक्रकटों के प्रदाय तथा प्रयोग के ललये, अथिा मिुांकन के ललए, भेजे गये दटक्रकटों को मिुांक्रकत करने के ललये तथा जि प्रयतुत हो जािें तो मझुकी का विरूपण सनुनस्श्चत करने के ललए;
(ख) एक व्यस्तत से अधिक का प्रिेश िेस्ष्ठत करने िाले दटक्रकट के प्रयोग तथा उस पर कर की सगंणना के ललये, तथा मनोरंजन के स्थल के एक भाग से दसूरे को अन्तरण पर तथा सीटों अथिा अन्य स्थान के ललये भगुतान पर कर के सदंाय के ललये ; (ग) मनोरंजन में प्रिेश सम्िन्िी भगुतान के ललये यास्न्त्रक उपायों के प्रयोग के ननयतं्रण (लभन्न रालश के भगुतान के ललये उसी यास्न्त्रक उपाय के प्रयोग के ननिारण को सस्म्मललत करत ेहुये) के ललये, तथा ऐसे भगुतानों का उधचत अलभलेख सनुनस्श्चत करने के ललये;
[ (ग-एक) बिलपु्त ।
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(ग-दो) िारा 3 की उपिारा (1-क) के अिीन िह अधिकारी स्जस और िह प्रारूप स्जसमें सचूना दी जा सकेगी तथा िे तथा शत ेस्जनकी पनूत ष की जायेगी; (ग-तीन) िारा 3 की उपिारा (1-ख) के अिीन िह रीनत स्जसमें तथा िह अधिकारी या प्राधिकारी स्जसको शलु्क चकुाया जा सकेगा या स्जसके व्दारा िह सरंहीत या िसलू क्रकया जा सकेगा ।)
[(घ) (एक) ऐसे मनोरंजन के, स्जनके क्रक सम्िन्ि में मनोरंजन शलु्क िारा 4 की उपिारा (2) के उपिन्िों के अनसुार देय है, स्िालमयों व्दारा प्रिेशों के सम्िन्ि में जांच पड़ताल की जाने, उसके व्दारा लेखाओं को रखे जाने तथा वििरणणयों के प्रस्ततु क्रकये जाने के ललये ।
(दो) िह रीनत स्जसमें तथा िे शत ेस्जनके क्रक अध्यिी न क्रकसी स्िामी को िारा 4 की उपिारा (2) के अिीन मनोरंजन शलु्क का भगुतान करने को अनजु्ञात क्रकया जायेगा, विदहत करने के ललये ।
(तीन) िे लसद्ग्िान्त, स्जनके क्रक अनसुार िारा 4 की उपिारा (2) के खण्ड (ड) के अनसुार समेक्रकत भगुतान क्रकया जा सकेगा, विदहत करने के ललये ।
[(ड.) िह समय विदहत करने के ललये स्जसके क्रक भीतर िारा 4-घ की उपिारा (1) के अिीन अपील की जायगी ।
(च) इस अधिननयम के अन्तगतष प्रयतुत समस्त मिुाकों का दहसाि रखने के ललये । (छ) मनोरंजन शलु्क [अथिा विज्ञापन कर] के सदंाय से छूट के प्राथनष ा-पत्रों के प्रस्ततुीकरण तथा ननपटारे के ललए अथिा उसके प्रत्यपणष के ललए; तथा (ज) गणिेर् में बिदटश सनैनकों की मनोरंजन कर से मसु्तत के ललये; [(ज-1) समय स्जस पर तथा ढंग स्जसमें तथा अधिकारी स्जसको स्िामी व्दारा विज्ञापन कर का भगुतान क्रकया जायेगा, विदहत करने के ललए ।
(ज-2) समय स्जस पर तथा ढंग स्जसमें तथा अधिकारी स्जसको वििरण अरेवर्त क्रकया जायेगा, विदहत करने के ललये;
(ज-3) अलभलेख तथा िह प्रारूप तथा िह ढंग स्जसमें स्िामी व्दारा ऐसा अलभलेख रखा जायगा, विदहत करने के ललये;
(ज-4) िे शत ेअधिकधथत करने के ललए, स्जनके क्रक अध्यिीन रहत ेहुये आिकारी आयतुत या कोई प्राधिकृत अधिकारी स्िामी से यह अपेिा कर सकेगा क्रक िह िारा 9-क की उपिारा (1) के अिीन लेखे, रस्जस्टर तथा दस्तािजे पेश करे या कोई जानकारी दे; [(झ) क्रकसी अन्य विर्य-िस्त ुके ललये जो विदहत की जानी हो अथिा की जािे ।
(3) समस्त ननयम पिू ष प्रकाशन की शतो के अध्यिीन होंगे ।
(4) कोई ननयम िनाने में राज्य शासन ननदेश दे सकेगा क्रक उसका उल्लघंन ऐसे जुमाषने
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से जो पांच सौ रुपये तक हो सकेगा, दण्डनीय होगा । [(5) इस िारा के अिीन िनाये गये सभी ननयम वििान सभा के पटल पर रख ेजाएँगे ।''
9. प्रिेश तथा ननरीिण - (1) राज्य शासन क्रकसी भो अधिकारी को जो पलुलस के उप- ननरीिक के पद स ेनीचे का न हो, मनोरंजन के क्रकसी भी स्थान में जिक्रक मनोरंजन चल रहा हो, अथिा क्रकसी भी ऐसे स्थान में जो सािारणत: मनोरंजन के स्थान के रूप में प्रयतुत होता हो, क्रकसी भी उधचत समय पर यह विननश्चय करने के प्रयोजन से क्रक तया उसमें इस अधिननयम के क्रकन्हीं उपिन्िों अथिा उनके अन्तगतष िने क्रकसी ननयम का उल्लघंन है, प्रिेश करने तथा ननरीिण करने के ललये प्राधिकृत कर सकेगा ।
(2) प्रत्येक मनोरंजन का स्िामी अथिा माललक अथिा सािारणत: मनोरंजन के स्थान के रूप में प्रयतुत क्रकसी भी स्थान का प्रभारी व्यस्तत ननरीिण करने िाले [ िारा 9-क अधिकारी को उपिारा (1) के अन्तगतष उसके कत्तव्ष यों के पालन में प्रत्येक उधचत सहयोग देगा ।
(3) ननरीिण करने िाले अधिकारी से क्रकसी मनोरंजन में उसके प्रिेश के ललये भगतान करने की अपिेा नहीं की जायेगी ।
[ 10 मनोरन्जन शलु्क आदद के िकाया की िसलूी - उस मनोरन्जन शलु्क का या उस विज्ञापन कर का या क्रकसी ऐसी शास्स्त का, स्जसका क्रक उद्ग्रहण इस अधिननयम के अिीन क्रकया जाता हो या क्रकसी ऐसी रालश का, जो िारा 5-क के अिीन अपराि के समन के सम्िन्ि में देय हो (अन्त-स्थावपत) कोई िकाया भ-ूराजस्ि के िकाया के रूप में िसलूी योग्य होगा ।
दटप्पणी
िसलूी का उपिन्ि - शरे् भ-ूराजस्ि की िसलूी सम्िन्िी उपिन्ि के ललए म० प्र० भ-ूराजस्ि सदंहता, 1959 (क्रमांक 20 सन ्1959) की िारा 155 देणखये । [10 क. सदभािपिूकष काय ष करने िाले व्यस्ततयों का सरंिण और िाद तथा अलभयोजन पर ननिन्िन- (1) राज्य सरकार के क्रकसी अधिकारी या सेिक के विरुद्ग्ि, क्रकसी भी ऐसे काय ष के ललए, जो क्रक अधिननयम के अिीन क्रकया गया हो या स्जसका इस अधिननयम के अिीन क्रकया जाना तात्पनयतष हो, कोई भी िाद, अलभयोजन या अन्य कायिष ाही राज्य सरकार की पिू ष मन्सरूी के बिना नहीं होगी ।
(2) राज्य सरकार का कोई भी अधिकारी या सेिक क्रकसी लसविल या दास्ण्डक काय-ष िाही में क्रकसी भी ऐसे काय ष के सम्िन्ि में दायी नहीं होगा यदद िह काय ष इस अधिननयम के व्दारा या उसके अिीन उस पर अधिरोवपत कत्तव्ष यों के ननष्पादन के अनकु्रम में या इस अधि- ननयम के व्दारा या उसके अिीन उसको सौपे गये कृत्यों के ननिहष न के अनकु्रम में सद्ग् भाि पिूकष क्रकया गया हो ।
(3) क्रकसी भी ऐसी िात के सम्िन्ि में जो क्रक इस अधिननयम के अिीन की गई हो या स्जसका उस तरह क्रकया जाना आशनयत रहा हो, कोई. भी िाद राज्य सरकार के विरुद्ग्ि
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ससं्स्थत नहीं क्रकया जायेगा तथा कोई भी अलभयोजन या िाद राज्य सरकार के सिेक के विरुद्ग्ि ससं्स्थत नहीं क्रकया जायेगा यदद ऐसा िाद या अलभयोजन उस काय ष की, स्जसकी क्रक लशकायत की गई हो तारीख से तीन मास के भीतर ससं्स्थत ने कर ददया गया हो परन्त इस उपद्ग्य परा के अिी न पररसीमा की कालािधि की सगंणना करने में िह समय जो उपिारा (1) के अिीन मकरी अलभप्राप्त करने में लगा हो छोड़ ददया जायेगा । 11 शस्ततयों और कायो का प्रत्यायोजन - राज्य शासन ऐसी शतो के अध्यिीन जैसी क्रक िह लगाना ठीक समझे, इम अधिननयम के अन्तगतष अपनी अथिा कोई भी शस्ततयां तथा काय ष क्रक सी भी प्राधिकारी को प्रत्यायोस्जत कर सकेगा । (दो) म० प्र० मनोरंजन शलु्क तथा विज्ञापन कर ननयम, 1942 के ननयम 16-क के, आिकारी आयतुत म० प्र० को ।
[ 12 स्थानीय प्राधिकारी व्दारा मनोरंजन कर के आरोपण पर रोक - (1) तत्समय प्रितृ्त क्रकसी अन्य अधिननयम में क्रकसी भी िात के होत े हुये भी, मध्य प्रदेश करािान विधि (विस्तारण) अधिननयम, 1957 के प्रितनष में आने 'के ददनांक को या उसके पश्चात,् कोई स्थानीय प्राधिकारी, क्रकसी मनोरंजन पर या उसके सम्िन्ि में, ऐसे ददनांक के पश्चात ्की क्रकसी अिधि के सम्िन्ि में, शलु्क या कर आरोवपत या िसलू नहीं करेगा ।
(2) राज्य शासन ऐसे प्रत्येक स्थानीय प्राधिकारी को, स्जसने मध्य प्रदेश करािान विधि (विस्तारण) अधिननयम, 1957 के प्रितनष में आने के पिू ष मनोरंजन के सम्िन्ि से कर या शलु्क आरोवपत कर ददया था, ऐसी अिधि के ललये तथा ऐसे लसद्ग्िान्तों के अनसुार जैसे क्रक इस िारे में विदहत क्रकये जािे, िावर्कष सहायक अनदुान देगा । [ (3) इस िारा में की गई कोई िात क्रकसी स्थानीय प्राधिकारी व्दारा तत्समय प्रितृ्त क्रकसी विधि के अतंगतष आरोपणीय प्रदशनष कर के आरोपण पर लाग ूनहीं होगी- स्पष्टीकरण - इस िारा के प्रयोजनों के ललये 'प्रदशनष कर' स ेअलभप्रेत है प्रत्येक-प्रदशनष अथिा अनषु्ठान के ललये ननस्श्चत रालश के रूप में मनोरंजन के स्ित्ि पर आरोपणीय करे ।
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i'.l'cflwlo; ~, ~ 23 3ffi<'! 2002 194 (24)
CHHA TIISGARH ADHINIY AM
(No.16 of 2002)
THE CHHATTISGARH MANORANJAN KAR EVAM VIGYAPAN SHULK
(SANSHODHAN) ADHINIY AM, 2002
( An Act further to amend the Chhattisgarh Manoranjan Kar EYam Vigyapan Shulk Adhiniyam, 1936.
, Be it enacted by the Chhattisgarh Legislature in the Fifty-third Year o[thc Republic or India as follows :-
I. (i) This Act may be called" TheChhattisgarhManoranjan Kar Evam Vigyapan Sh,1lk Short title. Extend
(Sanshodhan) Adhiniyam, 2002" (No. 16 of2002). and Cnmmenccmcnt.
(ii) It extends to the whole of Chhattisgarh State.
(iii) II shall come into force from the date of publication in the Official Gazette.
2. The existing table in Section 3-B of the Chhattisgarh Manoranjan Kar Evam Vigyapan Shulk Suhstilution of St..•c•
Adhiniyam, 1936 (No. 30 of 1936), shall be substituted by the following table: tiun 3-H.
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CHHATIISGARH ACT
(No. 18 of 2003)
THE CHHATTISGARH ENTERTAINMENT DUTY AND A·ovERTISEMENT TAX
(AMENDMENT) ADHINIYAM, 2003
An Act further to amend tlte Chhattisgarh Entertainment Duty and Advertisement Tax Act, 1936 (No. 30 of 1936).
Be it enacted by the Chhattisgarh Legislature in the Fifty fourth year of the Republic of India as follows :-
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I. (i) This Act may be called U1e Chhattisgarh Entertainment Duty and Advertisement Short title and Commencement.
Tax (Amendment) Act, 2003 (No. 18 of 2003).
(ii) It shall come into force with effect from 1st May, 2003.
2. In sub-section (I) of section 3 of U1e Principal Act for the words "seventy five perccntum" Amendment or Section 3.
the words "Thirty percentum" shall be substituted, and After first proviso of sub-section (I) of section 3 of the Principal Act, the following para shall be inserted, namely :-
"(i) The Cinema halls in a place having population upto 25,000 (Twenty five thousand) shall be exempted from operation of section 3 (I) of the Principal Act. ' (ii) A film made in Chhattisgadi dialect shall be exempted from operation of section ::.;· 3 (I) of the Principal Act."
Second proviso of sub-section (I) of section 3 of tl1e Principal Act shall be omitted I' t and followihg proviso shall be substituted, namely :-
"Provided furU1er that where cinematographic exl1ibitions are carried out in cinema hall, no duty shall levied on an amount, not exceeding as per mentioned in table specified below as may be detennined by tJ,e collector on the basis of payment for admission
22
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for providing facilities to persons admitted in the cine1na hall."
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S. No. Type of Cinema Rates of Service Charges (in rupees) per ticket
I. Nonnal Cinema Hall Rs. 2.00
2. Air cooled, Dolby, D. T. S. Rs. 3.00
3. Air conditioned, Dolby, D. T. S. Rs. 4.00
Amendment or 3. Clause (d) of S1~b-se.ction (2) cf ~ection 4 of U1je Pi"i1iCipal A~t sha1i be omitted. Section 4,
Repeal. 4. The Chhattisgarh Entertainment duty and Advertisement Tax (Amendment) Ordinance, 2003 (No. 2 of 2003) is hereby repealed.
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CHHATTISGARH ACT - --
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CHHATTISGARH ENTERTAINMENT DUTY AND ADVERTISEMENT TAX
(AMENDMENT) ACT, 2004
An Act further to amend the Chhattisgarh Entertainment Duty and Advertise- ment Tax Adhiniyam, 1936 (No. 30 of 1936}. ·
Be it enacted by the Chhattisgarh legislature in the fifty-fifth year of the Republic of India as follows :-
"I. . (i) This Act may be called the Chhattisgarh Entertainment Duty and Advertise- Short Title, Extent m~nt Tax (Amendment) Act, 2004. and Commencement.
,. (ii) It extends to the whole of Chhattisgarh.
(iii) It shall come into force from the date of its publication in Official Gazette.
2. In sub-section (1) of section 4-D of the Chhattisgarh Entertainment Duty and Adver-
Amendment of Sec-
tisement Tax Adhiniyam, 1936 (No. 30 of 1936} (Hereinafter referred to as the Princi-
tion.4•D.
pal Act) for the words "Commissioner of Revenue Division" tl)e words "Excise Commissioner"' shall be substituted.
Raipur. Member-in-charge
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CHHATIISGARH ACT
(No .• I I of 2004) TIIE CHHATTISGARH ENI'ERTAINMENTDUfY ANDADVERTISEMENTTAX
(AMENDMENT) ACT, 2004
An Act, further to amend the Chhattisgarh Entertainment Duty and Advertisement Tax Act, 1936 (No. 30 of 1936).
Be it enacted by the Chhattisgarh Legislature in the fifty-fifth Year of the Republic of India as follows:-
I. (D This Act may be called the Chhattisgarh Entertainment Duty and Advertise- Short title and
ment Tax (Amendment) Act, 2004 (No. 11 of,1004). · Commencement.
(ii) It shall _come into force from the date of its publication in the Official Gazette.
2 Section 3-C of the Chhattisgarh Entertainment Duty and Advertisement Tax Act, 1936 Amendment of Sec-
. ( No. 30 of 1936) shall be omitted. . lion 3.
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3. Chhattisgarh Entertainment Duty and Advertisement Tax (Amendment) Ordinance, Repeal.
2004 ( No. 3 of 2004) is hereby repealed .
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CHHA TIISGARH ACT
. (N~. 9 of 2008)
THE CHHATIISGARH ENTERTAINMENT DUTY AND ADVERTISEMENT
TAX (AMENDMENT) ACT, 2008
An Act further to amend the Chhattisgarh Entertainment Duty and Advertise- ment T~x Act, 1936 (No. 30 of 1936). ·
Be it enacted by the Chhattisgarh Legislature in the fifty_-nineth year of the Republic of ln4ia as follows :-
1.(l) TI1is Act may be called the Chhattisgarh .Entertainment Duty and Advertise- Short title, Extend ment Tax (Amendment) Act, 2008 (No. 9 of 200~)-
and Commencement. . ..(2) It extends to the whole of Chhattisgarh . '1
(3) It shall come into force from the date of its publication in the Official Gazette.
2. In para (i) of first proviso of sub-section (1) of section 3 of the Chhattisgarh Entertain-
Amendmentof ment Duty and Advertisement Tax Act, 1936 (No. 30 of 1936), for the words and Sectio~ 3. figure "25 thousand (twenty five thousand)" the words "One lakh" shall be substituted.
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CHHA TIISGARH ACT
(No. n of 2010)
THE CHHATTISGARH ENTERTAINMENT DUTY AND AilYERTlSEMENT
TAX (AMENDMENT) ACT, 2010
An Act further to amend the Chhattisgarh Entertainment Duty and Ad\'crtise- ment Tax Act, 1936 (No. 30 of 1936).
Be it enacted hy the Chhattisgarh Legislature in the Sixty-first year of the Republic of India, as follows :-
1.(1) This Act may be called the Chhattisgarh Entcrtainim:nl Duty and Advertise- Short title, extent ment Tax (Amendment) Ac_t, 2010. and commence-
ment.
(2) It extends to the whole State of Chhattisgarh. ·
(3) It shall come into force from the date of its publication in the Official Gazette.
2. In sub-section ( 1) of Section 4-D of the Chhattisgarh Entertainment Du~y and Adver-
Amendment of Section 4-D·. tisement Tax Act, 1936 (No. 30 of 1936), (hereinafter referred to as the Principal Act), for the words "Excise Commissioner" the words "Commissioner of ·Revenue Division"
shall be substituted.
3. In the Principal Act, wherever word "Cable" occur, in place of that words •·cablci'D.T.H. Amendment in the
. said Act. (Direct to Home)" shall be substituted.
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CHHATIJSGARH ACT
(No. 21 of 2010)
THE CHHATTISGARH ENTERTAINMENT DUTY AND ADVERTISEMENT TAX
(AMENDMENT ACT, 2010
An Act further to amend the Chhattisgarh Entertainment Duty and Advertise- ment Tax Act, 1936 (No. 30 of 1936).
Be it enacted by the Chhattisgarh Leg.slature in the Sixty-first year of the Republic of India, as follows :-
1. (I) This Act may be called the Chhattisgarh Entertainment Duty and Advertise-
Short title, extent
ment Tax (Amendment) Act, 2010 (No of2010). and commence- ment.
(2) It extends to the whole State of Chhattisgarh.
(3) It shall come into force from the date of its publication in the Official Gazette.
2. In proviso to sub-section (l) of Section 3 of the Chhattisgarh Entertainment Duty and Amendment of Section 3.
Advertisement Tax Act, 1936 (No. 30 of 1936), for the words "fifty paise" the words
"fifty rupees" shall be substituted and the word "except" shall be omitted.
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CHHATTTSGARH ACT
(No. 11 of 2015)
THE CHHATTISGARH ENTERTAINMENTS DUTY AND ADVERTISEMENTS
TAX (AMENDMENT) ACT, 2015
An Act to further amend the Chhattisgarh Entertainments Duty and Advertisements Tax Act, 1936 (No. 30 of 1936).
Be it enacted by the Chhattisgarh Legislature in the Sixty-sixth Year of the Republic of India, as follows:-
I. (I) This Act may be called the Chhattistgarh Entertainments Duty and Short title, extent and Advertisements Tax (Amendment) Act, 2015. commencement.
(2) ft shall extend to the whole State of Chhattisgarh.
(3) It shall come into force from the date of its publication in the Official Gazette.
2. In sub-section (I) of Section 3 of the Chhattisgarh Entertainments Duty and Amendment of Advertisements Tax Act, 1936 (No. 30 of 1936) , after the words "thirty percentum Section 3. thereof'' and before the punctuation colon " :", the words "but in case of geme/sport played for commercial purpose, entertainment duty at the rate of ten percentum shall be payable" shall be inserted.
46